
यह है। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जो एक ब्राह्मण है। जिन्होंने सनातनीयो को जगाने का प्रयास अपने कथाओं के माध्यम से किया या यूं कहें करते रहते हैं। और इन्होंने एक बयान भगवान श्री कृष्ण पर किया लेकिन एक दोहा आप लोग पढ़े।।
टेढ़ी मुकुट, टेढ़ी लकुट, टेढ़े नैन विशाल।
अद्भुत छवि त्रिभंग की, उर सोहै बनमाल॥
अर्थात्: जिनका मुकुट टेढ़ा है, हाथ की लाठी टेढ़ी है, और जिनके विशाल नैन भी तिरछे और रसीले हैं; ऐसे तीन जगह से मुड़े (त्रिभंग) श्यामसुंदर के गले में वैजयंती माला सुशोभित हो रही है।) सूरदास जी द्वारा रचित है।
41 मुकदमों के आरोपी पप्पू यादव या और भी समस्त ऐसे व्यक्ति जो शास्त्री को अपराधी मानते हैं। उन्हें पहले सूरदास पर भी मुकदमा करना चाहिए। और रही बात ब्राह्मणो कि तो सनातनीय परम्पराओं के लिए ब्राह्मण सदैव अपने प्राण न्यौछावर करते रहे हैं। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ ऐसा नहीं कहा जिससे आप लोगों कि भावना आहत हो और बेचैनी बढ़ जाएं ।।
यह विषय सोचनीय है। समस्त सनातनी व ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया गया है।
जय हो बागेश्वर धाम जय हो संन्यासी बाबा ।
आप सभी सनातनी को सादर प्रणाम 🙏