
उमरड़ा के यूरेनियम मुद्दे को लेकर ACS अखिल अरोड़ा से मिले प्रतिनिधिमंडल
उदयपुर 21 अगस्त 2026 । जयपुर में ग्राम उमरड़ा में यूरेनियम अन्वेषण क्षेत्र के कारण विकास कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव तथा ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, जिला परिषद सदस्य शंकर पटेल, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र टांक एवं संजय खतुरिया ने राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय में Additional Chief Secretary (ACS) अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर उमरड़ा क्षेत्र के यूरेनियम मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।
विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि ग्राम पंचायत उमरडा के राजस्व ग्राम उमरड़ा में समस्त विकासात्मक कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा जानकारी प्राप्त करने पर यूरेनियम जोन घोषित होने तथा बस्तियों को प्रतिबंधित करने एवं विकासात्मक कार्यों से पृथक करने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई है। ग्राम उमरडा क्षेत्र में वर्षों पुरानी बसावट एवं घनी आबादी विद्यमान है। ग्राम में चौकवाडा, हेमला डूंग, तगड़ा फला, डूंग चौराहा, वंद का फला, पटेलो का फला, चारभुजा मंदिर, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, पटवार भवन, बालिका छात्रावास, उप स्वास्थ्य केन्द्र, पानी की टंकी सहित आमजन के सैकड़ों मकान बने हुए हैं तथा खेती की भूमि है।
ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्राम उमरडा की लगभग 70 प्रतिशत आबादी निवासरत क्षेत्र में है। उपखण्ड कार्यालय गिर्वा एवं उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) द्वारा जारी पट्टों पर मकान बन चुके हैं एवं निर्माण प्रगतिरत हैं तथा सम्पूर्ण क्षेत्र उदयपुर विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2031 में आवासीय दर्ज है।
ग्राम पंचायत उमरडा द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। वर्तमान प्रतिबंधों के कारण इन योजनाओं एवं ग्रामवासियों की मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत उमरड़ा की लगभग 70 प्रतिशत आबादी यूरेनियम जोन में निवासरत होने के कारण निवासरत नागरिकों की आधारभूत सुविधाओं (चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल, सड़क, बिजली, आवास, पट्टा इत्यादि) के संबंध में विकासात्मक कार्यों हेतु आवश्यक मार्गदर्शन/अनापत्ति प्रदान करवाने की कृपा करें। साथ ही वास्तविक प्रभावित क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन करवाकर गैर-प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से बाधित न होने दिया जाए। ग्रामवासियों के जनहित एवं मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रकरण में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
भाजपा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा मिडिया प्रभारी बी.एल. डांगी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने ACS अखिल अरोड़ा को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन देते हुए बताया कि यूरेनियम अन्वेषण क्षेत्र के कारण ग्राम उमरड़ा में विकास कार्य, भूमि कन्वर्जन, नामांतरण एवं निर्माण स्वीकृतियों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम की आबादी, पंचायत भवन, विद्यालय, मंदिर, आवासीय मकानों, किसानों की भूमि तथा आधारभूत सुविधाओं की स्थिति से भी अवगत कराया और मांग रखी कि यूरेनियम अन्वेषण क्षेत्र का वास्तविक एवं स्पष्ट सीमांकन कराया जाए तथा प्रभावित और गैर-प्रभावित क्षेत्र को खसरा-वार स्पष्ट किया जाए, ताकि गैर-प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के सामान्य विकास कार्य अनावश्यक रूप से बाधित न हों।
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने Atomic Minerals Directorate (AMD), Western Region के क्षेत्रीय निदेशक से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए ग्राम उमरड़ा की आबादी एवं वहां स्थित सार्वजनिक संस्थानों तथा आधारभूत सुविधाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान की मांग की गई एवं ग्राम उमरड़ा, तहसील गिर्वा, जिला उदयपुर के यूरेनियम जोन में आधारभूत सुविधाओं (चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल, सड़क, बिजली, आवास, पट्टा इत्यादि) के विकास कार्यों हेतु मार्गदर्शन/अनापत्ति प्रदान करवाने के लिये कहा।
प्रतिनिधिमंडल ने AMD के समक्ष विशेष रूप से मांग रखी कि वास्तविक प्रभावित क्षेत्र का खसरा-वार सीमांकन किया जाए और गैर-प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्यों, कन्वर्जन, नामांतरण एवं निर्माण स्वीकृतियों का रास्ता स्पष्ट किया जाए। साथ ही जिला प्रशासन, UDA एवं AMD की संयुक्त बैठक/जनसुनवाई आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें - यूरेनियम अन्वेषण क्षेत्र का स्पष्ट एवं खसरा-वार सीमांकन। प्रभावित एवं गैर-प्रभावित क्षेत्र का अधिकृत नक्शा एवं विवरण उपलब्ध कराना। ग्राम उमरड़ा की आबादी एवं सार्वजनिक संस्थानों को अनावश्यक प्रतिबंधों से सुरक्षित रखना। गैर-प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्य, कन्वर्जन, नामांतरण एवं निर्माण स्वीकृतियों का रास्ता खोलना। UDA, AMD एवं जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक/जनसुनवाई आयोजित करना।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण राष्ट्रीय हित में यूरेनियम अन्वेषण से संबंधित गतिविधियों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग यह है कि ग्राम की आबादी, किसानों की भूमि एवं आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों और वास्तविक स्थिति के आधार पर न्यायसंगत एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कार्यालय एवं संबंधित विभागों के स्तर पर इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.