
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद को मिला एक और झटका, दरअसल, गोंडा के चर्चित विनोद साहनी हत्याकांड के बाद निलंबित किए गए परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी को 19 दिन में बहाल कर दिया गया। एसपी अभिषेक झा ने मंगलवार रात करीब 11:30 बजे उन्हें बहाल करने के साथ कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र की भभुआ पुलिस चौकी का प्रभारी भी नियुक्त कर दिया। बहाली के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
9 सितंबर को विनोद साहनी हत्याकांड के बाद 10 सितंबर को लखनऊ में केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद धरने पर बैठे थे। उन्होंने परसपुर थानाध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग की थी। इसके बाद एसपी ने कमल शंकर चतुर्वेदी को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई थी।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री संजय निषाद की थानेदार से फोन पर बातचीत भी हुई थी। इस दौरान मंत्री ने कथित तौर पर उन्हें 'बदमाश' तक कह दिया था। इसके बाद थानाध्यक्ष के निलंबन की कार्रवाई हुई थी।
अब 19 दिन बाद उसी अधिकारी की बहाली और नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा इस बात को लेकर है कि जिस अधिकारी पर मंत्री ने गंभीर आरोप लगाए थे, उसे इतनी जल्दी दोबारा पुलिस चौकी की जिम्मेदारी कैसे मिल गई।
बहाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कैबिनेट मंत्री के मीडिया प्रतिनिधि राजीव यादव ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय मामला एसपी का व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र है। घटना के समय मंत्री की जो मांग थी, उसके आधार पर कार्रवाई हो चुकी थी।
वर्तमान फैसले से मंत्री का कोई सीधा सरोकार नहीं है। इस बयान के बाद बहाली को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा पर मंत्री पक्ष ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। वहीं पुलिस विभाग ने इसे प्रशासनिक फेरबदल के तहत लिया गया फैसला बताया है।
एसपी अभिषेक झा ने मंगलवार देर रात चार पुलिस अधिकारियों के तबादले और तैनाती के आदेश जारी किए। पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक पवन कुमार वर्मा को मनकापुर थाने का अतिरिक्त निरीक्षक बनाया गया है। पुलिस लाइन में मौजूद इंस्पेक्टर श्रवण कुमार वर्मा को कोतवाली देहात में अतिरिक्त निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कर्नलगंज थाने में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक रामाशंकर राय को हटाकर खरगूपुर थाने का अतिरिक्त निरीक्षक बनाया गया है।