
बाइक-स्कूटी की भिड़ंत में गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत
श्रीकोट पुलिस चौकी के पास हुआ था हादसा, महिला समेत चार घायल; दो के पैर में फ्रैक्चर
श्रीनगर। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीकोट पुलिस चौकी के समीप रविवार रात बाइक और स्कूटी की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई थी। हादसे में गर्भवती महिला समेत चार लोग घायल हो गए। दुर्घटना में महिला के गर्भ में पल रहे करीब 35 सप्ताह यानी आठ माह के शिशु की मौत हो गई। हादसे में दो घायलों के पैर में फ्रैक्चर आया है।
हादसा श्रीकोट पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर पहले हुआ। बताया गया कि विपरीत दिशा से आ रही बाइक और स्कूटी की अचानक भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों पर सवार चारों लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राजेश असवाल पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
अल्ट्रासाउंड में नहीं मिली बच्चे की धड़कन :
अस्पताल पहुंचने पर गर्भवती महिला का तत्काल अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसमें गर्भस्थ शिशु की धड़कन कम पाई गई। सोमवार को दोबारा अल्ट्रासाउंड किए जाने पर चिकित्सकों ने करीब 35 सप्ताह के गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि की।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नवज्योति बोरा ने बताया कि हादसे के दौरान महिला सड़क पर पेट के बल गिरी थी। इससे गर्भस्थ शिशु को गंभीर चोट पहुंचने की आशंका है। महिला की अन्य आवश्यक जांचें की जा रही हैं। जांच के बाद मृत शिशु को बाहर निकालने के लिए चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दो घायलों के पैर में फ्रैक्चर :
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव नौडियाल के अनुसार घायल कृष राणा के पैर और जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर है। उसका ऑपरेशन किया जाना है। हरीश के पैर में भी हल्का फ्रैक्चर बताया गया है। वहीं अभिषेक के चेहरे पर चोट आई है। गर्भवती महिला के पैर में भी चोट बताई गई है।
CCTV फुटेज में कैद हुआ हादसा :
हादसे का घटनाक्रम पास लगे CCTV कैमरे में भी कैद हुआ है। सामने आए फुटेज में सड़क पर एक बोलेरो खड़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि बोलेरो में पार्किंग लाइट या इंडिकेटर नहीं जल रहे थे। ऐसे में सड़क पर खड़े वाहन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि हादसा किस वजह से हुआ और इसमें किसकी गलती थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस को नहीं मिली तहरीर :
श्रीकोट पुलिस चौकी प्रभारी राजेश असवाल ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।