
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड 7 लाख रूपये की स्वीकृति
अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे।
कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है।
Sagar, Sagar | Oct 1, 2026