
सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाली डेल्हा मोड़ की मुख्य सड़क बदहाल, जिम्मेदार कौन?
डेल्हा। मैहर जिले के डेल्हा मोड़ से गुजरने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है। यह सड़क आसपास के सैकड़ों गांवों को जोड़ने के साथ-साथ रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीणों, वाहन चालकों और आम लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि वर्षों से बनी इस समस्या का जिम्मेदार आखिर कौन है और इसका समाधान कब होगा? यह वही सड़क है, जहां एमपीआरडीसी के टोल बैरियर को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। मैहर जिले में आयोजित एक बैठक के दौरान सांसद गणेश सिंह ने तत्कालीन कलेक्टर से कथित तौर पर सवाल किया था कि संबंधित टोल बैरियर किस आधार पर संचालित किया जा रहा है और यदि यह अवैध है तो इसका संचालन कैसे हो रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में आज तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब सड़क की बदहाली को लेकर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। यदि इस मार्ग पर नियमित रूप से टोल की वसूली की जा रही है तो सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है? आखिर सड़क से राजस्व लेने वाली व्यवस्था के बावजूद लोगों को खराब सड़क से क्यों गुजरना पड़ रहा है 100 मीटर सड़क बनी बड़ी समस्या स्थानीय लोगों के मुताबिक डेल्हा मोड़ के आसपास सड़क का एक हिस्सा लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर गड्ढे और खराब सतह के कारण बारिश के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ चार पहिया और भारी वाहनों को भी यहां से निकलने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, उसके महज करीब 100 मीटर हिस्से का निर्माण या सुधार वर्षों से लंबित रहना गंभीर सवाल खड़ा करता है। लोगों का आरोप है कि समस्या सामने होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों और संबंधित एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। उद्योगों के वाहनों से भी बढ़ता दबाव क्षेत्र में संचालित उद्योगों और वहां आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण भी सड़क पर लगातार दबाव बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है। ऐसे में यदि सड़क को नुकसान पहुंच रहा है तो संबंधित उद्योगों और सड़क निर्माण एवं रखरखाव एजेंसी के बीच जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सड़क की खराब स्थिति उद्योगों के भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हो रही है तो संबंधित उद्योगों से सड़क के सुधार के लिए जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती?
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से उम्मीद
मैहर जिले में प्रशासन द्वारा जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के कई उदाहरण सामने आते रहे हैं। ऐसे में डेल्हा मोड़ की सड़क की समस्या को लेकर भी स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और एजेंसी से जवाब मांगेंगे। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, टोल वसूली की वैधता और शर्तों को सार्वजनिक किया जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि सड़क के रखरखाव और निर्माण की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की है।डेल्हा और आसपास के गांवों के लोगों की परेशानी अब केवल सड़क के गड्ढों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह व्यवस्था की जवाबदेही का सवाल बन चुकी है। यदि सड़क पर टोल वसूला जा रहा है तो उसके बदले लोगों को बेहतर सड़क सुविधा क्यों नहीं मिल रही? यदि सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एमपीआरडीसी की है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? और यदि सड़क को उद्योगों के भारी वाहनों से नुकसान पहुंच रहा है तो संबंधित उद्योगों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही? अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच कर स्पष्ट करे कि डेल्हा मोड़ की बदहाल सड़क की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान कब तक होगा।