
नाम नहीं, पहले बक्सर की व्यवस्था बदले; विरासत को विकास से मिले विश्वव्यापी पहचान : राघव कुमार पाण्डेय
बक्सर । अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राघव कुमार पाण्डेय ने कहा कि केवल नाम बदलने से किसी नगर की वास्तविक परिस्थितियां नहीं बदलतीं। बक्सर की पहचान उसकी प्राचीन विरासत, संस्कृति और धार्मिक परंपरा से है, लेकिन इसके साथ बिजली, सड़क, स्वच्छता, जल-निकासी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि बक्सर को प्राचीन सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की मांग उठ रही है, तो पहले यहां की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण, बेहतर संपर्क मार्ग, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के साथ धार्मिक पर्यटन को विकसित करने की ठोस योजना बननी चाहिए।
पाण्डेय ने कहा कि “नाम परिवर्तन विकास का विकल्प नहीं हो सकता। बक्सर का नाम बदलने की चर्चा से पहले बक्सर की दशा बदलने की चर्चा होनी चाहिए।” उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनसमस्याओं के समाधान के साथ बक्सर की प्राचीन विरासत को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में काम करने की अपील की।
Buxar, Buxar | Aug 17, 2026