
करोड़ों के फ्लैट निवेश का लालच देकर 76.80 लाख हड़पने वाला आरोपी पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में, आरोपी 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
जाली दस्तावेज और मृत व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर दिखाकर की धोखाधड़ी, अन्य संदिग्धों की संलिप्तता का पता लगाने में जुटी पुलिस
आरोपी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हुआ था फरार
पंचकूला/ 23 जून :-पंचकूला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-1 ने रियल एस्टेट के नाम पर करीब 76.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने, जाली दस्तावेज तैयार करने और मृत व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों को ठगने वाले मुख्य आरोपी भूषण मित्तल को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी भूषण मित्तल, जो मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है और पिछले कुछ सालों सें मोहाली, पंजाब में रह रहा है। पंचकूला निवासी व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सेक्टर-14 थाने में 30 अक्टूबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा।
प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह के अनुसार आरोपी भूषण मित्तल और उसकी पत्नी ने शिकायतकर्ता अशोक कुमार, उनकी पत्नी और रिश्तेदारों को रॉयल एम्पायर, पीर मुछल्ला इलाके में अलग-अलग सात फ्लैट दिखाए और उन पर मोटा रिटर्न दिलाने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने लगभग 76.80 लाख रुपये की बयाना राशि आरोपी को नकद और ऑनलाइन माध्यम से दे दी। बाद में आरोपी ने पीड़ितों को ठगने के लिए कंपनी के जाली लेटरहेड पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर और कब्जा पत्र सौंप दिए। आरोपी ने एक मृत व्यक्ति के नाम पर भी फर्जी बिक्री समझौता तैयार कर पीड़ितों को सौंप दिया। जब पीड़ितों को इस धोखाधड़ी की भनक लगी और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उन्हें धमकियां दीं और उसके द्वारा दिए गए चेक भी बैंक में बाउंस हो गए। मामलें की जांच एएसआई मनोज कुमार द्वारा की जा रही है।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता: आरोपी भूषण मित्तल को आज माननीय अदालत में पेश कर उसका 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। रिमांड के दौरान हमारी टीम आरोपी के राजस्थान स्थित निवास पर जाएगी, जहां से ठगी की रकम बरामद की जानी हैं। इसके अलावा, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल की गई जाली मोहरों को बरामद किया जाना बाकी है। हमारी टीम इस मामले में आरोपी के अन्य मददगारों और इस मामलें में शामिल अन्य संदिग्धों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए गहनता से पूछताछ कर रही है।
Uklana, Hissar | Jun 23, 2026