
सफलता की कहानी
..
लाडली लक्ष्मी योजना बनी बेटियों के सपनों की उड़ान, निकिता और तमन्ना ने दिखाई सफलता की राह
..
योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उच्च शिक्षा का मार्ग किया आसान, बेटियों में बढ़ा आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद
..
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन रही है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी उपलब्ध करा रही है। इसका जीवंत उदाहरण परियोजना नटेरन अंतर्गत ग्राम रिनिया की बालिका निकिता कुशवाह एवं ग्राम गूजरखेड़ी की बालिका तमन्ना रघुवंशी हैं, जो योजना के सहयोग से उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।
निकिता और तमन्ना दोनों सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवारों से संबंध रखती हैं। परिवार की सीमित आय के कारण उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समय पर उनका पंजीयन लाडली लक्ष्मी योजना में कराया गया, जिससे उन्हें शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न किश्तों एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त हुआ।
दोनों बालिकाओं को योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं में ₹2,000, कक्षा 9वीं में ₹4,000, कक्षा 11वीं में ₹6,000 तथा कक्षा 12वीं में ₹8,000 की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से पुस्तकों, अध्ययन सामग्री, स्कूल ड्रेस एवं अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति संभव हो सकी। इससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ और बालिकाओं को अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने का उत्साह मिला।
वर्तमान में दोनों बालिकाएँ उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के प्रथम वर्ष में उन्हें ₹12,500 की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है तथा स्नातक के अंतिम वर्ष में भी ₹12,500 की अतिरिक्त सहायता राशि मिलने से आगे की शिक्षा एवं कैरियर निर्माण में और अधिक सहायता मिलेगी। शासन द्वारा दी जा रही यह सहायता उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
निकिता कुशवाह का कहना है कि लाडली लक्ष्मी योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास दिया है। योजना से मिली आर्थिक सहायता के कारण वह अपनी शिक्षा पूरी कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वहीं तमन्ना रघुवंशी बताती हैं कि योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया है और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। दोनों बालिकाओं का सपना है कि वे भविष्य में अच्छी नौकरी प्राप्त कर अपने माता-पिता, गांव और जिले का नाम रोशन करें।
बालिकाओं के परिजनों ने बताया कि बेटियों की शिक्षा को लेकर उन्हें हमेशा चिंता रहती थी, लेकिन लाडली लक्ष्मी योजना ने उनकी इस चिंता को काफी हद तक कम कर दिया। योजना से मिलने वाली सहायता ने बेटियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभाग द्वारा पात्र बालिकाओं का नियमित चिन्हांकन कर उनका समय पर पंजीयन कराया जाता है, ताकि कोई भी बालिका शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि आज अनेक बेटियाँ लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ लेकर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।
निकिता और तमन्ना सहित उनके परिवारों ने मध्यप्रदेश शासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
निकिता कुशवाह और तमन्ना रघुवंशी ने अन्य बालिकाओं को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यदि दृढ़ संकल्प और शासन की योजनाओं का सहयोग मिले, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। लाडली लक्ष्मी योजना ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है और वे चाहती हैं कि प्रदेश की हर बेटी इसका लाभ लेकर अपने भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए।
Jansampark Madhya Pradesh
#JansamparkMP #vidisha