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तमक नाले में लापता व्यक्ति की तलाश दूसरे दिन भी जारी

चमोली। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण वैली ब्रिज बहने की घटना के बाद लापता हुए एक व्यक्ति की तलाश में रेस्क्यू अभियान आज दूसरे दिन भी लगातार जारी है।

तेज जलप्रवाह के चलते तमक नाले में अचानक पानी का सैलाब आया, जिसकी चपेट में आकर वैली ब्रिज बह गया। इस हादसे के बाद एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना सामने आई थी। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

तेज बहाव, उफनते नाले और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद लापता व्यक्ति की तलाश में अभियान लगातार जारी रखा गया है।

वैली ब्रिज के बहने से ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था और मार्ग को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल रेस्क्यू अभियान जारी है और लापता व्यक्ति की तलाश में टीमें हर संभावित स्थान पर सर्च कर रही हैं।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने विकसित किया फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप, सफल परीक्षण का दावा

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अल्मोड़ा निवासी रवि टम्टा, जो HAPIDA Sky Private Limited के संस्थापक एवं सीईओ हैं, ने अपने द्वारा विकसित HAPIDA SKYNeX फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण की घोषणा की है।

रवि टम्टा के अनुसार, HAPIDA SKYNeX एक सुरक्षित और इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है, जिसे भविष्य में व्यक्तिगत हवाई परिवहन (Personal Sky Mobility) के लिए विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में व्यक्तिगत हवाई यात्रा की नई संभावनाओं को साकार करना है।

बताया जा रहा है कि वर्षों के अनुसंधान, डिजाइन और परीक्षण के बाद प्रोटोटाइप ने सफल उड़ान भरी है। इसे परियोजना की दिशा में पहला महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
🚨 चमोली: नीती घाटी में बारिश का कहर, वैली ब्रिज बहा; 17 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित

चमोली। जिले की सीमांत नीती घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जोशीमठ से करीब 37 किलोमीटर आगे लोंग (तमक) के पास तेज बहाव की चपेट में आने से हाल ही में बना वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होकर बह गया।

पुल के बहने से नीती घाटी की ओर जाने वाला सड़क मार्ग बाधित हो गया है और 17 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। तेज बारिश के कारण तमक नाले का जलस्तर भी अचानक बढ़ गया।

घटना के बाद क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से बारिश के दौरान नदी-नालों और प्रभावित मार्गों पर जाने से बचने की अपील की गई है।

⚠️ सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं।

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पहाड़,बारिश,पंछी और ये खुबसूरत नज़ारा 🫠🫰
🚨 चमोली की नीति घाटी में बादल फटने से तबाही, गाड़ियां और वैली ब्रिज बहा

चमोली जिले की नीति घाटी में बादल फटने के बाद तबाही का खौफनाक वीडियो सामने आया है। तमक गधेरे में आज एक के बाद एक तीन बार बादल फटने से अचानक पानी का सैलाब आ गया।

तेज बहाव की चपेट में आकर कई गाड़ियां बह गईं, वहीं BRO की ओर से बनाया गया वैली ब्रिज भी पानी के तेज बहाव में बह गया।

ब्रिज के बहने से नीति घाटी का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क बाधित हो गया है। वहीं, घटना के बाद BRO के एक ऑपरेटर के लापता होने की सूचना सामने आई है।

जोशीमठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार, उनकी BRO के मेजर से फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें एक ऑपरेटर के लापता होने की जानकारी दी गई है।

⚠️ भारी बारिश के बीच सीमांत क्षेत्र में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
अगर तुम चुप रहे,

तो वो छीन लेंगे
तुम्हारे खेतों से अन्न,
नदियों से पानी
और पहाड़ों से सुकून।

अगर तुम चुप रहे,

तो वो छीन लेंगे,
तुम्हारे बुग्यालों से रौनक,
जंगलों से हरियाली
और गांवों से खुशहाली।

अगर तुम चुप रहे,

तो वो काट देंगे
तुम्हारे पुरखों के लगाए जंगल,
बाँट देंगे पहाड़ों की छाती,
और बेच देंगे तुम्हारी विरासत।

अगर तुम चुप रहे,

तो आने वाली पीढ़ियाँ
सिर्फ तस्वीरों में देखेंगी
वो पहाड़,
जिन्हें बचाने की ज़िम्मेदारी
आज तुम्हारी थी।

अगर तुम चुप रहे,
तो इतिहास यह नहीं लिखेगा कि 
पहाड़ उजड़ गए, 
इतिहास यह लिखेगा कि 
उस वक्त पहाड़ों के लोग चुप रहे।
अल्मोड़ा: जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के खनकारी गूंट ग्राम पंचायत के तिमरी तोक के स्कूली बच्चों का सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया गया भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में बच्चे मुख्यमंत्री से गांव तक सड़क बनाने की अपील करते हुए कहते हैं, "सीएम सर, हमें सड़क दे दीजिए।" उनका कहना है कि उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए प्रतिदिन करीब 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, कासन बैंड से तिमरी तक लगभग 7 किलोमीटर सड़क की मांग कई वर्षों से की जा रही है। सड़क का सर्वे भी हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि गांव के 15 से अधिक छात्र-छात्राएं रोजाना इसी पैदल मार्ग से स्कूल पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द सड़क निर्माण शुरू कर बच्चों और ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है।
एक आवाज़… जो पहाड़ की धड़कन बन गई 

कुछ आवाज़ें सिर्फ कानों तक नहीं पहुँचतीं,
वे सीधे दिल में उतर जाती हैं।

श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी की आवाज़ भी ऐसी ही एक आवाज़ है—
जिसमें हमें अपना गाँव सुनाई देता है,
अपनी माँ की बोली सुनाई देती है,
खेतों की मिट्टी की खुशबू आती है,
पहाड़ की पगडंडियाँ दिखाई देती हैं
और दूर शहरों में बसे अपने लोगों की याद आती है।

उनके गीतों में सिर्फ सुर और शब्द नहीं हैं…
उनमें पूरा उत्तराखंड सांस लेता है।

कभी उनके गीत पहाड़ के प्रेम को गुनगुनाते हैं,
कभी गाँव की खुशियों को,
कभी पलायन के दर्द को,
कभी खाली होते घरों को,
तो कभी व्यवस्था से सवाल करते हुए
हमारे भीतर सोई हुई आवाज़ को जगा देते हैं।

शायद यही वजह है कि
दशकों बाद भी उनके गीत पुराने नहीं लगते…
क्योंकि पहाड़ का दर्द पुराना नहीं हुआ,
पहाड़ का प्रेम कम नहीं हुआ,
और अपनी मिट्टी से हमारा रिश्ता आज भी वही है।

नेगी जी,
आपने सिर्फ गीत नहीं लिखे…
आपने हमारी पीढ़ियों की यादें लिखी हैं।
हमारे पहाड़ की कहानी लिखी है।
हमारी पहचान को आवाज़ दी है।

आज आपके जन्मदिन पर
बस इतनी-सी कामना है—
आपकी आवाज़ यूँ ही गूंजती रहे,
आपकी कलम यूँ ही पहाड़ के मन को शब्द देती रहे
और आने वाली पीढ़ियाँ भी आपके गीतों में
अपने पहाड़ को महसूस करती रहें।

जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ नेगी जी 🙏

@officialnegida 🫰♥️
धराली आपदा को एक साल: ज़ख्म आज भी ताज़ा, सबक अभी भी बाकी

आज धराली आपदा को एक वर्ष पूरा हो गया। इस आपदा ने कई परिवारों की ज़िंदगी बदल दी और उत्तराखंड को एक बार फिर पहाड़ों की संवेदनशीलता का एहसास कराया।

एक साल बाद भी प्रभावित परिवार उस भयावह दिन को नहीं भूल पाए हैं। पुनर्वास, सुरक्षित विकास, समय पर चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

धराली की इस त्रासदी में जान गंवाने वालों को विनम्र श्रद्धांजलि और प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ।
देहरादून: UKSSSC पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की ₹63.30 लाख मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को PMLA के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।

ED के अनुसार, 2021 की VDO/VPDO भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच के दौरान हाकम सिंह पर अभ्यर्थियों से करीब ₹95 लाख वसूलने और उस धन को संपत्तियों में निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग करने के साक्ष्य मिले हैं। मामले की जांच अभी जारी है।

@the.uttarakhand.now — The Uttarakhand Now
ये है भ्रष्टाचार का नया उदाहरण। प्रेमनगर पर बने नए पुल का एक हिस्सा धंसा। 16 दिन पहले 16 करोड़ की लागत से बना है ये पुल। अब इसकी मुरम्मत का भी टेंडर निकलेगा क्या? और उसमें फिर पैसा खाया जाएगा
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, जीता कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम (स्नैच 85 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 105 किग्रा) वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया।

उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। यह मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक है, जो भारतीय वेटलिफ्टिंग के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इस जीत के साथ मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे देश में खुशी की लहर है।

🇮🇳 भारत को आप पर गर्व है, मीराबाई चानू! 🥇💪
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उत्तराखंड शिक्षा मंत्री का बयान वायरल

"उत्तराखंड में कहीं भी पेपर लीक के मामले नहीं"

अल्मोड़ा में 42 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने पहुंचे शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कहीं भी पेपर लीक की घटनाएं नहीं हुई हैं।
नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों में जनसरोकार @officialnegida

@pahadnama को फॉलो करें, हमसे जुड़े
कैसे मिला था हमें अपना उत्तराखंड राज्य? ऐसे मिला था... सालों के संघर्ष के बाद, मुलायम सिंह यादव की सरकार के अत्याचारों के बाद, पुलिस की गोलियों के बाद और आखिर में 42 लोगों के प्राणों का बलिदान देने के बाद... उन शहीद हुए लोगों के सपनों का उत्तराखंड कब बनेगा?

ये वीडियो हर एक उत्तराखंडी तक जानी चाहिए। इसमें हमारे लिए लड़े,हमारे भविष्य के लिए लड़े हजारों,लाखों आंदोलनकारियों का त्याग है। हम उनके आजीवन ऋणी रहेंगे

शत शत नमन 🙏
चार कंधे... और एक सवाल।

साल 2026।

जब देश विकास की नई ऊंचाइयों की बात कर रहा है, तब उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के जटोली गांव में एक बीमार इंसान को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि चार इंसानी कंधों का सहारा लेना पड़ रहा है।

दो लकड़ी के डंडे, एक रस्सी, एक चादर... और इन्हीं से तैयार हुआ एक अस्थायी स्ट्रेचर। क्योंकि गांव तक सड़क नहीं है। एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती। मोबाइल नेटवर्क नहीं है। सबसे नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र भी 10 किलोमीटर से अधिक दूर है।

सोचिए... बीमारी से जूझ रहा एक व्यक्ति दर्द सह रहा है, और उसके अपने हर कदम पर इस डर के साथ चल रहे हैं कि कहीं रास्ते में कुछ अनहोनी न हो जाए।

यह सिर्फ़ एक गांव की कहानी नहीं है।
यह उत्तराखंड के सैकड़ों गांवों की कहानी है।
तखि बजार बजर्या सामान, तखि चूड़ी पैज्यूँ की दुकान..."
यानी बाज़ार में तरह-तरह का सामान और चूड़ियों की दुकानें सजी हैं।

"झुमकी, छुबकी, माला मोल्यूलूँ, गोरी हाथ्यूँ मा चूड़ी पेरोलूँ..."
यानी तुम्हारे लिए झुमके, माला खरीदूँ और हाथों में चूड़ियाँ पहनाऊँगा

"मेरी मिजाजा जवाना, कौशिया देखयूलां धिंगतालो..."

इन पंक्तियों में सिर्फ़ बाज़ार का ज़िक्र नहीं, बल्कि पहाड़ के मेलों की रौनक, लोकजीवन की सादगी और प्रेम की मासूमियत भी बसती है।
झुमकों, चूड़ियों और मेलों के बहाने नेगी दा ने एक ऐसे दौर की तस्वीर उकेरी है, जहाँ रिश्तों में अपनापन था, छोटी-छोटी चीज़ों में खुशियाँ थीं और लोकभाषा में जीवन की मिठास झलकती थी।

ऐसी ही पोस्ट्स के लिए @pahadnama से जुड़े
आज दिन भर सुर्खियों में रहा नंदा की चौकी का पुल आवाजाही के लिए शुरू हुआ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जाँच के आदेश दिए वैसे ये ऑडियो काफी रिटेबल हो गया इस तस्वीर के लिए 😁
दिल्ली | मालवीय नगर अग्निकांड मामला

मालवीय नगर अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रसोइया केसर नेगी को साकेत जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें सख्त शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास किया हो, सबूतों के साथ छेड़छाड़ की हो या जांच में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की हो। अदालत ने यह भी माना कि केवल आशंकाओं के आधार पर किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।

जमानत की प्रमुख शर्तें:
जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
सबूतों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
बिना अदालत की अनुमति देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे।
जांच अधिकारी और अदालत के बुलाने पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
आय से अधिक संपत्ति मामले में मंत्री गणेश जोशी को विजिलेंस कोर्ट का नोटिस, 3 सितंबर तक मांगा जवाब

देहरादून: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में देहरादून की विशेष विजिलेंस कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने मंत्री गणेश जोशी को 3 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

अदालत ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत मंत्री गणेश जोशी को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए नोटिस जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।

नोट: फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ने केवल नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, आरोपों पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष या दोषसिद्धि नहीं हुई है।
उत्तराखंड शिक्षा मंत्री का बयान वायरल

"उत्तराखंड में कहीं भी पेपर लीक के मामले नहीं"

अल्मोड़ा में 42 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने पहुंचे शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कहीं भी पेपर लीक की घटनाएं नहीं हुई हैं।
आज दिन भर सुर्खियों में रहा नंदा की चौकी का पुल आवाजाही के लिए शुरू हुआ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जाँच के आदेश दिए वैसे ये ऑडियो काफी रिटेबल हो गया इस तस्वीर के लिए 😁
ये है भ्रष्टाचार का नया उदाहरण। प्रेमनगर पर बने नए पुल का एक हिस्सा धंसा। 16 दिन पहले 16 करोड़ की लागत से बना है ये पुल। अब इसकी मुरम्मत का भी टेंडर निकलेगा क्या? और उसमें फिर पैसा खाया जाएगा
चार कंधे... और एक सवाल।

साल 2026।

जब देश विकास की नई ऊंचाइयों की बात कर रहा है, तब उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के जटोली गांव में एक बीमार इंसान को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि चार इंसानी कंधों का सहारा लेना पड़ रहा है।

दो लकड़ी के डंडे, एक रस्सी, एक चादर... और इन्हीं से तैयार हुआ एक अस्थायी स्ट्रेचर। क्योंकि गांव तक सड़क नहीं है। एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती। मोबाइल नेटवर्क नहीं है। सबसे नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र भी 10 किलोमीटर से अधिक दूर है।

सोचिए... बीमारी से जूझ रहा एक व्यक्ति दर्द सह रहा है, और उसके अपने हर कदम पर इस डर के साथ चल रहे हैं कि कहीं रास्ते में कुछ अनहोनी न हो जाए।

यह सिर्फ़ एक गांव की कहानी नहीं है।
यह उत्तराखंड के सैकड़ों गांवों की कहानी है।
दिल्ली | मालवीय नगर अग्निकांड मामला

मालवीय नगर अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रसोइया केसर नेगी को साकेत जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें सख्त शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास किया हो, सबूतों के साथ छेड़छाड़ की हो या जांच में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की हो। अदालत ने यह भी माना कि केवल आशंकाओं के आधार पर किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।

जमानत की प्रमुख शर्तें:
जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
सबूतों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
बिना अदालत की अनुमति देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे।
जांच अधिकारी और अदालत के बुलाने पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।