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Uttarakhand Now

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आज फिर जंगल हार गया,
और सड़क जीत गई।

एक-एक पेड़ गिरता रहा,
धरती चुप रही,
पक्षी उड़ते रहे,
आसमान देखता रहा।

कटे हुए तनों को
जेसीबी अपने साथ ले गई,
जैसे कोई यादें समेटकर
घर छोड़ रहा हो।

जो हाथ दिनभर
जंगल को काटते रहे,
शाम ढलते ही
उन्हीं कटे हुए पेड़ों पर बैठकर
अपनी थकान मिटाने लगे।

कितना अजीब है इंसान...
जिस पेड़ ने जीते-जी छाँव दी,
मरने के बाद भी
उसी ने आराम दिया।

पेड़ कभी शिकायत नहीं करते,
बस एक दिन
चुपचाप ख़त्म हो जाते हैं।

और फिर हम कहते हैं—
"जंगल कहाँ चले गए?"

ऋषिकेश-भानियावाला सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट जिसमें 4000 से ज्यादा पेड़ों को काटा जा रहा है।
मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला, उत्तराखंड के दो वीर जवान शहीद

मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स के काफिले पर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान—वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सी. एम. सिंह—शहीद हो गए, जबकि कुछ अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, 40 असम राइफल्स का काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर उखरुल जिले के नुंगशांग कोंग (लुंगशांग नदी) क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान हमलावरों ने पहले आईईडी (IED) से विस्फोट किया और फिर कई दिशाओं से भारी गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद काफी देर तक मुठभेड़ चली।

देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सी. एम. सिंह को पूरा देश श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

ॐ शांति 🌻
आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे किए है तो धामी सरकार अपने वादों पर कितनी खरी उतरी है? आपको कैसा लगा ये कार्यकाल पिछले 5 सालों में धामी सरकार का कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। शिक्षा,रोजगार, स्वास्थ्य और भी मुद्दों को मद्देनजर रखते हुए अपनी राय जरूर कमेंट्स में लिखे
लैंसडाउन से विधायक दिलीप सिंह रावत के बिगड़े बोल। वीर चंद सिंह गढ़वाली का किया अपमान। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी, अमर क्रांतिकारी और पहाड़ी गौरव के प्रतीक थे। उन्हें मुख्य रूप से 'पेशावर कांड' के महानायक के रूप में याद किया जाता है, जहाँ उन्होंने अपनी देशभक्ति और इंसानियत का परिचय देते हुए ब्रिटिश हुकूमत के सीधे आदेश को मानने से इनकार कर दिया था। 

अब भले विधायक जी ये बोल रहे हो कि उनका कहने का ये मतलब नहीं था, वो कम पढ़े लिखे थे। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली देश और उत्तराखंड का गौरव है और विधायक जी आपके ऊपर रामधारी सिंह दिनकर जी की कविता की ये पंक्तियां सटीक बैठती है

जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।
हे कुळैंकि डाळि @pahadnama

A Stream of Himalayan Melody 

डॉ दीपक बिज्लवाण जी ने अपनी इस किताब में पहाड़ की आवाज श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी के कुछ गीतों का अंग्रेजी में अनुवाद किया है। 2017 में उन्होंने इस किताब के लिए गीतों का अनुवाद करना शुरू किया और 2020 में इसका पहला संस्करण छपा था। ये किताब आसानी से आपको उपलब्ध हो जाएगी।
चमोली में बारिश का कहर: नारायणबगड़ में मलबे से कई दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और गाद बाजार व सड़कों तक पहुंच गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार तेज बहाव के साथ आया मलबा कई दुकानों में घुस गया, जिससे दुकानों के भीतर गाद और पत्थर जमा हो गए। कई व्यापारियों को सामान और संपत्ति का नुकसान हुआ है। वहीं सड़क किनारे खड़े कई वाहन भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। 

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही और लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला।

सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित टीमें मौके पर पहुंच�
एक तरफ ये बोला जा रहा हम शांतिपूर्ण तरीके से हेमकुंड यात्रा पर जाना चाहते हैं। कर्णप्रयाग की घटना को लेकर इतने दिन से जो तनाव चल रहा उसे आपसी सहमति से खत्म करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर से वीडियो आ रही है जिसमें निहंग सिखों ने पुलिस के बैरिकेट तोड़े है। हवा में तलवारे और शस्त्र लहरा रहे है। ऐसे दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती? शांतिपूर्ण तरीका इसमें तो कहीं दिखाई नहीं दे रहा है
एक तरफ ये बोला जा रहा हम शांतिपूर्ण तरीके से हेमकुंड यात्रा पर जाना चाहते हैं। कर्णप्रयाग की घटना को लेकर इतने दिन से जो तनाव चल रहा उसे आपसी सहमति से खत्म करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर से वीडियो आ रही है जिसमें निहंग सिखों ने पुलिस के बैरिकेट तोड़े है। हवा में तलवारे और शस्त्र लहरा रहे है। ऐसे दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती? शांतिपूर्ण तरीका इसमें तो कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। उत्तराखंड पुलिस इतनी बेबस क्यों दिखाई पड़ रही है? मुख्यमंत्री जी आपने तो बोला था कानून व्यवस्था से खिलवाड़ ना होने देंगे। ये है कानून व्यवस्था आपके शासन/प्रशासन की क्या?
अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक दरबान सिंह नेगी जी को श्रद्धांजलि 🇮🇳

प्रथम विश्व युद्ध में अपने अद्वितीय साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा से भारत और उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाले विक्टोरिया क्रॉस विजेता वीर सपूत दरबान सिंह नेगी जी की 76वीं पुण्यतिथि (24 जून 1950) पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 🌺

12 सितम्बर 1914 को फ्रांस के ला बासे क्षेत्र में युद्ध के दौरान उन्होंने असाधारण बहादुरी का परिचय देते हुए अपने साथियों की रक्षा की और वीरता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसके लिए उन्हें ब्रिटिश साम्राज्य का सर्वोच्च वीरता सम्मान विक्टोरिया क्रॉस प्रदान किया गया।

उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को ऐसा सपूत दिया, जिनकी वीरता, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना आज भी हर पीढ़ी को प्रेरित करती है।
आपका बलिदान और शौर्य सदैव अमर रहेगा।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🇮🇳

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नगरासू गुरुद्वारा की छत पर चढ़े पांचों निहंग सिख आखिरकार मान गए हैं. अब वो नीचे उतर चुके हैंं. आज ही पंजाब से निहंग सिखों का दल नगरासू गुरुद्वारा पहुंचा था, जिन्होंने गुरुद्वारा की छत पर चढ़े पांचों निहंग सिखों से बात की. इसके बाद छत पर चढ़े सभी निहंग सिख नीचे उतरने को तैयार हो गए थे. सभी निहंग लौट रहे है वापिस पंजाब। फिलहाल अब हालात सामान्य है। किसी भी अफवाह और भ्रामक खबरों से दूर रहे

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“शौर्य, सम्मान और बलिदान — गढ़वाल राइफल्स 🇮🇳
इस साल अभी तक चार धाम यात्रा से 288 टन से ज्यादा कूड़ा एकत्र हुआ है। जो कि पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। इसके निवारण के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने एक अभियान संचालित किया है " Carry Me Back " जिसमें यात्रियों को वापिस जाते हुए कूड़े के 1,2,5 किलो तक के थैले नीचे तक लेकर जाने की अपील की जा रही है। अभी तक 2 टन से अधिक कूड़ा केदारनाथ धाम से नीचे लाया जा चुका है। 

रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन एवं सुलभ इंटरनेशनल के संयुक्त प्रयासों से इस अभियान को चलाया जा रहा है. यह अभियान जनभागीदारी आधारित स्वच्छता प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है

इसके तहत श्रद्धालुओं को अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, पानी की खाली बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को धाम में न छोड़कर वापस नीचे लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. यात्रा मार्ग एवं केदारनाथ धाम में तैनात कार्मिकों व स्वयंसेवकों की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है

ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान के बारे में बताएं। जो भी लोग केदारनाथ धाम या किसी तीर्थ में यात्रा के लिए आ रहे है। लोगों को जागरूक करें और पहाड़ों को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान अवश्य दें

सिर्फ़ दर्शन नहीं, कर्तव्य भी ♻️
कर्णप्रयाग में बवाल, 
सिख श्रद्धालुओं ने स्थानीय लोगों पर तलवार से किया जानलेवा हमला

चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच मामूली कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि विवाद के दौरान धारदार हथियारों और तलवारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया.

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। ऐसी घटनाएं बहुत निंदनीय है। लाखों लोग यहां चार धाम यात्रा पर आते हैं, यदि कोई विवाद या लड़ाई हो जाएं तो उसमें समझदारी और संयम दिखाये. ऐसे तलवारों से किसी पर भी जानलेवा हमला करना बहुत निंदनीय है। इस घटना से कर्णप्रयाग के लोगों में भारी आक्रोश है। उम्मीद है उत्तराखंड सरकार, प्रशासन इसमें उचित कार्यवाही करेगी
तेरी पीड़ा मा द्वि आँसू 💕🫰
प्रेम कभी ख़त्म नहीं होता 🫰

पहाड़
शोक नहीं मनाते नदियों के चले जाने का
बल्कि उन्हें पानी देते हैं और देते रहते हैं

पहाड़ों से निकलने के बाद भी
नदियों का न सूखना यह बताता है
कि प्रेम कभी ख़त्म नहीं होता।
तेरु ठाट छुटी बाट छुटी 🥺 

पहाड़ सिर्फ़ ज़मीन का टुकड़ा नहीं, हमारी पहचान हैं।
उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक सौरभ मैथानी @saurav_maithani भाई का नया गीत पलायन की पीड़ा, अपने गांव की याद और पहाड़ से जुड़े भावों को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इस गीत को सुनें, समझें और अपने पहाड़ों को जीवंत बनाए रखने की सोच को आगे बढ़ाएं।

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दुःखद खबर

उत्तराखंड की धरती के गौरव, महान शूटर और प्रेरणास्रोत जशपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।

उत्तरकाशी में जन्मे जशपाल राणा जी ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अनेक स्वर्ण पदक जीते और एक कोच के रूप में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनका जाना केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी उपलब्धियां और योगदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🕯️

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कभी तुम मेरे साथ, पहाड़ों में चलना

चलोगे ? 😅
विश्व पर्यावरण दिवस 🌱 @phulari.foundation & @maulyar_aige
उत्तराखंड की गोद में बसा देवप्रयाग, जहां भागीरथी और अलकनंदा नदियों का संगम होकर मां गंगा का उद्गम माना जाता है, आज एक गं...
The skies over Dehradun lit up tonight with intense lightning strikes ⚡A beautiful yet terrifying sight. What an incredi...
जंगल नहीं, हमारा भविष्य जल रहा है।
जी हाँ! ये पेड़, ये पहाड़, ये नदियाँ — यही हमारा भविष्य हैं।
इस साल पहाड़ों पर बर्फबा...
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय राजनीति के एक ईमानदार, अनुशासित और दूरदर्शी व्यक्तित्व जनरल भुवन चंद्र खंडूरी ...
पहाड़ कठोर हैं इसीलिए नदियाँ छोड़ जाती हैं,
या नदियाँ छोड़ जाती हैं, इसीलिए पहाड़ कठोर हैं?

बैजरो, पौड़ी गढ़वाल
जै नंदा माँ🙏