Public App Logo
Profile Picture

Uttarakhand Now

@Uttarakhandnow
4Followers
0Following
“शौर्य, सम्मान और बलिदान — गढ़वाल राइफल्स 🇮🇳
इस साल अभी तक चार धाम यात्रा से 288 टन से ज्यादा कूड़ा एकत्र हुआ है। जो कि पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। इसके निवारण के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने एक अभियान संचालित किया है " Carry Me Back " जिसमें यात्रियों को वापिस जाते हुए कूड़े के 1,2,5 किलो तक के थैले नीचे तक लेकर जाने की अपील की जा रही है। अभी तक 2 टन से अधिक कूड़ा केदारनाथ धाम से नीचे लाया जा चुका है। 

रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन एवं सुलभ इंटरनेशनल के संयुक्त प्रयासों से इस अभियान को चलाया जा रहा है. यह अभियान जनभागीदारी आधारित स्वच्छता प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है

इसके तहत श्रद्धालुओं को अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, पानी की खाली बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को धाम में न छोड़कर वापस नीचे लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. यात्रा मार्ग एवं केदारनाथ धाम में तैनात कार्मिकों व स्वयंसेवकों की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है

ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान के बारे में बताएं। जो भी लोग केदारनाथ धाम या किसी तीर्थ में यात्रा के लिए आ रहे है। लोगों को जागरूक करें और पहाड़ों को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान अवश्य दें

सिर्फ़ दर्शन नहीं, कर्तव्य भी ♻️
कर्णप्रयाग में बवाल, 
सिख श्रद्धालुओं ने स्थानीय लोगों पर तलवार से किया जानलेवा हमला

चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच मामूली कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि विवाद के दौरान धारदार हथियारों और तलवारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया.

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। ऐसी घटनाएं बहुत निंदनीय है। लाखों लोग यहां चार धाम यात्रा पर आते हैं, यदि कोई विवाद या लड़ाई हो जाएं तो उसमें समझदारी और संयम दिखाये. ऐसे तलवारों से किसी पर भी जानलेवा हमला करना बहुत निंदनीय है। इस घटना से कर्णप्रयाग के लोगों में भारी आक्रोश है। उम्मीद है उत्तराखंड सरकार, प्रशासन इसमें उचित कार्यवाही करेगी
तेरी पीड़ा मा द्वि आँसू 💕🫰
प्रेम कभी ख़त्म नहीं होता 🫰

पहाड़
शोक नहीं मनाते नदियों के चले जाने का
बल्कि उन्हें पानी देते हैं और देते रहते हैं

पहाड़ों से निकलने के बाद भी
नदियों का न सूखना यह बताता है
कि प्रेम कभी ख़त्म नहीं होता।
तेरु ठाट छुटी बाट छुटी 🥺 

पहाड़ सिर्फ़ ज़मीन का टुकड़ा नहीं, हमारी पहचान हैं।
उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक सौरभ मैथानी @saurav_maithani भाई का नया गीत पलायन की पीड़ा, अपने गांव की याद और पहाड़ से जुड़े भावों को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इस गीत को सुनें, समझें और अपने पहाड़ों को जीवंत बनाए रखने की सोच को आगे बढ़ाएं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=saurabhmaithani nis:value=SaurabhMaithani nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pahad nis:value=Pahad nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=migration nis:value=Migration nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=palayan nis:value=Palayan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=Uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> GarhwaliSong Devbhoomi PahadiCulture UttarakhandMusic
दुःखद खबर

उत्तराखंड की धरती के गौरव, महान शूटर और प्रेरणास्रोत जशपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।

उत्तरकाशी में जन्मे जशपाल राणा जी ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अनेक स्वर्ण पदक जीते और एक कोच के रूप में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनका जाना केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी उपलब्धियां और योगदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🕯️

<nis:link nis:type=tag nis:id=jaspalrana nis:value=JaspalRana nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=Uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=shootinglegend nis:value=ShootingLegend nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=tribute nis:value=Tribute nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=omshanti nis:value=OmShanti nis:enabled=true nis:link/>
कभी तुम मेरे साथ, पहाड़ों में चलना

चलोगे ? 😅
विश्व पर्यावरण दिवस 🌱 @phulari.foundation & @maulyar_aige
उत्तराखंड की गोद में बसा देवप्रयाग, जहां भागीरथी और अलकनंदा नदियों का संगम होकर मां गंगा का उद्गम माना जाता है, आज एक गं...
The skies over Dehradun lit up tonight with intense lightning strikes ⚡A beautiful yet terrifying sight. What an incredi...
जंगल नहीं, हमारा भविष्य जल रहा है।
जी हाँ! ये पेड़, ये पहाड़, ये नदियाँ — यही हमारा भविष्य हैं।
इस साल पहाड़ों पर बर्फबा...
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय राजनीति के एक ईमानदार, अनुशासित और दूरदर्शी व्यक्तित्व जनरल भुवन चंद्र खंडूरी ...
पहाड़ कठोर हैं इसीलिए नदियाँ छोड़ जाती हैं,
या नदियाँ छोड़ जाती हैं, इसीलिए पहाड़ कठोर हैं?

बैजरो, पौड़ी गढ़वाल
जै नंदा माँ🙏
उत्तराखंड की एक ऐसी रहस्यमयी जगह जहां आज भी परियाँ रहती है। जिसे लोकभाषा में आछरियाँ या वनदेवी कहते है। ये जगह है टिहरी ...
चाँद ने सिखाया है पूरा होना जरूरी नहीं...
इस घर के दरवाज़े से जब भीतर झाँका,
तो सिर्फ़ एक खालीपन नहीं—पूरी एक कहानी दिखी।

टूटी हुई छत,
दीवारों पर उग आई जंगली घास...
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आज प्रातः 6:15 पर खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट। आज कपाट खुलने पर श्री हरि नारायण के दर्शन करने का...
फूलों से सजाया जा रहा है श्री हरि का परम स्थान बद्रीनाथ धाम। कल सुबह 6:15 भक्तों के दर्शन हेतु खुलेंगे मंदिर के कपाट। बो...
बाबा केदार चले अपने परम धाम। २२ अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट। जय जय केदार 🙌
तुम्हें ही तुम्हारा सब संभालना है 💞

@phulari.foundation
हर आदमी के अंदर एक गांव होता है,
जो कभी शहर नहीं होना चाहता।

@phulari.foundation
अब देखने को क्या बाकी बचा है? देहरादून के जिस संस्थान में उत्तराखंड के भविष्य को संवारने वाले बच्चे पढ़ते है। जिस मंच से...
ग्वीराल कू फूल 🫰🌺