
हौसले की उड़ान: संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में एएसआई कमलेश कुमारी का चयन
---- दक्षिण सूडान में निभाएंगी शांति स्थापना की जिम्मेदारी
... वर्दी वही है, जिम्मेदारी अब अंतरराष्ट्रीय होगी। हिमाचल प्रदेश पुलिस की सहायक उपनिरीक्षक कमलेश कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और अदम्य साहस के बल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन दक्षिण सूडान स्थित संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए हुआ है। अब कमलेश कुमारी हजारों किलोमीटर दूर दक्षिण सूडान में शांति स्थापना से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाएंगी। उनकी इस उपलब्धि से हिमाचल पुलिस ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के लिए चयनित होने के बाद कमलेश कुमारी के विदेश जाने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवाएं देने के लिए हिमाचल पुलिस से कार्यमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में सरकार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में नियुक्ति के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कमलेश कुमारी ने इस प्रक्रिया की कसौटी पर खरा उतरते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। सरकारी आदेश के अनुसार हिमाचल पुलिस से कार्यमुक्त होने के बाद कमलेश कुमारी को नई दिल्ली के तिगड़ी-मदनपुर स्थित 22वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र पुलिस केंद्र में उपस्थित होना होगा। यहां मिशन पर जाने से पहले आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक को कमलेश कुमारी की रवानगी से संबंधित आवश्यक कार्रवाई पूरी करने तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित विभागों को सूचना उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
संघर्षग्रस्त क्षेत्र में निभानी होगी बड़ी जिम्मेदारी
दक्षिण सूडान लंबे समय से संघर्ष और अस्थिरता से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन का हिस्सा बनना महत्वपूर्ण
दायित्व है। कमलेश कुमारी वहां शांति और सुरक्षा से संबंधित निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।
मां-बाप के सपनों से विश्व मंच तक
कमलेश कुमारी की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे मां-बाप का साथ, परिवार के संस्कार और बेटी का वर्षों का परिश्रम जुड़ा है। छोटे से गांव से निकलकर पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाने वाली कमलेश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगी। जिस बेटी ने कभी गांव की पगडंडियों पर चलकर अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाए
थे, आज वही बेटी संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन तक पहुंच गई है। कमलेश कुमारी की यह सफलता उन असंख्य बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे गांवों में रहकर बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।