पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया।
शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं।
लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई।
स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया।
शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई।
इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं।
आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।