पुलिस कमिश्नर के ठोस आश्वासन के बाद वार्ता संपन्न होने तक किसान संघर्ष मोर्चा का आंदोलन स्थगित
आज किसानों की गिरफ्तारी के बाद जेल से ही किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय में वार्ता की। पुलिस कमिश्नर ने किसान प्रतिनिधिमंडल को ठोस आश्वासन दिया कि तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO) तथा जिलाधिकारी (DM) की मौजूदगी में 10% विकसित प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण कानून, आबादी सहित किसानों के सभी लंबित मुद्दों पर गंभीर एवं विस्तृत वार्ता कराई जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने यह भी आश्वासन दिया कि प्राधिकरण स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर जवाबदेही तय की जाएगी तथा प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वार्ता के संबंध में किसान संघर्ष मोर्चा के प्रमुख नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि पुलिस कमिश्नर के साथ हुई वार्ता बहुत सार्थक और ठोस रही। किसान संघर्ष मोर्चा की मुख्य मांग थी कि तीनों प्राधिकरणों के अधिकारी किसानों के मुद्दों पर अलग-अलग बयान देकर उन्हें गुमराह करने के बजाय तीनों प्राधिकरणों के CEO और जिलाधिकारी को एक टेबल पर बैठाकर सभी मुद्दों पर गंभीर एवं निर्णायक बातचीत की जाए। इस मांग पर सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर के ठोस आश्वासन को देखते हुए वार्ता संपन्न होने तक किसान संघर्ष मोर्चा अपना आंदोलन स्थगित कर रहा है। वार्ता के परिणाम की समीक्षा के बाद आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को पुनः और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
किसान संघर्ष मोर्चा के नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि हमारी एकता फौलादी है और हम अपने मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पिछले काफी समय से तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ प्राधिकरण स्तर के लंबित मुद्दों तथा शासन स्तर के मुद्दों के समाधान के लिए आंदोलन किया जा रहा है। 17 जुलाई को भी वार्ता का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वार्ता नहीं हो पाई। आज पुलिस कमिश्नर ने वार्ता कराने का ठोस आश्वासन दिया है और आंदोलन को वार्ता संपन्न होने तक स्थगित करने का आग्रह किया है। इसलिए किसान संघर्ष मोर्चा ने वार्ता पूरी होने तक आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की है।
किसान संघर्ष मोर्चा के प्रमुख नेता सरन प्रधान ने कहा कि आंदोलन शुरू हो चुका है और यह किसानों के मुद्दों के समाधान के बाद ही समाप्त होगा। आज के आंदोलन की प्रमुख मांग तीनों प्राधिकरणों के CEO और जिलाधिकारी के साथ सामूहिक वार्ता थी। अब वार्ता के बाद उसके परिणाम की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
किसान संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि आंदोलन स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं। किसानों के सभी मुद्दों के समाधान के लिए समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसान संघर्ष मोर्चा पुनः आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख किसान नेता
आज के प्रतिनिधिमंडल में बुधपाल यादव, प्रशांत भाटी, उदल आर्य, सचिन एडवोकेट, निशांत भाटी, मानव मुखिया, वीर सिंह नगर, जगबीर नंबरदार, इंदर प्रधान, महेंद्र एडवोकेट, मनीष प्रधान, निशांत रावल, उमेश एडवोकेट, जयप्रकाश सहित अन्य किसान नेता शामिल रहे।
किसान संघर्ष मोर्चा
10% विकसित प्लॉट – नए कानून का लाभ – आबादी के लंबित प्रकरणों का समाधान – किसानों के सभी मुद्दों का समयबद्ध निस्तारण
भवदीय डॉक्टर रुपेश वर्मा जिला अध्यक्ष किसान सभा गोतम बुध नगर