*शिक्षा का व्यवसायीकरण बंद हो, पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एवं सोनम वांगचुक के समर्थन में आम आदमी पार्टी का शांतिपूर्ण विरोध मार्च सम्पन्न*
आम आदमी पार्टी, जिला भिंड द्वारा देश के प्रख्यात वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक जी के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन तथा पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला गया।
यह मार्च शास्त्री चौराहा से चलकर परेड चौराहा और गोल मार्केट तक निकाला गया। मार्च में पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष अभिलाख सिंह कुशवाह जी ने कहा कि, "देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। जब एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक युवाओं के हित में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, तब उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।"
प्रदेश संगठन मंत्री एवं चंबल संभाग प्रभारी साकेत सक्सेना जी ने कहा कि, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। आम आदमी पार्टी युवाओं के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है। यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। सरकार को राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर छात्रों और युवाओं के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।"
जिला सचिव विक्रम सिंह शाक्य युवा नेता ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण बंद होना चाहिए और प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के नाम पर कमीशन खोरी चल रही है उसके लिए सरकार को नियम बनाने चाहिए और तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।।
विरोध मार्च के दौरान कई पदाधिकारी अशोक जाटव, अंतराम प्रजापति, जयदीप राजावत, एड.अनिल शर्मा, अनुज पटवा,कमलेश त्रिपाठी, रामकुमार राजपूत, राजेश शाक्य, प्रवेश रावत, अब्दुल मजीद,पवन पुरोहित, पूरन रावत, विनय दुबे, कैलाश भदौरिया, शिवम पंडोरिया, रामपाल कुशवाह, रामबिहारी शाक्य, रामवीर शाक्य, विक्रांत दीक्षित आदि कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।