देहदान कर कौशल्या बाई साहू ने पेश की मानव सेवा की मिसाल
बिलासपुर से मानव सेवा और समाजहित की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है।
ग्राम तेंदूदरहा, पोस्ट दुरुग, तहसील भटगांव, थाना सरसीवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी कौशल्या बाई साहू, पत्नी स्वर्गीय छोटेलाल साहू के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उद्देश्य से दान कर दी।
8 सितंबर 2026 को परिवार, रिश्तेदारों और अनुयायियों की मौजूदगी में उनकी पार्थिव देह CIMS बिलासपुर के शरीर संरचना विभाग की प्रमुख डॉ. शिक्षा जांगड़े के समक्ष सौंपी गई।
इस अवसर पर उनके पुत्र कृष्ण कुमार साहू, रामफल साहू, पोता-पोती, बहू सहित पूरा परिवार उपस्थित रहा। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सेवादार हीरा दास मानिकपुरी, राकेश कुर्रे और प्रमोद देवांगन सहित अन्य अनुयायी भी मौजूद रहे।
परिवार के अनुसार, देहदान का उद्देश्य मरणोपरांत भी मानव शरीर को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के काम में लाना है। दान की गई देह मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और चिकित्सा अनुसंधान में उपयोगी हो सकती है।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने भी देहदान को मानव सेवा और समाजहित से जोड़ते हुए अपने विचार साझा किए।
🎥 कौशल्या बाई साहू के देहदान की पूरी कहानी और परिवार की प्रतिक्रिया जानने के लिए देखें पूरी Ground Report।
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