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जमुई में उद्योगों को मिलेगा नया विस्तार, निवेश और रोजगार पर सरकार का विशेष फोकस उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने उद्योग संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार सरकार व्यापारियों और उद्यमियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जरूरतमंद उद्यमियों को नियमानुसार आर्म्स लाइसेंस उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपने व्यवसाय का संचालन कर सकें। उन्होंने घोषणा की कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और संवाद को मजबूत बनाने के लिए हर माह उद्योग वार्ता आयोजित की जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि जमुई जिले में करीब 1000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, स्थानीय उद्यमी एवं उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। #ShreyasiSingh #Jamui #BiharIndustry #Investment #IndustrialGrowth #BusinessSecurity #MSME #Entrepreneurship #StartupBihar #Employment #JamuiNews #BiharNews #IndustryDialogue #Development #Bihar

Sono, Jamui | Jun 5, 2026

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लोकतंत्र के पहुंचने के बाद विकास का एक शंखनाद: गुरमाहा और चोरमारा में ‘आशा दीदी’ का चयन।

            जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सुदूर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय रच दिया है। कभी धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले गुरमाहा और चोरमारा गांवों में पहली बार स्वास्थ्य सेवा की सबसे बुनियादी व संवेदनशील जमीनी इकाई यानी 'आशा दीदी' के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न करा ली गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) की शुरुआत इसी लोक-कल्याणकारी ध्येय के साथ हुई थी कि देश के हर वंचित, शोषित और सुदूरवर्ती क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं निर्बाध रूप से पहुंच सकें। नीतिगत स्तर पर यह एक महान संकल्प था, लेकिन भौगोलिक विषमताओं और सुरक्षात्मक अवरोधों के कारण गुरमाहा और चोरमारा जैसे गांव दशकों तक मुख्यधारा से कटे रहे और इस मिशन का लाभ यहां तक नहीं पहुंच सका। आज जमुई जिला प्रशासन ने इन तमाम ऐतिहासिक और भौगोलिक बाधाओं को पार करते हुए विकास की एक नई इबारत लिख दी है।

परंतु आज, इतिहास ने एक नया मोड़ लिया है। जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) के कुशल नेतृत्व, अथक निरंतर प्रयास और संवेदनशील प्रशासन के चलते इन दुर्गम गांवों में पहली बार स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे जमीनी और संवेदनशील इकाई यानी ‘आशा दीदी’ (ASHA) के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। यह अभूतपूर्व घटना केवल एक नियमित प्रशासनिक औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि एक युगांतरकारी सफलता है जिसने वर्षों के लंबे इंतजार, कड़वे अनुभवों और गतिरोध को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उचित समन्वय हो, तो कठिन से कठिन और असाध्य दिखने वाली चुनौतियों पर भी विजय पाई जा सकती है। अक्सर यह देखा जाता है कि कल्याणकारी योजनाएं कागजों पर तो चमकती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और इच्छाशक्ति के अभाव में दम तोड़ देती हैं। इसके विपरीत, जमुई जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर लगातार संवाद, व्यापक जनजागरूकता और जन-जन का विश्वास जीतकर एक नया प्रतिमान स्थापित किया है। प्रशासन की इसी जन-केंद्रित नीति ने न केवल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान इस क्षेत्र में लोकतांत्रिक सहभागिता के साथ मतदान की प्रक्रिया को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि अब बुनियादी सुविधाओं को धरातल पर उतारकर यह साबित कर दिया है कि जब नेतृत्व में बदलाव का अटूट संकल्प हो, तो हर व्यवस्था को जनहित में सुधारा जा सकता है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से निःसंदेह यह बड़ी उपलब्धि है परन्तु, स्थानीय ग्रामीणों के लिए इसका मानवीय और सामाजिक मूल्य उससे कहीं अधिक गहरा है। ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में आशा दीदी की भूमिका वास्तव में रीढ़ की हड्डी की तरह होती है। इस चयन के बाद अब गुरमाहा और चोरमारा के निवासियों को पहली बार मातृत्व सुरक्षा, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु टीकाकरण, पोषण और प्राथमिक उपचार जैसी अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही घर-आंगन में सुलभ हो सकेंगी। इस ऐतिहासिक कदम ने सदियों से उपेक्षित महसूस कर रहे ग्रामीणों के भीतर यह अटूट विश्वास जगाया है कि वे भी इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह चयन न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रशासन की ओर से मिला एक अमूल्य उपहार है, बल्कि उस सामाजिक सुरक्षा और गरिमा की भी पुनर्स्थापना है, जिसके हकदार ये ग्रामीण लंबे समय से थे। 

इस संपूर्ण चयन का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी पहलू इसका आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास के व्यापक फलक से जुड़ा होना है। विकास की मुख्यधारा से इन सुदूर गांवों का जुड़ना दुनिया को यह साफ संदेश देता है कि नक्सलवाद के खात्मे का असली रास्ता केवल सुरक्षात्मक मोर्चे या बंदूकों तक सीमित नहीं है; बल्कि सुदूर जंगलों, पहाड़ों और घाटी में बसे आखिरी व्यक्ति तक उसके लोकतांत्रिक अधिकार, बुनियादी सरकारी सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही इसकी अंतिम और वास्तविक परिणति है।

गुरमाहा और चोरमारा में हुआ यह नया सवेरा एक बड़े और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का अग्रदूत है, जो यह भरोसा दिलाता है कि सुदृढ़ प्रशासनिक प्रतिबद्धता से विकास को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। यह तो महज एक सफल शुरुआत है, विकास का यह कारवां आगे और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
General Administration Department, Govt. of Bihar 
Food & Consumer Protection Dept., Govt. of Bihar 
Urban Development & Housing Dept, Govt. of Bihar 
Transport Department, Government of Bihar 
Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar 
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लोकतंत्र के पहुंचने के बाद विकास का एक शंखनाद: गुरमाहा और चोरमारा में ‘आशा दीदी’ का चयन। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सुदूर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय रच दिया है। कभी धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले गुरमाहा और चोरमारा गांवों में पहली बार स्वास्थ्य सेवा की सबसे बुनियादी व संवेदनशील जमीनी इकाई यानी 'आशा दीदी' के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न करा ली गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) की शुरुआत इसी लोक-कल्याणकारी ध्येय के साथ हुई थी कि देश के हर वंचित, शोषित और सुदूरवर्ती क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं निर्बाध रूप से पहुंच सकें। नीतिगत स्तर पर यह एक महान संकल्प था, लेकिन भौगोलिक विषमताओं और सुरक्षात्मक अवरोधों के कारण गुरमाहा और चोरमारा जैसे गांव दशकों तक मुख्यधारा से कटे रहे और इस मिशन का लाभ यहां तक नहीं पहुंच सका। आज जमुई जिला प्रशासन ने इन तमाम ऐतिहासिक और भौगोलिक बाधाओं को पार करते हुए विकास की एक नई इबारत लिख दी है। परंतु आज, इतिहास ने एक नया मोड़ लिया है। जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) के कुशल नेतृत्व, अथक निरंतर प्रयास और संवेदनशील प्रशासन के चलते इन दुर्गम गांवों में पहली बार स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे जमीनी और संवेदनशील इकाई यानी ‘आशा दीदी’ (ASHA) के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। यह अभूतपूर्व घटना केवल एक नियमित प्रशासनिक औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि एक युगांतरकारी सफलता है जिसने वर्षों के लंबे इंतजार, कड़वे अनुभवों और गतिरोध को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उचित समन्वय हो, तो कठिन से कठिन और असाध्य दिखने वाली चुनौतियों पर भी विजय पाई जा सकती है। अक्सर यह देखा जाता है कि कल्याणकारी योजनाएं कागजों पर तो चमकती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और इच्छाशक्ति के अभाव में दम तोड़ देती हैं। इसके विपरीत, जमुई जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर लगातार संवाद, व्यापक जनजागरूकता और जन-जन का विश्वास जीतकर एक नया प्रतिमान स्थापित किया है। प्रशासन की इसी जन-केंद्रित नीति ने न केवल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान इस क्षेत्र में लोकतांत्रिक सहभागिता के साथ मतदान की प्रक्रिया को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि अब बुनियादी सुविधाओं को धरातल पर उतारकर यह साबित कर दिया है कि जब नेतृत्व में बदलाव का अटूट संकल्प हो, तो हर व्यवस्था को जनहित में सुधारा जा सकता है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से निःसंदेह यह बड़ी उपलब्धि है परन्तु, स्थानीय ग्रामीणों के लिए इसका मानवीय और सामाजिक मूल्य उससे कहीं अधिक गहरा है। ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में आशा दीदी की भूमिका वास्तव में रीढ़ की हड्डी की तरह होती है। इस चयन के बाद अब गुरमाहा और चोरमारा के निवासियों को पहली बार मातृत्व सुरक्षा, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु टीकाकरण, पोषण और प्राथमिक उपचार जैसी अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही घर-आंगन में सुलभ हो सकेंगी। इस ऐतिहासिक कदम ने सदियों से उपेक्षित महसूस कर रहे ग्रामीणों के भीतर यह अटूट विश्वास जगाया है कि वे भी इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह चयन न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रशासन की ओर से मिला एक अमूल्य उपहार है, बल्कि उस सामाजिक सुरक्षा और गरिमा की भी पुनर्स्थापना है, जिसके हकदार ये ग्रामीण लंबे समय से थे। इस संपूर्ण चयन का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी पहलू इसका आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास के व्यापक फलक से जुड़ा होना है। विकास की मुख्यधारा से इन सुदूर गांवों का जुड़ना दुनिया को यह साफ संदेश देता है कि नक्सलवाद के खात्मे का असली रास्ता केवल सुरक्षात्मक मोर्चे या बंदूकों तक सीमित नहीं है; बल्कि सुदूर जंगलों, पहाड़ों और घाटी में बसे आखिरी व्यक्ति तक उसके लोकतांत्रिक अधिकार, बुनियादी सरकारी सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही इसकी अंतिम और वास्तविक परिणति है। गुरमाहा और चोरमारा में हुआ यह नया सवेरा एक बड़े और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का अग्रदूत है, जो यह भरोसा दिलाता है कि सुदृढ़ प्रशासनिक प्रतिबद्धता से विकास को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। यह तो महज एक सफल शुरुआत है, विकास का यह कारवां आगे और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। Information & Public Relations Department, Government of Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Food & Consumer Protection Dept., Govt. of Bihar Urban Development & Housing Dept, Govt. of Bihar Transport Department, Government of Bihar Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar #jamui #jamuinews #jamuiupdate #NaxalFreeIndia #naxalmuktbihar #CMOBihar

Jamui, Bihar | Jun 5, 2026

हरिद्वार से दिल्ली जा रही ट्रेन में एक सीट पर अकेले सो रहे बाबा से महिला यात्री ने बैठने के लिए अनुरोध किया, लेकिन बताया जा रहा है कि कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आप इस मामले को कैसे देखते हैं?"
#TrainViralVideo #IndianRailways #ViralNews #TrendingNews #SocialMedia #RailwayJourney #NewsUpdate #HindiNews #ViralVideo #BreakingNews

हरिद्वार से दिल्ली जा रही ट्रेन में एक सीट पर अकेले सो रहे बाबा से महिला यात्री ने बैठने के लिए अनुरोध किया, लेकिन बताया जा रहा है कि कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आप इस मामले को कैसे देखते हैं?" #TrainViralVideo #IndianRailways #ViralNews #TrendingNews #SocialMedia #RailwayJourney #NewsUpdate #HindiNews #ViralVideo #BreakingNews

Sono, Jamui | Jun 4, 2026

अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 25 वर्ष बाद आशा कार्यकर्ता का चयन, ग्रामीणों में खुशी

जमुई। जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) वर्ष 2005 से संचालित है, लेकिन गुरमाहा एवं चोरमारा गांवों में पहली बार आशा कार्यकर्ता (आशा दीदी) का चयन 4 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

बताया जाता है कि इन क्षेत्रों में लगभग 25 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रही है। ऐसे में आशा कार्यकर्ता का चयन होना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, जो गांव स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, परिवार कल्याण तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।

ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार उनके गांवों को स्वास्थ्य विभाग की मूलभूत सेवाओं से सीधे जोड़ने की पहल हुई है, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के चयन से क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ेगी तथा गर्भवती महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

25 वर्षों बाद गुरमाहा और चोरमारा में आशा कार्यकर्ता का चयन होना न केवल प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि यह अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की नई उम्मीद भी लेकर आया है।

अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 25 वर्ष बाद आशा कार्यकर्ता का चयन, ग्रामीणों में खुशी जमुई। जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) वर्ष 2005 से संचालित है, लेकिन गुरमाहा एवं चोरमारा गांवों में पहली बार आशा कार्यकर्ता (आशा दीदी) का चयन 4 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। बताया जाता है कि इन क्षेत्रों में लगभग 25 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रही है। ऐसे में आशा कार्यकर्ता का चयन होना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, जो गांव स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, परिवार कल्याण तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार उनके गांवों को स्वास्थ्य विभाग की मूलभूत सेवाओं से सीधे जोड़ने की पहल हुई है, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के चयन से क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ेगी तथा गर्भवती महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। 25 वर्षों बाद गुरमाहा और चोरमारा में आशा कार्यकर्ता का चयन होना न केवल प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि यह अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की नई उम्मीद भी लेकर आया है।

Sono, Jamui | Jun 4, 2026

जमुई में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने पर हुई महत्वपूर्ण बैठक

आज जिला उद्योग केंद्र, जमुई के सभागार में चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं जिले के उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक में शामिल होकर उद्योग, व्यापार और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर परिषद अध्यक्ष मोहम्मद हलीमुद्दीन उर्फ लोलू मियां सहित जिले के अनेक उद्यमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं, नए निवेश को आकर्षित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। साथ ही व्यवसाय और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

बिहार सरकार राज्य में उद्योगों के विस्तार, निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे संवाद कार्यक्रम उद्योग जगत और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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जमुई में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने पर हुई महत्वपूर्ण बैठक आज जिला उद्योग केंद्र, जमुई के सभागार में चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं जिले के उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक में शामिल होकर उद्योग, व्यापार और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर परिषद अध्यक्ष मोहम्मद हलीमुद्दीन उर्फ लोलू मियां सहित जिले के अनेक उद्यमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं, नए निवेश को आकर्षित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। साथ ही व्यवसाय और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा हुई। बिहार सरकार राज्य में उद्योगों के विस्तार, निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे संवाद कार्यक्रम उद्योग जगत और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। #Jamui #BiharIndustry #IndustrialGrowth #Investment #Entrepreneurship #BusinessDevelopment #Employment #MakeInBihar #AtmanirbharBihar #JamuiNews #Development #BiharNews #ChamberOfCommerce #IndustryMeeting #EconomicGrowth

Sono, Jamui | Jun 4, 2026