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प्यार और विश्वास के प्रतीक करवा चौथ के पावन पर्व की सभी माताओं-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। #करवा_चौथ #KarwaChauth

105 views | Dharwala, Chamba | Oct 20, 2024

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मणिमहेश यात्रा से पहले हाई अलर्ट: उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण

60 संवेदनशील स्थल चिन्हित, हर पांच किलोमीटर पर मशीनें तैनात; यात्रा से पहले सभी मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश

चम्बा, 17 जुलाई।

 आगामी श्री मणिमहेश यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए और श्री मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य हर हाल में समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से उन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए, जहां चट्टानों और पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर समय रहते ढीले पत्थरों को हटाया जाए तथा सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित एवं निर्बाध बनी रहे।

इस अवसर पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चम्बा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को हर समय सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा पूरे मार्ग पर प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है, जिससे भूस्खलन या अन्य कारणों से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे तुरंत बहाल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि बत्ती की हट्टी, चूड़ी तथा अन्य अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। वहीं, प्रत्येक ऐसे स्थल पर दो फ्लैगमैन भी नियुक्त किए जाएंगे, जो भूस्खलन या पत्थर गिरने की स्थिति में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करेंगे।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थलों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है, ताकि श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के उप प्रबंधक यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल तथा परीक्षित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मणिमहेश यात्रा से पहले हाई अलर्ट: उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण 60 संवेदनशील स्थल चिन्हित, हर पांच किलोमीटर पर मशीनें तैनात; यात्रा से पहले सभी मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश चम्बा, 17 जुलाई। आगामी श्री मणिमहेश यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए और श्री मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य हर हाल में समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से उन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए, जहां चट्टानों और पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर समय रहते ढीले पत्थरों को हटाया जाए तथा सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित एवं निर्बाध बनी रहे। इस अवसर पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चम्बा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को हर समय सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा पूरे मार्ग पर प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है, जिससे भूस्खलन या अन्य कारणों से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे तुरंत बहाल किया जा सके। उन्होंने बताया कि बत्ती की हट्टी, चूड़ी तथा अन्य अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। वहीं, प्रत्येक ऐसे स्थल पर दो फ्लैगमैन भी नियुक्त किए जाएंगे, जो भूस्खलन या पत्थर गिरने की स्थिति में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करेंगे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थलों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है, ताकि श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के उप प्रबंधक यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल तथा परीक्षित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Dharwala, Chamba | Jul 17, 2026

25 अगस्त से शुरू होगी पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा 2026, ट्रस्ट की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप

ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, हेलीकॉप्टर सेवा, ड्रोन निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर लिए गए कई अहम फैसले; पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर ₹50 किया गया।

हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर,

पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर श्री मणिमहेश ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष एवं उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय भरमौर के सभागार में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के दो दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा दो मिनट का मौन रखकर की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं सदस्य सचिव, श्री मणिमहेश ट्रस्ट भरमौर ने ट्रस्ट की आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए आगामी यात्रा के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज, ग्राम पंचायत भरमौर, सैंचुई एवं हड़सर के प्रधान, ट्रस्ट के सदस्य, व्यापार मंडल भरमौर के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री मणिमहेश यात्रा 2026 का आयोजन 25 अगस्त से 19 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि श्रद्धालुओं के लिए 25 अगस्त से हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू होगी। यात्रा अवधि के दौरान कुगती परिक्रमा मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। प्रारंभिक तौर पर प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट उपलब्ध रहेंगे। विशेष अवसरों पर आवश्यकता के अनुसार स्लॉट की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। वहीं यात्रा पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए (भरमौर-हड़सर मार्ग) सहित क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, क्रैश बैरियर तथा सूचना संकेतकों का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। धनछो, गौरीकुंड और श्री मणिमहेश झील क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा, विद्युत, संचार एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ अतिरिक्त जल भंडारण टंकियां स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। चंबा-भरमौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी तथा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग की निगरानी ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
बैठक में इस वर्ष स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल यात्रा पर विशेष जोर दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण तथा नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने सभी विभागों, लंगर समितियों, दुकानदारों एवं अन्य हितधारकों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े श्री समीर ने अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्थानीय युवाओं की भागीदारी तथा जैविक कचरे से खाद तैयार करने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए, जिनकी बैठक में सराहना की गई।
बैठक में विधायक डॉ. जनक राज के प्रस्ताव पर प्रत्येक लंगर समिति से 12 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क एवं 25 हजार रुपये सुरक्षा राशि लेने का निर्णय लिया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में लंगर समितियां अपने स्तर पर दो सफाई कर्मचारी भी उपलब्ध करा सकेंगी, जो लंगर स्थल और उसके आसपास लगभग 500 मीटर क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखेंगे।
इसके अलावा हड़सर से श्री मणिमहेश तक स्थापित होने वाले सभी लंगरों एवं दुकानों की अनुमति, क्रम संख्या आवंटन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया बीडीओ और डीएफओ भरमौर के माध्यम से पूरी होगी, जबकि लूणा से हड़सर तक लंगर लगाने की अनुमति एसडीएम (नागरिक) भरमौर कार्यालय द्वारा जारी की जाएगी। सभी दुकानों और लंगरों को क्रम संख्या प्रदान की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने और कूड़ा-कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

25 अगस्त से शुरू होगी पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा 2026, ट्रस्ट की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, हेलीकॉप्टर सेवा, ड्रोन निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर लिए गए कई अहम फैसले; पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर ₹50 किया गया। हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर, पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर श्री मणिमहेश ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष एवं उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय भरमौर के सभागार में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के दो दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा दो मिनट का मौन रखकर की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं सदस्य सचिव, श्री मणिमहेश ट्रस्ट भरमौर ने ट्रस्ट की आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए आगामी यात्रा के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज, ग्राम पंचायत भरमौर, सैंचुई एवं हड़सर के प्रधान, ट्रस्ट के सदस्य, व्यापार मंडल भरमौर के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री मणिमहेश यात्रा 2026 का आयोजन 25 अगस्त से 19 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि श्रद्धालुओं के लिए 25 अगस्त से हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू होगी। यात्रा अवधि के दौरान कुगती परिक्रमा मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। प्रारंभिक तौर पर प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट उपलब्ध रहेंगे। विशेष अवसरों पर आवश्यकता के अनुसार स्लॉट की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। वहीं यात्रा पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए (भरमौर-हड़सर मार्ग) सहित क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, क्रैश बैरियर तथा सूचना संकेतकों का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। धनछो, गौरीकुंड और श्री मणिमहेश झील क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा, विद्युत, संचार एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ अतिरिक्त जल भंडारण टंकियां स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। चंबा-भरमौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी तथा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग की निगरानी ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी। बैठक में इस वर्ष स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल यात्रा पर विशेष जोर दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण तथा नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने सभी विभागों, लंगर समितियों, दुकानदारों एवं अन्य हितधारकों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्चुअल माध्यम से जुड़े श्री समीर ने अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्थानीय युवाओं की भागीदारी तथा जैविक कचरे से खाद तैयार करने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए, जिनकी बैठक में सराहना की गई। बैठक में विधायक डॉ. जनक राज के प्रस्ताव पर प्रत्येक लंगर समिति से 12 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क एवं 25 हजार रुपये सुरक्षा राशि लेने का निर्णय लिया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में लंगर समितियां अपने स्तर पर दो सफाई कर्मचारी भी उपलब्ध करा सकेंगी, जो लंगर स्थल और उसके आसपास लगभग 500 मीटर क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखेंगे। इसके अलावा हड़सर से श्री मणिमहेश तक स्थापित होने वाले सभी लंगरों एवं दुकानों की अनुमति, क्रम संख्या आवंटन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया बीडीओ और डीएफओ भरमौर के माध्यम से पूरी होगी, जबकि लूणा से हड़सर तक लंगर लगाने की अनुमति एसडीएम (नागरिक) भरमौर कार्यालय द्वारा जारी की जाएगी। सभी दुकानों और लंगरों को क्रम संख्या प्रदान की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने और कूड़ा-कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

Dharwala, Chamba | Jul 17, 2026