प्रेस विज्ञप्ति
स्थान- नालन्दा
दिनांक : 13 अगस्त 2026
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा
*“महिला जनप्रतिनिधि स्वयं आगे आएं और अपनी बात रखें: आस्थावां में जिलाधिकारी ने सक्रिय भागीदारी पर दिया जोर”*
• 15 दिनों में सभी नलकूपों की स्थिति सुधारने तथा तीन सदस्यीय टीम से पंचायत भवनों की व्यापक जांच कराने का निर्देश दिया गया।
• महिला जनप्रतिनिधियों से स्वयं बैठकों में शामिल होकर अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने की अपील की गई।
• जनप्रतिनिधियों से पात्र लोगों का राशन कार्ड बनवाने, आरटीपीएस सेवाओं की जानकारी देने, नल-जल की निगरानी तथा सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपेक्षा की गई।
*बिहारशरीफ (नालंदा):* आस्थावां प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण एवं निरीक्षण के क्रम में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का गहन निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर प्रखंड क्षेत्र की समस्याओं, चुनौतियों, सुझावों तथा बेहतर कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को सामने रखा गया, जिस पर संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने एक-एक कर उपस्थित जनप्रतिनिधियों से उनका परिचय लेते हुए उनके क्षेत्र में आने वाली समस्याओं एवं स्थानीय स्तर पर किए जा रहे अच्छे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बातचीत के क्रम में क्षेत्र में रोपनी की स्थिति की भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पूरे प्रखंड क्षेत्र में लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक रोपनी होने की स्थिति सामने आई।
जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्य मार्गों एवं रास्तों पर अतिक्रमण, तालाब, आहर, पोखर एवं पइन की जमीन पर अतिक्रमण, नलकूपों के समुचित रखरखाव का अभाव, सरकारी विद्यालयों में रखरखाव की समस्या तथा अधिकारियों द्वारा फोन पर उचित प्रतिक्रिया नहीं देने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इन मामलों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए आमजन एवं जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की कड़ी हिदायत दी।
पंचायत भवनों के निर्माण में गुणवत्ता तथा उनके समुचित रखरखाव से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर पंचायत भवनों की स्थिति का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया। वहीं नलकूपों की समस्याओं के संबंध में संबंधित कनीय अभियंता को 15 दिनों के अंदर सभी नलकूपों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पैन, आहर एवं पोखर के जीर्णोद्धार की मांग तथा विभिन्न कार्यों के लंबित भुगतान की समस्या भी जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई। इस पर निर्देश दिया गया कि जिन कार्यों के भुगतान के लिए राशि पूर्व से उपलब्ध है, उनका भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। जहां किसी कारण से भुगतान में विलंब हो रहा है, वहां कारणों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्यालयों में अतिक्रमण की शिकायतों पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्थल पर मामले की जांच कर उचित समाधान निकालने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि कई महिला जनप्रतिनिधियों की ओर से उनके प्रतिनिधि ही बैठक में अपनी बात रख रहे थे। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी तभी सुनिश्चित होगी, जब वे स्वयं बैठकों में उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी, समस्याओं को सुनेंगी और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक भागीदारी को धरातल पर मजबूत करना आवश्यक है। अगली बैठकों में यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया कि महिला जनप्रतिनिधि स्वयं उपस्थित होकर अपनी बात रखें, उनके स्थान पर प्रतिनिधि बैठक में उनकी ओर से बात न रखें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि प्रशासन को भी उनसे कुछ अपेक्षाएं हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करने में उनका सहयोग महत्वपूर्ण है।
पात्र लोगों का राशन कार्ड: उन्होंने कहा कि जिन पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है अथवा किसी कारण से रद्द हो गया है, उनकी जानकारी लेकर राशन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन कराने में सहयोग करें। सरकार द्वारा मिशन मोड में राशन कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।
स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं की जानकारी: उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय अथवा प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। जनप्रतिनिधि लोगों को आरटीपीएस के माध्यम से उपलब्ध आवश्यक सेवाओं की जानकारी दें तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करें।
संस्थागत प्रसव एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता:
जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों को सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव एवं नवजात शिशुओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा टीकाकरण की भी व्यवस्था रहती है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान में क्षेत्र में लगभग 30 से 40 प्रतिशत प्रसव ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हो रहे हैं, जबकि अधिकाधिक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से यह भी कहा कि आसपास यदि कोई अवैध या बिना लाइसेंस के अल्ट्रासाउंड केंद्र अथवा संदिग्ध रूप से संचालित क्लीनिक की जानकारी हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करेंगे तो स्थानीय समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता एवं संबंधित प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे तथा जनप्रतिनिधियों की तरफ से सुरेन्द्र कुमार (मुखिया), तपन कुमार (मुखिया), प्रमोद कुमार (मुखिया), शोभा देवी (मुखिया) एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
General Administration Department, Govt. of Bihar
Panchayati Raj Department, Government of Bihar
Public Health Engineering Department, Government of Bihar
Food & Consumer Protection Dept., Govt. of Bihar
Social Welfare Department, Government of Bihar
Bihar Health Department
Minor Water Resources Department, Government of Bihar
78 views | Nalanda, Bihar | Aug 13, 2026