प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
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दिनाँक: 14.08.2026
विषय: नालन्दा के बिंद प्रखंड में *कृषक-वैज्ञानिक वार्तालाप* कार्यक्रम आयोजित, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), नालंदा के तत्वावधान में जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक डॉ नितेश कुमार के मार्गदर्शन में बिंद प्रखंड अंतर्गत ताजनीपुर पंचायत के नौरंगा ग्राम में कृषक-वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर खेती से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराना तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप परियोजना निदेशक, आत्मा, नालंदा श्री धनंजय कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत के वैज्ञानिकों सहित कृषि विभाग एवं आत्मा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से उद्यान वैज्ञानिक कुमारी विभा रानी, मृदा वैज्ञानिक श्री उमेश नारायण उमेश तथा पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. विद्याशंकर सिन्हा ने किसानों को विभिन्न विषयों पर विस्तृत तकनीकी जानकारी दी।
उद्यान वैज्ञानिक कुमारी विभा रानी ने किसानों को फल, सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा उद्यान विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक विधि से उद्यानिकी फसलों की खेती कर अतिरिक्त आय प्राप्त करने की अपील की।
मृदा वैज्ञानिक श्री उमेश नारायण उमेश ने मृदा स्वास्थ्य एवं मृदा परीक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों एवं पोषक तत्वों का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. विद्याशंकर सिन्हा ने पशुपालन एवं पशु स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। उन्होंने पशुओं के संतुलित आहार, टीकाकरण, रोगों की रोकथाम, स्वच्छता तथा वैज्ञानिक पशुपालन पद्धति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण श्री सुधीर कुमार ने कृषि यंत्रीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से समय, श्रम एवं लागत की बचत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि यंत्रीकरण से संबंधित विभागीय योजनाओं एवं किसानों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी।
बिंद प्रखंड की प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं किसानों को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। वहीं आत्मा की प्रखंड पदाधिकारी प्रीति कुमारी ने आत्मा द्वारा संचालित प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, किसान समूह आधारित गतिविधियों एवं अन्य योजनाओं की जानकारी किसानों के साथ साझा की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी कृषि, उद्यान, मृदा एवं पशुपालन से संबंधित विभिन्न समस्याएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं। वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही आवश्यक तकनीकी सुझाव एवं समाधान बताए। इससे किसानों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से खेती करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर उप परियोजना निदेशक, आत्मा, नालंदा श्री धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि कृषक-वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी वैज्ञानिकों एवं विभागीय पदाधिकारियों तक पहुंचती है और उनका व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराया जा सकता है।
श्री सिंह ने कहा कि आत्मा, नालंदा द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग, आत्मा एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारी तथा सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने किसानों को कृषि के साथ उद्यानिकी, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं वैज्ञानिक पशुपालन को अपनाने की सलाह दी, ताकि खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सके।
कार्यक्रम में किसानों के बीच वैज्ञानिक संवाद के साथ-साथ आत्मा एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। किसानों को बताया गया कि विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर संबंधित कृषि कर्मियों से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने कृषक-वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता व्यक्त की।
कार्यक्रम में स्थानीय किसानों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही तथा किसानों ने वैज्ञानिकों से कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
Bihar Agricultural Management & Extension Training Institute
Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India
12 views | Nalanda, Bihar | Aug 14, 2026