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प्रधानमंत्री मोदी जी की पीड़ा Narendra Modi #viralpost #virel #insta #cockroachjantaparty #cjp

Bikaner, Bikaner | Jul 31, 2026

MORE NEWS

डूंगर कॉलेज के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन, जयपुर नेशनल हाईवे जाम
छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों ने सड़क पर जलाए टायर
हाईवे पर वाहनों की लगी लंबी कतारें, यातायात पूरी तरह प्रभावित
एनएसयूआई नेता श्रीकिशन गोदारा और गिरधारी कूकणा सहित कई छात्र नेता प्रदर्शन में मौजूद
पुलिस पहुंची मौके पर छात्रों को खदेड़ कर यातायात खुलवाया
पिछले दिनों पुलिस और छात्रों के बीच हुई थी तीखी झड़प भी आज फिर एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन।
#bikaner #NSUI #rajasthan #protest #chunav #BJP

डूंगर कॉलेज के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन, जयपुर नेशनल हाईवे जाम छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों ने सड़क पर जलाए टायर हाईवे पर वाहनों की लगी लंबी कतारें, यातायात पूरी तरह प्रभावित एनएसयूआई नेता श्रीकिशन गोदारा और गिरधारी कूकणा सहित कई छात्र नेता प्रदर्शन में मौजूद पुलिस पहुंची मौके पर छात्रों को खदेड़ कर यातायात खुलवाया पिछले दिनों पुलिस और छात्रों के बीच हुई थी तीखी झड़प भी आज फिर एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन। #bikaner #NSUI #rajasthan #protest #chunav #BJP

Bikaner, Bikaner | Aug 3, 2026

630 मीटर की विश्व की सबसे लंबी पगड़ी से राजवीर सिंह चलकोई का सम्मान, 
रंगरूड़ौ राजस्थान महोत्सव लूणकरनसर में हुआ सम्पन्न

लूणकरनसर। पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हैरिटेज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित “रंगरूड़ौ राजस्थान” का भव्य सांस्कृतिक महोत्सव रविवार को श्री हनुमान मन्दिर परिसर, लूणकरनसर में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ईश्वरलाल पंचारिया ने की।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात इतिहासविद् श्री राजवीर सिंह चलकोई ने राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता की पीड़ा उजागर करते हुए कहा कि राजस्थान में राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता का नहीं होना और विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा के अध्ययन केन्द्र थोपना राजस्थानियों का अपमान है । उन्होने कहा कि राजस्थानी संस्कृति को जीवित रखने के लिए रंगरूड़ो राजस्थान जैसे उत्सव होते रहने चाहिए । साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार, खेल और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया में अत्यधिक समय व्यतीत करने के बजाय अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, उनके संस्कार, शिक्षा और गतिविधियों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब परिवार उनका मार्गदर्शन और सहयोग करे।
उन्होंने राजस्थान के प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के साथ-साथ कम से कम एक खेल से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवन का आधार हैं।सभी नागरिकों से राजस्थानी भाषा, संस्कृति, लोककला और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को बचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है तथा नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. हरिमोहन सारस्वत ‘रूंख’ ने अपने साफे की महत्व पर बोलते हुए उसकी गरीमा को बनाए रखने की बात की ।  श्री छैलू चारण ‘छैल’ महाराणा प्रताप पर कविता सुनाकर जोश भरा राजूराम बिजारणिया ने बेटी पर कविता सुनाई साथ ही उनके राजस्थानी गजल एल्बम 'आज कबीरी चादर धर दे का लोकार्पण भी हुआ , श्री ओंकारनाथ योगी, श्री देवीलाल महिया, श्री रामजी लाल घोड़ेला, श्री भवानी पाईवाल तथा हनुमान पंचारिया ने मी विचारों और कविताओं से उपस्थिति दर्ज कराई ।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण 630 मीटर लंबी विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी रही। इस ऐतिहासिक पगड़ी को धारण करवाकर इतिहासविद् श्री राजवीर सिंह चलकोई का भव्य सम्मान किया गया। वहीं जगमाल सिंह भाटी की 40 फीट लंबी मूंछ दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनी रही।

राजस्थानी साफ़ा प्रतियोगिता में बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, करौली सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने भाग लेकर पारम्परिक साफ़ा बाँधने की अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने आयोजन को राज्यस्तरीय पहचान प्रदान करते हुए राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत परिचय कराया। महोत्सव में घूमर, भवई सहित विभिन्न राजस्थानी लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। 

कार्यक्रम संयोजक राम शर्मा ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य राजस्थानी भाषा, लोककला, संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है।

ट्रस्ट के संस्थापक स्वरूप पंचारिया ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं संस्कृति प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ट्रस्ट द्वारा संचालित “हर घर साफ़ा–हर घर पगड़ी” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पाँच दिवसीय नि:शुल्क राजस्थानी साफ़ा प्रशिक्षण शिविर में 248 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर राजस्थानी साफ़ा संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

चळकोई फाउंडेशन के संस्थापक राजवीर सिंह द्वारा स्कूली कबड्डी में 7 बार नेशनल स्तर खेली और राजस्थान की कप्तान रही लखावर गांव की बेटी आईना सायच को 25000 रु,साफा प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय व तृतीय रहे प्रतिभागियों को 5100,3100 व 1100 रु नकद पुरस्कार से तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम की सफलता में राजस्थानी मोट्यार परिषद के विनोद सारस्वत,नमामि शंकर आचार्य,राजेश चौधरी, हिमांशु टाक,कमल मारू, प्रशांत जैन सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन गोपाल जोशी ने किया। मोट्यार परिषद के हरिराम विश्नोई ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।अंत में अतिथियों का सम्मान कर राजस्थानी भाषा, संस्कृति और लोक परम्पराओं के संरक्षण का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।

630 मीटर की विश्व की सबसे लंबी पगड़ी से राजवीर सिंह चलकोई का सम्मान, रंगरूड़ौ राजस्थान महोत्सव लूणकरनसर में हुआ सम्पन्न लूणकरनसर। पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हैरिटेज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित “रंगरूड़ौ राजस्थान” का भव्य सांस्कृतिक महोत्सव रविवार को श्री हनुमान मन्दिर परिसर, लूणकरनसर में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ईश्वरलाल पंचारिया ने की। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात इतिहासविद् श्री राजवीर सिंह चलकोई ने राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता की पीड़ा उजागर करते हुए कहा कि राजस्थान में राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता का नहीं होना और विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा के अध्ययन केन्द्र थोपना राजस्थानियों का अपमान है । उन्होने कहा कि राजस्थानी संस्कृति को जीवित रखने के लिए रंगरूड़ो राजस्थान जैसे उत्सव होते रहने चाहिए । साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार, खेल और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया में अत्यधिक समय व्यतीत करने के बजाय अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, उनके संस्कार, शिक्षा और गतिविधियों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब परिवार उनका मार्गदर्शन और सहयोग करे। उन्होंने राजस्थान के प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के साथ-साथ कम से कम एक खेल से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवन का आधार हैं।सभी नागरिकों से राजस्थानी भाषा, संस्कृति, लोककला और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को बचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है तथा नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. हरिमोहन सारस्वत ‘रूंख’ ने अपने साफे की महत्व पर बोलते हुए उसकी गरीमा को बनाए रखने की बात की । श्री छैलू चारण ‘छैल’ महाराणा प्रताप पर कविता सुनाकर जोश भरा राजूराम बिजारणिया ने बेटी पर कविता सुनाई साथ ही उनके राजस्थानी गजल एल्बम 'आज कबीरी चादर धर दे का लोकार्पण भी हुआ , श्री ओंकारनाथ योगी, श्री देवीलाल महिया, श्री रामजी लाल घोड़ेला, श्री भवानी पाईवाल तथा हनुमान पंचारिया ने मी विचारों और कविताओं से उपस्थिति दर्ज कराई । महोत्सव का मुख्य आकर्षण 630 मीटर लंबी विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी रही। इस ऐतिहासिक पगड़ी को धारण करवाकर इतिहासविद् श्री राजवीर सिंह चलकोई का भव्य सम्मान किया गया। वहीं जगमाल सिंह भाटी की 40 फीट लंबी मूंछ दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनी रही। राजस्थानी साफ़ा प्रतियोगिता में बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, करौली सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने भाग लेकर पारम्परिक साफ़ा बाँधने की अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने आयोजन को राज्यस्तरीय पहचान प्रदान करते हुए राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत परिचय कराया। महोत्सव में घूमर, भवई सहित विभिन्न राजस्थानी लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम संयोजक राम शर्मा ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य राजस्थानी भाषा, लोककला, संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है। ट्रस्ट के संस्थापक स्वरूप पंचारिया ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं संस्कृति प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ट्रस्ट द्वारा संचालित “हर घर साफ़ा–हर घर पगड़ी” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पाँच दिवसीय नि:शुल्क राजस्थानी साफ़ा प्रशिक्षण शिविर में 248 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर राजस्थानी साफ़ा संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। चळकोई फाउंडेशन के संस्थापक राजवीर सिंह द्वारा स्कूली कबड्डी में 7 बार नेशनल स्तर खेली और राजस्थान की कप्तान रही लखावर गांव की बेटी आईना सायच को 25000 रु,साफा प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय व तृतीय रहे प्रतिभागियों को 5100,3100 व 1100 रु नकद पुरस्कार से तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम की सफलता में राजस्थानी मोट्यार परिषद के विनोद सारस्वत,नमामि शंकर आचार्य,राजेश चौधरी, हिमांशु टाक,कमल मारू, प्रशांत जैन सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही । कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन गोपाल जोशी ने किया। मोट्यार परिषद के हरिराम विश्नोई ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।अंत में अतिथियों का सम्मान कर राजस्थानी भाषा, संस्कृति और लोक परम्पराओं के संरक्षण का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।

Bikaner, Bikaner | Aug 3, 2026

राजकीय विधि महाविद्यालय में गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

गुरु के प्रति आदर और जीवन मूल्यों का बोध ही शिक्षा का उद्देश्य : प्रो. दिग्विजय सिंह शेखावत

बीकानेर, 3 अगस्त। राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि वेदव्यास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर दिग्विजय सिंह शेखावत ने गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालते हुए गुरु पूर्णिमा के महत्व को जीवंत एवं प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि जब तक गुरु जीवन मूल्यों का बोध नहीं कराता, तब तक व्यक्ति का जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है तथा व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि गुरुतत्त्व का वास्तविक अर्थ व्यक्ति को पशुता से मनुष्यता की ओर अग्रसर करना है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. भगवाना राम विश्नोई ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में चेतना, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के प्रति सदैव जिज्ञासु रहने तथा जीवन के प्रत्येक चरण में गुरु के प्रति सम्मान एवं सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नई किरण नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। प्रोफेसर दिग्विजय सिंह शेखावत ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। 

कार्यक्रम का संचालन एवं संक्षिप्त रूपरेखा हेम सिंह शेखावत ने प्रस्तुत की, जबकि प्रो. कुमुद जैन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राजकीय विधि महाविद्यालय में गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ गुरु के प्रति आदर और जीवन मूल्यों का बोध ही शिक्षा का उद्देश्य : प्रो. दिग्विजय सिंह शेखावत बीकानेर, 3 अगस्त। राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि वेदव्यास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर दिग्विजय सिंह शेखावत ने गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालते हुए गुरु पूर्णिमा के महत्व को जीवंत एवं प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि जब तक गुरु जीवन मूल्यों का बोध नहीं कराता, तब तक व्यक्ति का जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है तथा व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि गुरुतत्त्व का वास्तविक अर्थ व्यक्ति को पशुता से मनुष्यता की ओर अग्रसर करना है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. भगवाना राम विश्नोई ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में चेतना, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के प्रति सदैव जिज्ञासु रहने तथा जीवन के प्रत्येक चरण में गुरु के प्रति सम्मान एवं सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर नई किरण नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। प्रोफेसर दिग्विजय सिंह शेखावत ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं संक्षिप्त रूपरेखा हेम सिंह शेखावत ने प्रस्तुत की, जबकि प्रो. कुमुद जैन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Bikaner, Bikaner | Aug 3, 2026

बीकानेर में अवैध कॉलोनियों का बढ़ता जाल,
गरीबों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट
 बीकानेर।शहर और आसपास के क्षेत्रों में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के लगातार विकसित होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में कॉलोनियां कृषि भूमि पर बसी हुई हैं,जबकि नई अवैध कॉलोनियां भी तेजी से काटी जा रही हैं।उनका आरोप है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को होगा,जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर 3 से 4 लाख रुपये में प्लॉट खरीदे और मकान बना लिए हैं।गोकुलधाम एन्क्लेव,नापासर रोड सहित कई क्षेत्रों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं।उन्होंने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।95 प्रतिशत कृषि खातेदारी भूमि है, सिर्फ पांच प्रतिशत ही वैध भूमि पर कालोनिया काटी गई फिर भी इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है बजरंग धोरा एवं ख्वाजा कॉलोनी में आज तक पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।ख्वाजा कॉलोनी में एक सरकारी विद्यालय भी संचालित है,लेकिन वहां भी अब तक स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है।इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि यदि कृषि भूमि पर कॉलोनियां बस रही हैं तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी क्या है। आरोप है कि बिना आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए कॉलोनियां विकसित हो रही हैं।भविष्य में यदि प्रशासन या बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा अतिक्र मण या अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाती है,तो सबसे अधिक नुकसान उन आम नागरिकों को होगा जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदे हैं।बीकानेर में अतीत में भी अवैध कॉलोनियों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तथा खरीद-फरोख्त पर रोक जैसे मामले सामने आए हैं। पीडि़तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि नई अवैध कॉलोनियों पर समय रहते रोक लगाई जाए।कॉलोनी विकसित करने वाले जिम्मेदार लोगों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।गरीब खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए ताकि भविष्य में किसी कार्रवाई का खामियाजा केवल आम नागरिकों को न भुगतना पड़े।शिकायतकर्ताओं को मिलने वाली कथित धमकियों की निष्पक्ष जांच कर उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।
रेरा में रजिस्टर्ड नहीं
धारा 90-ए के तहत राज्य सरकार की अनुमति से कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में बदलकर आवासीय,वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग में लिया जा रहा है। हालांकि, अब धारा 90-बी को धारा 90-ए में शामिल कर दिया गया है। मगर 90-बी या ए कराते वक्त अधिकतर कॉलोनाजर यूआईटी या बीडीए की शर्तें पूरी नहीं करते।इन्हीं हालातों को देखते हुए 2016 में रियल एस्टेट विनियमन और विकास का गठन हुआ। सीमा भी तय हुई कि 500 वर्ग मीटर से अधिक या 8 से अधिक अपार्टमेंट वाले सभी आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं को रेरा के साथ पंजीकृत होना चाहिए। बीकानेर में 90-ए और 90-बी की 228 कॉलोनियां हैं। इनमें से 150 से ज्यादा कॉलोनियां ऐसी हैं जो रेरा में रजिस्टर्ड नहीं है।
 *120 कॉलोनियों में सीवरेज-सड़क, पाइपलाइन नहीं*
बीकानेर में करीब 120 ऐसी निजी कॉलोनियां हैं जो पूरी तरह बस चुकी,लेकिन वहां अब तक ना तो सड़क है,ना सीवरेज। पार्क जैसी सुविधा तो दूर की बात।लोगों ने सस्ते के चक्कर में भूखंड तो लेकर मकान बना लिए मगर अब दोष बीडीए और निगम को दे रहे हैं।ये सारी सुविधाएं देने का जिम्मा उसी फर्म का है,जिससे भूखंड लिया है।बीडीए की खामी ये है कि 90-ए की अनुमति देने के बाद भी ये क्रॉस चेक नहीं करते कि जो वादे कॉलोनी के लिए किए गए वो पूरे हुए या नहीं।

बीकानेर में अवैध कॉलोनियों का बढ़ता जाल, गरीबों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट बीकानेर।शहर और आसपास के क्षेत्रों में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के लगातार विकसित होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में कॉलोनियां कृषि भूमि पर बसी हुई हैं,जबकि नई अवैध कॉलोनियां भी तेजी से काटी जा रही हैं।उनका आरोप है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को होगा,जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर 3 से 4 लाख रुपये में प्लॉट खरीदे और मकान बना लिए हैं।गोकुलधाम एन्क्लेव,नापासर रोड सहित कई क्षेत्रों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं।उन्होंने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।95 प्रतिशत कृषि खातेदारी भूमि है, सिर्फ पांच प्रतिशत ही वैध भूमि पर कालोनिया काटी गई फिर भी इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है बजरंग धोरा एवं ख्वाजा कॉलोनी में आज तक पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।ख्वाजा कॉलोनी में एक सरकारी विद्यालय भी संचालित है,लेकिन वहां भी अब तक स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है।इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि यदि कृषि भूमि पर कॉलोनियां बस रही हैं तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी क्या है। आरोप है कि बिना आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए कॉलोनियां विकसित हो रही हैं।भविष्य में यदि प्रशासन या बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा अतिक्र मण या अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाती है,तो सबसे अधिक नुकसान उन आम नागरिकों को होगा जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदे हैं।बीकानेर में अतीत में भी अवैध कॉलोनियों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तथा खरीद-फरोख्त पर रोक जैसे मामले सामने आए हैं। पीडि़तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि नई अवैध कॉलोनियों पर समय रहते रोक लगाई जाए।कॉलोनी विकसित करने वाले जिम्मेदार लोगों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।गरीब खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए ताकि भविष्य में किसी कार्रवाई का खामियाजा केवल आम नागरिकों को न भुगतना पड़े।शिकायतकर्ताओं को मिलने वाली कथित धमकियों की निष्पक्ष जांच कर उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। रेरा में रजिस्टर्ड नहीं धारा 90-ए के तहत राज्य सरकार की अनुमति से कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में बदलकर आवासीय,वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग में लिया जा रहा है। हालांकि, अब धारा 90-बी को धारा 90-ए में शामिल कर दिया गया है। मगर 90-बी या ए कराते वक्त अधिकतर कॉलोनाजर यूआईटी या बीडीए की शर्तें पूरी नहीं करते।इन्हीं हालातों को देखते हुए 2016 में रियल एस्टेट विनियमन और विकास का गठन हुआ। सीमा भी तय हुई कि 500 वर्ग मीटर से अधिक या 8 से अधिक अपार्टमेंट वाले सभी आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं को रेरा के साथ पंजीकृत होना चाहिए। बीकानेर में 90-ए और 90-बी की 228 कॉलोनियां हैं। इनमें से 150 से ज्यादा कॉलोनियां ऐसी हैं जो रेरा में रजिस्टर्ड नहीं है। *120 कॉलोनियों में सीवरेज-सड़क, पाइपलाइन नहीं* बीकानेर में करीब 120 ऐसी निजी कॉलोनियां हैं जो पूरी तरह बस चुकी,लेकिन वहां अब तक ना तो सड़क है,ना सीवरेज। पार्क जैसी सुविधा तो दूर की बात।लोगों ने सस्ते के चक्कर में भूखंड तो लेकर मकान बना लिए मगर अब दोष बीडीए और निगम को दे रहे हैं।ये सारी सुविधाएं देने का जिम्मा उसी फर्म का है,जिससे भूखंड लिया है।बीडीए की खामी ये है कि 90-ए की अनुमति देने के बाद भी ये क्रॉस चेक नहीं करते कि जो वादे कॉलोनी के लिए किए गए वो पूरे हुए या नहीं।

Bikaner, Bikaner | Aug 3, 2026

मोबाइल हैक कर लोगों से मांगे जा रहे पैसे , बीकानेर निवासी ने जारी की चेतावनी

 बीकानेर। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला बीकानेर के निवासी यज्ञ प्रसाद शर्मा से जुड़ा है, जिनका मोबाइल फोन हैक होने के बाद ठग उनके नाम से व्हाट्सएप पर लोगों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। जानकारी के अनुसार, हैकर यज्ञ प्रसाद शर्मा की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इमरजेंसी का हवाला दे रहा है। वह यह कहकर रुपये मांग रहा है कि उसका यूपीआई काम नहीं कर रहा है, इसलिए तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक जागरूक परिचित ने यज्ञ प्रसाद शर्मा से संपर्क कर पैसे मांगने वाले मैसेज की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका
 मोबाइल फोन हैक कर लिया है और उनके नाम का दुरुपयोग कर लोगों से रुपये मांग रहा है। यज्ञ प्रसाद शर्मा ने सभी परिचितों और आमजन से अपील की है कि यदि उनके नाम से किसी भी प्रकार का पैसे मांगने का मैसेज या कॉल आए तो उस पर भरोसा न करें और कोई भी राशि ट्रांसफर न करें। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि किए पैसे भेजने पर साइबर ठगी का शिकार होने की आशंका है।
बता दें कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजने से पहले फोन कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। यदि इस प्रकार का संदिग्ध संदेश मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
*पैसे ट्रांसफर करवाने के लिए खुद का क्यूआर कोड भेजा*
 यज्ञ प्रसाद शर्मा के परिचित ने सूझबूझ दिखाते हुए शर्मा के नंबर पर पैसे भेजने की बात कही तो हैकर ने कहा कि नंबरों पर पैसे मत भेजें। हैकर ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए खुद का एक स्कैनर भेजा और बोला कि इस स्कैनर पर पैसे ट्रांसफर कर दिजिए।

मोबाइल हैक कर लोगों से मांगे जा रहे पैसे , बीकानेर निवासी ने जारी की चेतावनी बीकानेर। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला बीकानेर के निवासी यज्ञ प्रसाद शर्मा से जुड़ा है, जिनका मोबाइल फोन हैक होने के बाद ठग उनके नाम से व्हाट्सएप पर लोगों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। जानकारी के अनुसार, हैकर यज्ञ प्रसाद शर्मा की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इमरजेंसी का हवाला दे रहा है। वह यह कहकर रुपये मांग रहा है कि उसका यूपीआई काम नहीं कर रहा है, इसलिए तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक जागरूक परिचित ने यज्ञ प्रसाद शर्मा से संपर्क कर पैसे मांगने वाले मैसेज की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया है और उनके नाम का दुरुपयोग कर लोगों से रुपये मांग रहा है। यज्ञ प्रसाद शर्मा ने सभी परिचितों और आमजन से अपील की है कि यदि उनके नाम से किसी भी प्रकार का पैसे मांगने का मैसेज या कॉल आए तो उस पर भरोसा न करें और कोई भी राशि ट्रांसफर न करें। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि किए पैसे भेजने पर साइबर ठगी का शिकार होने की आशंका है। बता दें कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजने से पहले फोन कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। यदि इस प्रकार का संदिग्ध संदेश मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। *पैसे ट्रांसफर करवाने के लिए खुद का क्यूआर कोड भेजा* यज्ञ प्रसाद शर्मा के परिचित ने सूझबूझ दिखाते हुए शर्मा के नंबर पर पैसे भेजने की बात कही तो हैकर ने कहा कि नंबरों पर पैसे मत भेजें। हैकर ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए खुद का एक स्कैनर भेजा और बोला कि इस स्कैनर पर पैसे ट्रांसफर कर दिजिए।

Bikaner, Bikaner | Aug 3, 2026

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