डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद, प्रमोद पटेल ने ओबीसी महासभा के गया प्रसाद पटेल पर लगाए गंभीर आरोप
सिविल लाइन थाने में दर्ज मामले को प्रमोद ने बताया गलत, एसपी कार्यालय में निष्पक्ष जांच की मांग; गया प्रसाद ने आरोपों को नकारते हुए प्रमोद पर धमकी देने का लगाया आरोप
छतरपुर। छतरपुर जिले के सतई तहसील निवासी प्रमोद पटेल और ओबीसी महासभा के सागर संभागीय अध्यक्ष गया प्रसाद पटेल के बीच कथित रूप से रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रमोद पटेल का आरोप है कि उन्होंने गया प्रसाद पटेल को निजी कार्य के लिए करीब 1.50 लाख रुपये उधार दिए थे। प्रमोद के मुताबिक, जब उन्होंने अपने रुपये वापस लेने के लिए गया प्रसाद से संपर्क किया और उनके घर पहुंचे तो उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज करा दिया गया। प्रमोद ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रमोद पटेल ने इस संबंध में छतरपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका दावा है कि उन्होंने अपनी शिकायत के समर्थन में कुछ दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।
गया प्रसाद पर लगाए अन्य आरोप
प्रमोद पटेल ने गया प्रसाद पटेल पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। प्रमोद का दावा है कि गया प्रसाद पटेल के खिलाफ पूर्व में आपराधिक मामले रहे हैं और वह कथित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं। प्रमोद के अनुसार, इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
गया प्रसाद पटेल ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, गया प्रसाद पटेल ने प्रमोद पटेल के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने प्रमोद पटेल से कोई रकम उधार नहीं ली है। गया प्रसाद के मुताबिक, प्रमोद लगातार उन्हें धमका रहे हैं और जबरन पैसे वसूलने का प्रयास कर रहे हैं।
गया प्रसाद पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रमोद पटेल के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और वह उन्हें लगातार धमकाते हैं। उनका दावा है कि प्रमोद घर पर आकर भी धमकी दे चुके हैं और जान से मारने की धमकी भी दी गई है।
पुलिस जांच से सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल मामला दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। प्रमोद पटेल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि गया प्रसाद पटेल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए प्रमोद पर ही धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डेढ़ लाख रुपये के कथित लेनदेन, थाने में दर्ज मामले और दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है।