जल स्रोत सततता एवं ग्रे वाटर मैनेजमेंट पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
--
परमार्थ समाजसेवी संस्थान द्वारा शीला पैलेस होटल, जनपद पंचायत सभागार निवाड़ी में पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के सदस्यों, सरपंचों एवं पंचायत सचिवों के लिए जल स्रोत सततता (Water Source Sustainability) एवं ग्रे वाटर मैनेजमेंट विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिल्ली से आए जल प्रबंधन विशेषज्ञ श्री के.के. गोर द्वारा सभी को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान श्री गोर ने जल बजट (Water Budget), वाटर सिक्योरिटी प्लान (Water Security Plan), जल स्रोत संरक्षण, भूजल पुनर्भरण (Ground Water Recharge), वर्षा जल संचयन, जल गुणवत्ता प्रबंधन तथा ग्रे वाटर के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए पंचायत स्तर पर वैज्ञानिक योजना बनाकर जल स्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत निवाड़ी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती वंदना कैथल एवं कार्यक्रम विस्तार अधिकारी मनरेगा श्री धीरेंद्र मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सीईओ श्रीमती कैथल ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने ग्रामों में जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को सफल बनाने में ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा प्रत्येक पंचायत को जल स्रोतों के संरक्षण और उनके नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम विस्तार अधिकारी श्री धीरेंद्र मिश्रा ने मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर तालाबों, जल संरचनाओं एवं भूजल पुनर्भरण कार्यों को बढ़ावा दें ताकि भविष्य में जल संकट की समस्या को कम किया जा सके।
प्रशिक्षण में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की भूमिका, संचालन एवं संधारण (Operation and Maintenance), ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की जिम्मेदारियां तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे वाटर का उपचार एवं पुनः उपयोग कर जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में सरपंचों एवं पंचायत सचिवों ,रोजगार सहायक ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न तकनीकी विषयों पर चर्चा की तथा अपने ग्रामों में जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने, ग्रे वाटर प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
#जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP #JansamparkMP #niwari