कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामुद्दीन पुर निवासी अकबर पिछले 8 महीना से लंबी लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने लीवर ट्रांसप्लांट को ही उनकी जान बचाने को एकमात्र उपाय बताया था। इसी दौरान अकबर की पत्नी 8 वर्षीय बेटे के साथ उन्हें छोड़कर मायके चली गई। जिससे परिवार में निराशा छा गई।