विस्थापितों का आरोप: प्रशासन ने बर्बरता से हटाया आंदोलन, अमित भटनागर ने अनशन जारी रखने की कही बात
विस्थापितों के आंदोलन के दौरान प्रशासन की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी जान की परवाह किए बिना बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया। उनका यह भी दावा है कि प्रदर्शन के दौरान आदिवासी महिलाओं को, जो बच्चों के साथ नदी पार कर रही थीं, पुलिस ने जबरन रोका, पकड़ा और हिरासत में ले लिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा है कि उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "मैं न तो ड्रिप लगवाऊंगा और न ही कुछ खाऊंगा। यदि मुझे जबरन कुछ खिलाने या ड्रिप लगाने की कोशिश की गई, तो मैं पानी पीना भी छोड़ दूंगा।"
वहीं आंदोलन का समर्थन कर रहे लोगों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना, संविधान और अधिकारों की बात करना कोई अपराध नहीं है। उनका कहना है कि यदि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह माना जाता है, तो यह आवाज आगे भी उठती रहेगी।
हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
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Shahnagar, Panna | Jul 19, 2026