3000 पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी!" देहरादून में हरियाली बचाने को उठी बुलंद आवाज, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल
देहरादून के सात मोड़ चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रस्तावित 3000 पेड़ों की कटाई को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है। विकास बनाम पर्यावरण की बहस के बीच मैती आंदोलन के जनक एवं पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने खुलकर पेड़ों के संरक्षण की पैरवी की है।
रावत का कहना है कि सरकार के पास फ्लाईओवर और अंडरग्राउंड सुरंग जैसे वैकल्पिक समाधान मौजूद थे, जिन पर गंभीरता से विचार किया जा सकता था। उनका मानना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए वर्षों पुराने पेड़ों की बलि देना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि करीब 3000 पेड़ काटे गए तो आने वाले समय में देहरादून को पर्यावरणीय असंतुलन, बढ़ते तापमान और जलवायु संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले से 16 लाख से अधिक आबादी वाले देहरादून पर लगातार बढ़ते जनसंख्या दबाव के बीच हरियाली को बचाना विकास जितना ही जरूरी है।
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