यह जीवंत तस्वीर मानपुर के वार्ड क्रमांक-1,सेमरी के पास की बताई जा रही है,जो सोशल मीडिया में वायरल है।जहां बाघ की मौजूदगी की खबर के बाद ग्रामीण उसे देखने के लिए भागते-दौड़ते नजर आ रहे हैं।वन्यजीव को करीब से देखने की यह ललक रोमांचक जरूर है,लेकिन कई बार यही उत्सुकता जानलेवा जोखिम में बदल सकती है।दरअसल,इंसानी भीड़,शोर और लगातार पीछा किए जाने से स्वभाव से शांत रहने वाला बाघ विचलित और आक्रामक हो सकता है।ऐसी स्थिति में उसके हमले का खतरा बढ़ जाता है।इसलिए बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों को उसे देखने के लिए करीब जाने या घेरने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखने की ज़रूरत है।बाघ का मूवमेंट रोमांच नहीं,सावधानी का संकेत है।वन्यजीव को उसके प्राकृतिक रास्ते पर छोड़ें,भीड़ न लगाएं और वन विभाग की सलाह का पालन करें,क्योंकि बाघ को देखने की कुछ मिनटों की ललक,जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है।
Khurai, Sagar | Sep 13, 2026