#कहीं_रिश्वत_ही_तो_चंदा_नहीं_बन_गया?
भरतपुर। रूपवास तहसील कार्यालय में आरटीआई के तहत रिकॉर्ड निरीक्षण के दौरान सरकारी रजिस्टर में संदिग्ध नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। खानसूरजापुर निवासी विश्वेन्दर ने उपखण्ड अधिकारी को शिकायत देकर बताया कि 26 मई को निरीक्षण के दौरान उन्हें एक रजिस्टर के पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों में करीब 6 हजार रुपये दबे मिले। इस संदिग्ध राशि पर आपत्ति जताने पर वहां मौजूद बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव भड़क गए। आरोप है कि कर्मचारियों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया और साक्ष्य मिटाने की नीयत से रुपयों वाली फाइल को वहां से गायब कर दिया। यही नहीं, तानाशाही रवैया अपनाते हुए पीड़ित को आगे का निरीक्षण करने से भी रोक दिया गया। पीड़ित ने इस राशि के रिश्वत या साजिश होने की आशंका जताते हुए कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग की है।