डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा – मेयर सुमन बहमनी
मेयर ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
यमुनानगर।
महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं देश की एकता और अखंडता के महान पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर नगर निगम की महापौर सुमन बहमनी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
महापौर सुमन बहमनी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, सेवा और सिद्धांतों के प्रति अटूट समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए जो संघर्ष किया, वह प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। उनका स्पष्ट विचार था कि राष्ट्र सर्वोपरि है और देश की एकता से कभी कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति को नई दिशा प्रदान की। शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में उनके योगदान को देश सदैव स्मरण करेगा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। देश की एकता, सुशासन और विकास के लिए उनके आदर्श आज भी मार्गदर्शक हैं। महापौर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए हुए मार्ग पर चलकर ही भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। उनकी जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने सभी नागरिकों से उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
फोटो - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित पर नमन करती मेयर सुमन बहमनी व अन्य।