"सनातन ज्ञान परंपरा केवल हमारा गौरवशाली अतीत नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की मार्गदर्शक है।" – आशीष सिंहल
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उदयपुर, 4 जुलाई। सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सनातन पाठशाला समिति द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा व्याख्यान एवं ध्यान सत्र 2026 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों तथा आत्मचिंतन से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आशीष सिंहल ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, श्रीमद्भगवद्गीता, योग, आयुर्वेद, दर्शन, संत परंपरा तथा वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक चिंतन में निहित है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी प्रदान करती है।
आशीष सिंहल ने कहा, "भारतीय ज्ञान परंपरा वह नींव है, जिस पर न केवल हमारा अतीत खड़ा है, बल्कि आने वाला स्वर्णिम भविष्य भी आकार लेगा।"
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जगदीश जी पालीवाल ने विद्यार्थियों को ध्यान सत्र का अभ्यास कराया। उन्होंने ध्यान के माध्यम से आत्मजागरण, एकाग्रता, मानसिक शांति तथा आत्मबोध के महत्व को सरल एवं प्रेरक रूप में समझाया।
कार्यक्रम का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्य रितु भटनागर ने और आभार विद्यालय के डायरेक्टर एच.एल. कंठालिया ने व्यक्त किया । संयोजक सिंहल ने जानकारी दी कि भारतीय ज्ञान परंपरा व्याख्यान माला 2026 के सत्र आगामी तीन महीनों तक उदयपुर के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की जाएगी।
Girwa, Udaipur | Jul 4, 2026