गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र में जून 2024 में हुई युवती श्वेता की हत्या के मामले में न्यायालय ने उसके पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरन शुक्ला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद हुई।
पुलिस के मुताबिक, 10/11 जून 2024 की रात राजेश शुक्ला ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उसके भाइयों ने उसे और उसकी बेटी को मारकर भाग गए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल राजेश को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने श्वेता को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम और फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए।
विवेचना में पुलिस ने 12 जून 2024 को राजेश शुक्ला और उसकी पत्नी किरन को गिरफ्तार किया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि श्वेता की शादी एक कथित आपराधिक प्रवृत्ति वाले युवक से कराने को लेकर वह राजी नहीं थी। वहीं, राजेश का अपने भाइयों से पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस के अनुसार, भाइयों को फंसाने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों ने श्वेता की चाकू से गला रेतकर हत्या की और डायल-112 पर झूठी सूचना दी। पुलिस ने 11 जुलाई 2024 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। जिसपर अपर शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ला व विनय सिंह की प्रभावी पैरवी के बाद पीठासीन अधिकारी दुर्गानारायण सिंह ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
#गोंडा #धानेपुर #GondaNews #CrimeNews #ऑपरेशनकन्विक्शन #सजाएमौत_नहीं_उम्रकैद #हत्या
Gonda, Gonda | Aug 12, 2026