दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के कुमरपट्टी गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में चाकूबाजी हुई। 5 सितंबर 2026 की रात 10 बजे से 1 बजे के बीच हुई इस घटना में एक युवक की चाकू लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, रात में NH-27 पर राकेश साहनी (पिता अर्जुन साहनी) का किसी अज्ञात व्यक्ति से झगड़ा हुआ था। इसके बाद राकेश ने अपने जीजा गनौर साहनी (पिता शंभू साहनी) को फोन कर बुलाया। आरोप है कि गनौर साहनी ने 14 नामजद और 5-6 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडे और धारदार चाकू से लैस होकर पूजा पंडाल पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान जातिसूचक गालियां देते हुए कुमरपट्टी निवासी कमलेश कुमार (पिता राम आशीष कुमार राम) को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उन्हें इलाज के लिए DMCH में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कमलेश कुमार की मौत हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने आए सुमन कुमार (पिता राज किशोर राम, ग्राम ठकनिया) को भी चाकू मारकर घायल कर दिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर कमतौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में मामले से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी दल में सिमरी थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार, एसआई रविंद्र भारती, एएसआई शशिकांत सिंह, पीएसआई पंकज कुमार और सिमरी थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया खून लगा चाकू और आरोपियों के तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। थाना अध्यक्ष ने बताया कि कुल दो चाकू बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुरारी कुमार (पिता बुलटन साहनी), वीरेंद्र ठाकुर (पिता अभय ठाकुर), राकेश कुमार (पिता अरुण साहनी), चंचल कुमार (पिता जय नारायण साहनी), गन्नौर कुमार साहनी (पिता शंभू साहनी), चंदन कुमार (पिता जय नारायण साहनी), अमरजीत कुमार (पिता राम सागर दास) और रोहित कुमार (पिता संतोष पासवान) शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया गया है।
सदर कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 5 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही थी। रात में कुमरपट्टी गांव में भक्ति जागरण के दौरान कंसी गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ, जिसके बाद चाकूबाजी की घटना हुई। इसमें कमलेश राम की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि जागरण देखने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बढ़कर दो गांवों के लोगों के बीच मारपीट में बदल गया। मामला संवेदनशील होने के कारण एक विशेष टीम बनाकर छापेमारी की गई और आरोपियों को पकड़ा गया।
एसडीपीओ ने यह भी बताया कि जागरण की आड़ में आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम हुआ था। पूजा कमेटी को इस तरह के किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी। कमेटी को सिर्फ जन्मोत्सव मनाने की परमिशन मिली थी, न कि जागरण या आर्केस्ट्रा करने की। इस मामले की जांच की जा रही है और पूजा कमेटी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में सिमरी थाना में एफआईआर नंबर 186/26 दर्ज किया गया है। हत्या की धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बचे हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।