Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana
No video available

देव झुलनी एकादशी के पर्व पर जो हादसा हुआ और उसमें 2 महिलाओं की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त की - श्री गुलाब चंद कटारिया जी

63.8k views | Badgaon, Udaipur | Sep 6, 2022

MORE NEWS

निर्मल मन से की गई तपस्या ही सच्ची साधना : प्रशांत अग्रवाल

उदयपुर, 03 अगस्त। नारायण सेवा संस्थान की ओर से सावन मास में आयोजित शिव कथा में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने भगवान शिव और मां सती के दिव्य मिलन की कथा सुनाते हुए कहा कि सच्ची तपस्या वही कर सकता है, जिसका मन निर्मल और भाव पवित्र हों। उन्होंने कहा कि तपस्या केवल शरीर को कष्ट देने का नाम नहीं, बल्कि मन को विकारों से मुक्त कर ईश्वर के प्रति समर्पित करना है।
कथा प्रसंग में उन्होंने मां सती की साधना और भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा का वर्णन किया। कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में त्याग और वैराग्य को आत्मशुद्धि का मार्ग माना गया है। आज भी कलियुग में जैन धर्म सहित विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं में अनेक युवक-युवतियां सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम और वैराग्य का मार्ग अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक वैराग्य बाहरी स्वरूप में नहीं, बल्कि मन के भीतर जन्म लेता है।
अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव का जीवन त्याग, करुणा, संयम और समभाव का संदेश देता है। यदि मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह पर विजय प्राप्त कर ले तो उसका जीवन ही साधना बन जाएगा।
कथा के दौरान भजनों और शिव स्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नारायण सेवा संस्थान से लाभान्वित दिव्यांग भी भजनों पर झूमते रहे। उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में कथा का श्रवण किया। कथा स्थल पर शिव भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान जयकारे लगाए।

निर्मल मन से की गई तपस्या ही सच्ची साधना : प्रशांत अग्रवाल उदयपुर, 03 अगस्त। नारायण सेवा संस्थान की ओर से सावन मास में आयोजित शिव कथा में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने भगवान शिव और मां सती के दिव्य मिलन की कथा सुनाते हुए कहा कि सच्ची तपस्या वही कर सकता है, जिसका मन निर्मल और भाव पवित्र हों। उन्होंने कहा कि तपस्या केवल शरीर को कष्ट देने का नाम नहीं, बल्कि मन को विकारों से मुक्त कर ईश्वर के प्रति समर्पित करना है। कथा प्रसंग में उन्होंने मां सती की साधना और भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा का वर्णन किया। कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में त्याग और वैराग्य को आत्मशुद्धि का मार्ग माना गया है। आज भी कलियुग में जैन धर्म सहित विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं में अनेक युवक-युवतियां सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम और वैराग्य का मार्ग अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक वैराग्य बाहरी स्वरूप में नहीं, बल्कि मन के भीतर जन्म लेता है। अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव का जीवन त्याग, करुणा, संयम और समभाव का संदेश देता है। यदि मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह पर विजय प्राप्त कर ले तो उसका जीवन ही साधना बन जाएगा। कथा के दौरान भजनों और शिव स्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नारायण सेवा संस्थान से लाभान्वित दिव्यांग भी भजनों पर झूमते रहे। उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में कथा का श्रवण किया। कथा स्थल पर शिव भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान जयकारे लगाए।

Badgaon, Udaipur | Aug 4, 2026

विज्ञान भारती द्वारा टीलाखेड़ा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित

टीलाखेड़ा (उदयपुर), 30 जुलाई।
विज्ञान भारती, उदयपुर इकाई–अरावली विज्ञान समिति (चित्तौड़ प्रांत) द्वारा "राष्ट्रीय पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विकास (NEED) मिशन" तथा "विकसित भारत–2047 हेतु नेट ज़ीरो मिशन" के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, टीलाखेड़ा में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा जनभागीदारी के माध्यम से 'विकसित भारत–2047' के संकल्प को साकार करने के लिए समाज में पर्यावरणीय चेतना का प्रसार करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्था प्रधान श्री संतोष व्यास द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। चातुर्मास के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य आम, आंवला, अमरूद, चंपा, शहतूत, कीकर, अमलताश, जामुन, अनार एवं नीम सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार वृक्षों का पौधारोपण किया। सभी सहभागियों ने रोपे गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प भी लिया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संतोष व्यास ने वैदिक विधि से पौधों का पूजन कराया तथा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं को सौंपते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विज्ञान भारती के वन हेल्थ मिशन के प्रांत समन्वयक डॉ. कमल सिंह ने महान भारतीय वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को स्वदेशी विज्ञान, वैज्ञानिक चिंतन एवं राष्ट्र निर्माण में विज्ञान की भूमिका से अवगत कराया।
विज्ञान भारती, उदयपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, जल, जलवायु एवं जैव विविधता के आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पक्षों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाराणा भूपाल विश्वविद्यालय से प्रो. डॉ. कमलसिंह राठौड़, डॉ. गिरधरपाल सिंह एवं विज्ञान भारती के सचिव डॉ. मोहन सिंह राठौड़ तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष), डॉ. हरिश मंगेश (उपाध्यक्ष) एवं डॉ. कुलदीप शर्मा (कोषाध्यक्ष) उपस्थित रहे। छात्र संसद अध्यक्ष कुशल कुंवर एवं उपाध्यक्ष युवराज सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। विद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। अंत में वृक्षारोपण प्रभारी श्री कमलेश शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर विज्ञान भारती के पदाधिकारियों, राष्ट्रीय पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विकास (NEED) मिशन, विकसित भारत–2047 हेतु नेट ज़ीरो मिशन के कार्यकर्ताओं, विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से अधिकाधिक वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण, कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत् जीवनशैली (LiFE) को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

विज्ञान भारती द्वारा टीलाखेड़ा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित टीलाखेड़ा (उदयपुर), 30 जुलाई। विज्ञान भारती, उदयपुर इकाई–अरावली विज्ञान समिति (चित्तौड़ प्रांत) द्वारा "राष्ट्रीय पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विकास (NEED) मिशन" तथा "विकसित भारत–2047 हेतु नेट ज़ीरो मिशन" के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, टीलाखेड़ा में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा जनभागीदारी के माध्यम से 'विकसित भारत–2047' के संकल्प को साकार करने के लिए समाज में पर्यावरणीय चेतना का प्रसार करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्था प्रधान श्री संतोष व्यास द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। चातुर्मास के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य आम, आंवला, अमरूद, चंपा, शहतूत, कीकर, अमलताश, जामुन, अनार एवं नीम सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार वृक्षों का पौधारोपण किया। सभी सहभागियों ने रोपे गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प भी लिया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संतोष व्यास ने वैदिक विधि से पौधों का पूजन कराया तथा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं को सौंपते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विज्ञान भारती के वन हेल्थ मिशन के प्रांत समन्वयक डॉ. कमल सिंह ने महान भारतीय वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को स्वदेशी विज्ञान, वैज्ञानिक चिंतन एवं राष्ट्र निर्माण में विज्ञान की भूमिका से अवगत कराया। विज्ञान भारती, उदयपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, जल, जलवायु एवं जैव विविधता के आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पक्षों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महाराणा भूपाल विश्वविद्यालय से प्रो. डॉ. कमलसिंह राठौड़, डॉ. गिरधरपाल सिंह एवं विज्ञान भारती के सचिव डॉ. मोहन सिंह राठौड़ तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष), डॉ. हरिश मंगेश (उपाध्यक्ष) एवं डॉ. कुलदीप शर्मा (कोषाध्यक्ष) उपस्थित रहे। छात्र संसद अध्यक्ष कुशल कुंवर एवं उपाध्यक्ष युवराज सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। विद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। अंत में वृक्षारोपण प्रभारी श्री कमलेश शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विज्ञान भारती के पदाधिकारियों, राष्ट्रीय पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विकास (NEED) मिशन, विकसित भारत–2047 हेतु नेट ज़ीरो मिशन के कार्यकर्ताओं, विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से अधिकाधिक वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण, कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत् जीवनशैली (LiFE) को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

Badgaon, Udaipur | Aug 4, 2026

Peace over everything. 🍃
.
.#treking #harharmahadev🙏🌿🕉️ #mountains #valley #udaipurdiaries❤️

Peace over everything. 🍃 . .#treking #harharmahadev🙏🌿🕉️ #mountains #valley #udaipurdiaries❤️

Badgaon, Udaipur | Aug 4, 2026

नार्देश्वर महादेव 🔱🕉️
.
#reels #reelsinstagram #udaipurdiaries #udaipur #india instagram mahadev mahadevlover viral trending

नार्देश्वर महादेव 🔱🕉️ . #reels #reelsinstagram #udaipurdiaries #udaipur #india instagram mahadev mahadevlover viral trending

Badgaon, Udaipur | Aug 4, 2026

निरोधात्मक दलों ने की अवैध मदिरा जब्त

उदयपुर, 3 अगस्त। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय, भण्डारण एवं परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आबकारी निरोधक दलों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। निरोधात्मक गतिविधियों में वृद्धि शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने में सहायक रही है।
प्रदेश में आबकारी निरोधक दलों के कार्रवाई के तहत चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा एवं बेगूं की आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई में 250 लीटर वाॅश नष्ट करते हुए 13 बोतल अवैध हथकड़ मदिरा जब्त कर 3 अभियोग दर्ज किए। आबूरोड़ में आबकारी निरोधक दल एवं आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 94 बीयर केन बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों में भी निरोधात्मक कार्रवाई के तहत गश्त, नाकाबंदी व दबिश दी जा रही है जिससे अवैध मदिरा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
--00--
फोटो केप्शन-
1-2- आबकारी निरोधक दलों की कार्रवाई।

निरोधात्मक दलों ने की अवैध मदिरा जब्त उदयपुर, 3 अगस्त। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय, भण्डारण एवं परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आबकारी निरोधक दलों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। निरोधात्मक गतिविधियों में वृद्धि शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने में सहायक रही है। प्रदेश में आबकारी निरोधक दलों के कार्रवाई के तहत चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा एवं बेगूं की आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई में 250 लीटर वाॅश नष्ट करते हुए 13 बोतल अवैध हथकड़ मदिरा जब्त कर 3 अभियोग दर्ज किए। आबूरोड़ में आबकारी निरोधक दल एवं आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 94 बीयर केन बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों में भी निरोधात्मक कार्रवाई के तहत गश्त, नाकाबंदी व दबिश दी जा रही है जिससे अवैध मदिरा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। --00-- फोटो केप्शन- 1-2- आबकारी निरोधक दलों की कार्रवाई।

Badgaon, Udaipur | Aug 3, 2026