मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित; संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की हुई समीक्षा, कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
जहानाबाद मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी, जहानाबाद छिरिङ वाई भूटिया ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से भाग लेते हुए जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने हेतु की गई तैयारियों तथा कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। बैठक का समन्वय सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी द्वारा किया गया।
बैठक के दौरान बिहार राज्य मौसम सेवा केंद्र एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा वर्षापात की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इस क्रम में बताया गया कि राज्य में वर्षा का विचलन (Rainfall Deviation) 57.9 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इस स्थिति को देखते हुए संभावित बाढ़ एवं सुखाड़—दोनों परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागवार तैयारियों एवं समन्वित कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में कृषि विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए जहानाबाद जिले में अब तक 62.11 प्रतिशत धान की रोपाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल, संसाधन तथा आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्णतः तैयार हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी, जहानाबाद ने कृषि सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव से जिले के कृषि क्षेत्रों के लिए 25 kVA एवं 100 kVA क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर मुख्य सचिव ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न नहरों, उनकी शाखाओं तथा बीयर (Weir) में उपलब्ध जल एवं जल प्रवाह की अद्यतन स्थिति की समीक्षा प्रस्तुत की गई। साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की तैयारियों की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने संबंधित सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए सभी विभाग सतत सतर्कता बनाए रखें, आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसानों एवं आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी आवश्यक पूर्व तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण सुनिश्चित करें।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (जल संसाधन), कार्यपालक अभियंता (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।