*CHC कोठी में 'वसूली गैंग' का नंगा नाच! ₹10 की पर्ची पर पेन से ₹20 लिख मलाई काट रहे साहिब, विरोध पर नर्स के दबंग पति ने दी फर्जी केस में फंसाने की धमकी*
*कोतमा (कोठी):* *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कोठी अब गरीबों के इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि अवैध वसूली और गुंडागर्दी का अखाड़ा बन चुका है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों की चिंदी-चिंदी उड़ाते हुए यहाँ मरीजों से खुलेआम डाका डाला जा रहा है। सबूत इतने ठोस हैं कि पर्ची खुद चीख-चीखकर भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है!*
*पर्ची पर पेन का 'खेल', नियम-कानून ढेल!*
*सरकारी पर्ची पर साफ़-साफ़ "शुल्क 10 रु." छपा हुआ है, लेकिन अस्पताल की 'अदृश्य तानाशाही' ने पेन चलाकर उसे "20 Rs" बना दिया। शाम 3:55 बजे इलाज कराने पहुंचे बेबस मरीज से जब जबरन दोगुनी रकम मांगी गई और मरीज ने सवाल पूछा, तो नियम बताने के बजाय उसे व्यवस्था का रौब दिखाया गया।*
*कैमरे में कैद 'पतिदेव' की दबंगई*
*मामले की हद तो तब हो गई जब पर्ची की धांधली का विरोध करने पर ऑन-ड्यूटी नर्स के पति (जो अस्पताल में पूरी तरह अनधिकृत हैं) गुंडों की तरह मरीज पर टूट पड़े।*
*अस्पताल में बाहरी हस्तक्षेप: नर्स के पति किस हैसियत से अस्पताल के सरकारी काम और वसूली की पहरेदारी कर रहे हैं?*
*खुलेआम धमकी: जब पीड़ित ने अपने हक की बात की, तो जवाब मिला— "ज्यादा बोले तो पुलिस में FIR करवा देंगे और इलाज भी नहीं होने देंगे!"*
*BMO कोतमा की शह या गहरी नींद?*
*यह पूरी धांधली BMO कोतमा के नाक के नीचे चल रही है।*
*क्या BMO साहब ने CHC कोठी को ठेके पर दे रखा है?*
*क्या छपी हुई रसीद पर ओवरराइटिंग करके अवैध वसूली करने की छूट BMO के 'मौखिक आदेशों' से मिली है?*
*शासकीय परिसर के भीतर मरीजों को धमकाने वाले कर्मचारियों के परिजनों पर कार्रवाई करने की हिम्मत प्रशासन क्यों नहीं जुटा पा रहा?*
*कलेक्टर अनूपपुर! अब तो उठाइए कार्रवाई का चाबुक*
*यह मामला सिर्फ ₹10 की अतिरिक्त वसूली का नहीं, बल्कि शासकीय व्यवस्था पर माफियागीरी के कब्जे का है। पीड़ित पक्ष और आक्रोशित जनता ने जिला कलेक्टर अनूपपुर से सीधी मांग की है:*
*तत्काल FIR दर्ज हो: छपी हुई सरकारी पर्ची पर हेरफेर (Tampering) करने वाले अमले और शह देने वाले अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।*
*दबंगों पर कार्रवाई: ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और अस्पताल में अनधिकृत रूप से आकर धौंस जमाने वाले उनके परिजनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित/बैन किया जाए।*
*सरकारी अस्पताल गरीबों के खून-पसीने की कमाई लूटने का अड्डा नहीं बन सकते! अब देखना यह है कि अनूपपुर का कड़क प्रशासन इस 'वसूली गैंग' का इलाज कब करता है।*