इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13 करोड़ 80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार।
ठगी की राशि में से करीब 5 लाख रुपये संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।
आरोपी Telegram के माध्यम से चाइनीज साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़कर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 25 अगस्त । 4 नवंबर 2024 को शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में शिकायत दी थी कि उसके साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 13 करोड़ 80 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया। अभियोग का आगामी अनुसंधान स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट, सेक्टर-56, गुरुग्राम द्वारा किया जा रहा है।
स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट, सेक्टर-56, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए 21 अगस्त को आरोपी नीरज को दिल्ली से तथा 22 अगस्त को आरोपी सूरज सरोज को देहरादून, आरोपी सुरजीत कुमार उर्फ मानस को शिमला तथा आरोपी प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत को देहरादून/शिमला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान नीरज पुत्र सूबेदार निवासी खसरा नं. 1336/1337, स्वरूप विहार एक्सटेंशन, कादीपुर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली; सूरज सरोज पुत्र मनीराम निवासी गांव गोमाडीह, लालगंज, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश; सुरजीत कुमार उर्फ मानस पुत्र बंटी चक्रवती निवासी जयपुर, राजस्थान; प्रशांत शर्मा पुत्र गोपाल शर्मा निवासी जयपुर, राजस्थान तथा तेज प्रताप सिंह शेखावत पुत्र कृपाल सिंह शेखावत निवासी जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई। आरोपी नीरज को 21 अगस्त को माननीय अदालत में पेश करके 3 दिन का पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त किया गया।
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आए बैंकिंग ट्रेल के अनुसार, उपरोक्त अभियोग में ठगी गई राशि में से करीब 5 लाख रुपये Gupta Industries के करेंट बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। आरोपी निखिल गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आरोपी मनजीत ददयान को 50 हजार रुपये में बेचा था। आरोपी मनजीत ददयान ने बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आगे आरोपी नीरज को 60 हजार रुपये में बेचा था। आरोपी नीरज ने पूछताछ में बताया कि उसने उक्त बैंक खाता आरोपी सूरज के माध्यम से आरोपी सुरजीत को 90 हजार रुपये में बेचा था।
पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी सुरजीत कुमार उर्फ मानस Telegram के माध्यम से चाइनीज साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों से जुड़ा हुआ था। सुरजीत अपने अन्य साथियों सूरज सरोज, प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत के साथ मिलकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था तथा उक्त नेटवर्क से जुड़कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने में सहयोग करता था। आरोपियों द्वारा उपलब्ध करवाए गए बैंक खातों का प्रयोग साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने एवं आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सुरजीत उर्फ मानस को Telegram के माध्यम से Joy नामक व्यक्ति ने अलग-अलग Telegram ग्रुपों में जोड़ा था। सुरजीत इन ग्रुपों में बैंक खातों की जानकारी शेयर करता था तथा इसके बदले Cryptocurrency/Binance के माध्यम से भुगतान प्राप्त करता था। आरोपी सुरजीत अपने अन्य साथी के माध्यम से उक्त राशि को अलग-अलग स्थानों से नकद प्राप्त करता था।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें आरोपी नीरज से 1, सूरज सरोज से 1, सुरजीत कुमार उर्फ मानस से 2, प्रशांत शर्मा से 1 तथा तेज प्रताप सिंह शेखावत से 1 मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बरामद मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया। सूरज सरोज व सुरजीत कुमार उर्फ मानस को 1 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया, जबकि नीरज, प्रशांत शर्मा व तेज प्रताप सिंह शेखावत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अभियोग में अब तक कुल 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियोग में बैंक खातों के माध्यम से हुए वित्तीय लेन-देन, ठगी की राशि, अन्य सह-आरोपियों एवं साइबर ठगी नेटवर्क के संबंध में गहनता से पूछताछ एवं तकनीकी जांच जारी है।