शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग: 'ममता और आत्मीयता से ही शिक्षक बनता है श्रद्धा का केंद्र' 📚
लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन कथावाचक श्याम मनावात ने 'शिष्य की श्रद्धा का केंद्र- शिक्षक' विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लौकिक ज्ञान के साथ जीवनोपयोगी ज्ञान देने वाला ही सच्चा गुरु है। जब शिक्षक के मन में विद्यार्थियों के प्रति ममता और समर्पण का भाव होता है, तभी वह उनके लिए श्रद्धा का पात्र बनता है।
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