पीलीबंगा नगरपालिका चुनाव 2026: वार्डों की नई तस्वीर साफ, सामान्य पुरुष चेयरमैन पद ने बढ़ाई सियासी तपिश, दिग्गजों की नजर अब 'सुरक्षित' जमीं पर
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पीलीबंगा (हनुमानगढ़) | राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर बिगुल बज चुका है और पीलीबंगा नगरपालिका में भी चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। प्रशासन द्वारा वार्डों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब शहर की राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। इस बार का चुनाव न केवल वार्ड पार्षदों के लिए, बल्कि चेयरमैन पद के लिए भी बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि इस बार चेयरमैन का ताज 'सामान्य वर्ग (पुरुष)' के लिए आरक्षित किया गया है।
चेयरमैन पद 'सामान्य' होने से दिग्गजों में भारी उत्साह
जैसे ही यह खबर पुख्ता हुई कि पीलीबंगा नगरपालिका के चेयरमैन का पद इस बार सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए है, शहर के राजनीतिक गलियारों में हलचल कई गुना बढ़ गई। पिछले काफी समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे सामान्य वर्ग के कद्दावर नेताओं और युवा चेहरों की बांछें खिल गई हैं।
इस घोषणा ने न केवल सामान्य वर्ग के दावेदारों, बल्कि अन्य वर्गों के उन 'इच्छुक' नेताओं को भी सक्रिय कर दिया है जो सामान्य सीट पर चुनाव लड़ने की काबिलियत रखते हैं। चेयरमैन बनने का सपना संजोए बैठे कई दिग्गज अब गुणा-भाग में लग गए हैं कि वे खुद किस वार्ड से ताल ठोकें और अपने समर्थकों को किन वार्डों में सेट करें ताकि बोर्ड बनाने का बहुमत हासिल हो सके।
वार्ड आरक्षण ने बिगाड़ा कई 'पूर्व' का समीकरण, नए चेहरों की हुई एंट्री
प्रशासन द्वारा जारी की गई 35 वार्डों की विस्तृत आरक्षण सूची ने कई पुराने और दिग्गजों के समीकरण पूरी तरह बिगाड़ दिए हैं। कई वार्ड जो पहले सामान्य थे, अब आरक्षित (SC, ST, OBC या महिला) हो गए हैं, जिससे वहां के पूर्व पार्षदों को अब अपने लिए नई 'सेफ' सीट तलाशनी पड़ रही है।
वार्ड आरक्षण की एक झलक:
जारी सूची के अनुसार, नगरपालिका के सभी 35 वार्डों में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए आरक्षण लागू किया गया है:
* महिला प्रतिनिधित्व (कुल 12 वार्ड): महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए एक तिहाई से अधिक वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें सामान्य महिला, अनुसूचित जाति (SC) महिला, अनुसूचित जनजाति (ST) महिला और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) महिला के लिए सीटें शामिल हैं। विशेषकर वार्ड संख्या 2, 6, 7, 24, 25, 29, 31 सामान्य महिलाओं के लिए हैं।
* अनुसूचित जाति (SC) (कुल 7 वार्ड): SC वर्ग के लिए वार्ड संख्या 3, 5, 12, 34, 35 आरक्षित हैं, जबकि वार्ड 1, 4 और 15 में SC महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
* अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) (कुल 4 वार्ड): OBC वर्ग के लिए वार्ड 13, 18 और 27 हैं, जबकि वार्ड 8 और 26 OBC महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
* अनुसूचित जनजाति (ST) (कुल 2 वार्ड): ST वर्ग के लिए वार्ड 20 और ST महिला के लिए वार्ड 21 आरक्षित किया गया है।
* सामान्य/अनारक्षित (कुल 12 वार्ड): सामान्य वर्ग के पुरुषों (और महिलाओं, यदि वे चाहें) के लिए वार्ड 9, 10, 11, 14, 16, 17, 19, 22, 23, 28, 30, 32, 33 खुले हैं। चेयरमैन पद के प्रबल दावेदार इन्हीं वार्डों में से अपने लिए सबसे मजबूत सीट चुनने की जद्दोजहद में हैं।
अब टिकट की दौड़ और जोड़-तोड़ शुरू
वार्ड आरक्षण स्पष्ट होने के बाद, अब असली लड़ाई राजनीतिक दलों (भाजपा, कांग्रेस और अन्य) के भीतर टिकट हासिल करने की शुरू हो गई है। चेयरमैन पद के दावेदार न केवल अपने लिए टिकट पक्का करना चाहते हैं, बल्कि वे यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश में हैं कि उनके गुट के अधिक से अधिक लोगों को टिकट मिले, ताकि भविष्य में चेयरमैन पद के चुनाव के समय उनके पास पर्याप्त संख्या बल हो।
शहर के चाय के होटलों से लेकर सोशल मीडिया ग्रुप्स तक, हर जगह बस यही चर्चा है कि "कौन, किस वार्ड से लड़ेगा?" और "किसका पलड़ा भारी है?"। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा दल किस रणनीति के साथ मैदान में उतरता है और पीलीबंगा की जनता किसके सिर पर विकास का सेहरा बांधती है।