➡️ जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट मॉडल बनेगा ‘शिक्षा संजीवनी’
➡️ कलेक्टर डॉ.सोनवणे की पहल पर सीएसआर एवं जनभागीदारी से शुरू होगा
नवाचार
➡️ शिक्षा, अधोसंरचना, डिजिटल लर्निंग, खेल और समग्र विकास पर फोकस
जनजातीय अंचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने और शासकीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहल पर ‘शिक्षा संजीवनी’ कार्यक्रम तैयार किया गया है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा तैयार इस नवाचार को सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) एवं जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
‘शिक्षा संजीवनी’ का उद्देश्य केवल विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं में सुधार करना नहीं, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल शिक्षा, खेल प्रतिभाओं के विकास, करियर मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को एक साथ आगे बढ़ाना है। यह पहल जनजातीय अंचल में शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट और अनुकरणीय मॉडल के रूप में विकसित करने की परिकल्पना पर आधारित है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेगी विशेष तैयारी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता और रुचि की पहचान के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। मेधावी एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क विशेष कोचिंग एवं स्मार्ट क्लासेस उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय मींस-कम-मेरिट, ओलंपियाड एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों पर निर्भरता कम करते हुए उनके अपने क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
➡️ स्कूलों में बेहतर अधोसंरचना और सुरक्षित वातावरण
‘शिक्षा संजीवनी’ के अंतर्गत विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक, स्वच्छ एवं जल-जलयुक्त शौचालय, पर्याप्त बिजली व्यवस्था के लिए सोलर पैनल एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं तथा जर्जर भवनों का तत्काल सुधार कार्यक्रम के प्रमुख घटक हैं। विद्यालयों को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त कक्षों के निर्माण सहित आवश्यक कार्य भी जनसहभागिता और सीएसआर के माध्यम से किए जाएंगे।
➡️ ‘डोनेट डेस्क-बेंच’ से जनभागीदारी को मिलेगा नया आयाम
कार्यक्रम का महत्वपूर्ण घटक ‘जनभागीदारी—डोनेट डेस्क-बेंच अभियान’ है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था विद्यालय के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकेगी। दानदाताओं के योगदान को विद्यालय के ‘गौरव पटल’ पर अंकित कर सम्मानित किया जाएगा। इससे समाज के लोगों, उद्योगों, संस्थाओं और पूर्व विद्यार्थियों को विद्यालयों के विकास से सीधे जोड़ते हुए ‘मेरा स्कूल—मेरी जिम्मेदारी’ की भावना को मजबूत किया जा सकेगा।
➡️ डिजिटल शिक्षा और आधुनिक लाइब्रेरी पर जोर
‘शिक्षा संजीवनी’ के तहत विद्यालयों में ई-लर्निंग एवं उन्नत डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जाएगी। डिजिटल रिसोर्सेज के साथ आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर, टैबलेट, किंडल तथा हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के एजुकेशनल एप्स और ई-कंटेंट तक पहुंच उपलब्ध कराकर उनके सीखने के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
➡️ खेल प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म
शिक्षा संजीवनी में शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं के विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो और एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के साथ आधुनिक खेल मैदान, प्ले-ग्राउंड और उच्च गुणवत्ता वाले स्पोर्ट्स इक्विपमेंट उपलब्ध कराने की योजना है। टैलेंट सर्च के माध्यम से होनहार खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
➡️ पढ़ाई के साथ जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं सामाजिक मूल्यों पर भी ध्यान दिया गया है। उपचारात्मक शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार, प्रेरणादायी जीवन आदर्शों से परिचय, पर्यावरण संरक्षण, संवेदनशीलता एवं नैतिक शिक्षा को शिक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके अलावा करियर काउंसिलिंग, टूर्नामेंट, खेल प्रतियोगिताएं, विज्ञान प्रदर्शनियां और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे घटकों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
सीएसआर और जनभागीदारी बनेगी कार्यक्रम की ताकत
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहल पर तैयार ‘शिक्षा संजीवनी’ में प्रशासन, शिक्षा विभाग, सीएसआर संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, समाज और आम नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी संसाधनों के साथ सामाजिक सहयोग को जोड़कर विद्यालयों में स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाना है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही श्री महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक आमला डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईके द्वारा इस अभिनव प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया है।
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3 views | Betul, Madhya Pradesh | Aug 11, 2026