अजमेर की बेटी अनुष्का राठौड़ बनी मिसाल, एक हाथ और एक पैर नहीं होने के बावजूद डांडिया में दिखाया हुनर,दो साल की उम्र में ट्रेन हादसे में गंवाया हाथ-पैर, हौसलों के दम पर जिंदगी को बनाया प्रेरणादायक,अनुष्का को डांस और डांडिया का शौक,पिछले 10 साल से गरबा-डांडिया आयोजन में ले रही हैं हिस्सा,स्नातक के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी की पूरी, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से दे रही हैं समाज को संदेश,अनुष्का का संदेश—हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती, नवरात्रि में अनुष्का का जज्बा बना प्रेरणा, डांडिया खेलकर दिया हार न मानने का संदेश।।
कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी इंसान के कदम नहीं रोक सकती। इसकी मिसाल राजस्थान अजमेर जिले की बेटी अनुष्का राठौड़ हैं। जिन्होंने बचपन में एक दर्दनाक हादसे में अपना एक हाथ और एक पैर गंवा दिया, लेकिन जिंदगी के सामने कभी हार नहीं मानी। आज अनुष्का अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और जज्बे के दम पर दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
बता दे कि अनुष्का जब महज दो साल की थीं, तब अपनी मौसी के साथ ट्रेन में सफर कर रही थीं। इसी दौरान मौसी के ट्रेन में चढ़ते समय ट्रेन चल पड़ी और संतुलन बिगड़ने से अनुष्का ट्रेन के नीचे आ गईं। इस हादसे में उन्हें अपना एक हाथ और एक पैर गंवाना पड़ा। इतनी कम उम्र में जिंदगी की इस कठिन चुनौती का सामना करने के बावजूद अनुष्का ने हिम्मत नहीं छोड़ी और आगे बढ़ने का संकल्प बनाए रखा।आज करीब 25 साल की हो चुकीं अनुष्का ने अजमेर के एक निजी विद्यालय से सीनियर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री भी हासिल की है।
बता दे कि पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी रुचियों को भी जीवित रखा। अनुष्का को डांस करना बेहद पसंद है। वे राजस्थानी गानों पर नृत्य करती हैं और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट भी बजाती हैं। अनुष्का पिछले करीब दस वर्षों से अजमेर के तोपदड़ा स्थित गढ़वाल पैलेस में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में हिस्सा ले रही हैं। नवरात्रि के अवसर पर भी वे पूरे उत्साह के साथ डांडिया खेलती नजर आईं। उन्हें इस तरह नृत्य करते देख वहां मौजूद लोग भी उनके हौसले और आत्मविश्वास की सराहना करते दिखाई दिए।
अनुष्का का मानना है कि इंसान को कभी अपने हौसले नहीं तोड़ने चाहिए। उनका जीवन संदेश देता है कि शारीरिक चुनौतियां किसी की प्रतिभा, सपनों और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति को सीमित नहीं कर सकतीं। अनुष्का की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल परिस्थितियों के सामने हार मान लेते हैं।
Ajmer, Ajmer | Oct 16, 2026