डीएम शेखर आनंद ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक; लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश।
आज दिनांक 06.07.2026 को श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में साप्ताहिक सोमवारीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों, लोक कल्याणकारी योजनाओं और लंबित मामलों की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने 'राजस्व महाअभियान' और 'सहयोग शिविर' के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि भू-स्थानांतरण से जुड़े कुल 10 लंबित आवेदनों का निष्पादन बिना किसी देरी के यथाशीघ्र सुनिश्चित करें।नीलामपत्रवाद की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, थाना स्तर पर लंबित 2131 मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए बॉडी वारंट जारी कराने का निर्देश दिया गया। नीलामपत्रवाद की कार्रवाई में शिथिलता बरतने और आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं करने को लेकर जिला पदाधिकारी महोदय ने ने राज्य खाद्य निगम पदाधिकारी, शेखपुरा के प्रति गहरी नाराजगी जताई और उनसे स्पष्टीकरण करने का भी निर्देश दिया।
9394 पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणीकरण में तेजी लाने का आदेश
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने पाया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत कुल 9394 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी भी लंबित है। इस पर उन्होंने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को निर्देश दिया कि शिविर लगाकर या विशेष अभियान चलाकर इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराएं ताकि बुजुर्गों और जरूरतमंदों की पेंशन में कोई रुकावट न आए। कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया गया कि वे जिले में 10 आंगनवाड़ी केंद्र में शौचालय निर्माण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा करें। इसके साथ ही, विभाग के अंतर्गत जितने भी आवेदन लंबित हैं, उनका ससमय गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करें और जिला मुख्यालय को सही रिपोर्ट से अवगत कराएं। जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि गलत या भ्रामक रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलें में अतिक्रमण, जमावंदी कायम करने, रसीद कटवाने, परिमार्जन और कोर्ट के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे।
जिले के सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश देते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमणवाद के मामलों को गंभीरता से निपटाएं।
जमाबंदी कायम करने, परिमार्जन और भू-मापी (जमीन की नापी) के कार्यों में तेजी लाएं।
विभिन्न उच्च स्तरों से प्राप्त आवेदन, जैसे—मुख्यमंत्री जनता के दरबार परिवाद, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, आयुक्त/सचिव महोदय के स्तर से लंबित आवेदन तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों (MJC आदि) का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन तय समय सीमा के भीतर करें।इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भू अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी महोदया, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं वरीय उपसमाहर्ता-सह-जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और प्रखंडों के अंचलाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।