*भर्ती सुधार यात्रा के अंतिम पड़ाव पर देवेंद्रनाथ महतो का ऐलान, बोले—लड़ाई अभी जारी रहेगी*
*रांची*: भर्ती सुधार यात्रा के अंतिम पड़ाव पर देवेंद्रनाथ महतो ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 24 जिलों की यात्रा के दौरान छात्रों और युवाओं का जो समर्थन, सम्मान और आशीर्वाद मिला, वह किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की लड़ाई के प्रति लोगों का समर्थन है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार ने 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गईं, 17 मामलों की जांच चल रही है और छह मामले अदालत तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के अलग-अलग चरणों के बाद 24 जिलों की यात्रा की गई और हर जिले में छात्रों की समस्याएं और पीड़ा लगभग एक जैसी देखने को मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में योग्य और मेहनती छात्रों के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। महतो ने टीडीपीएल और अभय तिवारी का नाम लेते हुए भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दरोगा, पुलिस, बीडीओ, सीओ, डीएसपी, एएसओ और बीएसओ जैसे पदों को लेकर भी पैसे के लेन-देन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
महतो ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं और उनके माता-पिता अपनी पूरी कमाई उनकी पढ़ाई पर लगा देते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार केवल छात्रों के साथ ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के साथ भी अन्याय है।
उन्होंने कहा कि 24 जिलों में एक ही आवाज सुनाई दी कि भर्ती व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। नौकरी पहचान से नहीं, योग्यता से; पैरवी से नहीं, संघर्ष से; बेईमानी से नहीं, ईमानदारी से और भ्रष्टाचार से नहीं, पारदर्शिता के आधार पर मिलनी चाहिए।
देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान झारखंड सरकार द्वारा लिए गए फैसलों पर हाईकोर्ट की मुहर लगनी चाहिए। यदि सीआईडी जांच में लीपापोती होती है या सरकार हाईकोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखती है, तो आंदोलन अलग-अलग स्वरूपों में फिर शुरू किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर झारखंड बंद और आर्थिक नाकेबंदी जैसे आंदोलन किए जा सकते हैं। महतो ने कहा कि यदि इसके बावजूद सरकार नहीं सुनती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने 2029 में सरकार को सत्ता से हटाने के लिए भी आंदोलन करने की बात कही।