Public App Logo
Profile Picture

Altamas rja

@ar.news
3087Followers
0Following
लोहरदगा जिले के भण्डरा अंतर्गत सोरेन्दां बांध टोली में आज आयोजित हुआ भव्य मेला न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि इसने ग्
मौसम विज्ञान केंद्र ने 25 से 30 जून तक रांची में कहीं-कहीं बारिश के संकेत दिए हैं. एक से 24 जून तक झारखंड में 58 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस दौरान सामान्य बारिश 132.2 मिमी होनी चाहिए, लेकिन वास्तविक वर्षापात 55.6 मिमी ही है. वहीं, रांची में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है. रांची में इस दौरान सामान्य बारिश 137.4 मिमी है, लेकिन अब तक 119.6 मिमी ही बारिश हुई है. 

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कहीं-कहीं बादल गरजने, बिजली गिरने और 40–50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, राज्य के उत्तर-पश्चिमी भागों, विशेषकर गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना जताई गई है. 26 जून को राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. साथ ही कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन होने के आसार हैं. 

बुधवार को रांची में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जबकि, बोकारो में छिटपुट बारिश हुई है. बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री, जमशेदपुर का 37.6 डिग्री, बोकारो का 36.2 डिग्री व चाईबासा का 37 डिग्री सेल्सियस रहा. इधर, मॉनसून के झारखंड पहुंचने के बाद भी अब तक यहां के लोगों को लगातार झमाझम बारिश देखने को नहीं मिल रही है. इस कारण गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही है. अब भी पलामू, गढ़वा और चतरा जिले में लू की स्थिति बनी हुई है.
आज लोहरदगा में मुहर्रम की सातवीं पूरी शिद्दत, ईमानदारी और धूमधाम के साथ मनाई गई।
लोहरदगा में इन दिनों सड़कों पर गाड़ियों का ऐसा लंबा रेला देखने को मिल रहा है जैसे कोई लंबी ट्रेन गुजर रही हो।
<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=lohardaga_public nis:value=lohardaga_public nis:enabled=true nis:link/>
चतरा में अपराधियों का तांडव, घर के बाहर खड़ी बोलेरो को लगाई आग
चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात अपराधियों ने दहशत फैलाने वाली घटना को अंजाम दिया। मरगड्डा पंचायत के गेन्दरा गांव में अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक बोलेरो गाड़ी में आग लगा दी, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गेन्दरा गांव निवासी सफेन्द्र गंझु की बोलेरो (जेएच 01 एफएम 9473) रोज की तरह उनके घर के समीप खड़ी थी। देर रात अपाची मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे अज्ञात अपराधियों ने वाहन में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

रात के अंधेरे में लगी भीषण आग को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही कुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तीन चिताएं और कई सवाल: आखिर कब रुकेगा लोहरदगा में सड़क हादसों का सिलसिला 
लोहरदगा के सेरेंगहातु श्मशान घाट में शनिवार को एक साथ तीन चिताएं जल रही थीं। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहनों की सड़क दुर्घटना में मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा है? शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और प्रभावी निगरानी का अभाव लगातार हादसों को जन्म दे रहा है।
सिर्फ नो-एंट्री लागू कर देना या दोपहिया वाहन चालकों का हेलमेट चेक कर लेना पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि भारी वाहनों की नियमित जांच हो, चालकों की वैधता और उनकी शारीरिक स्थिति की जांच की जाए, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों की गति सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए।
जिले में सड़क सुरक्षा सप्ताह और सड़क सुरक्षा माह के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता। शहर में बायपास सड़क की आवश्यकता वर्षों से महसूस की जा रही है, ताकि भारी वाहनों का दबाव कम हो और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
आज जरूरत राजनीतिक बयानबाजी की नहीं, बल्कि ठोस पहल की है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और संबंधित विभागों को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे भविष्य में किसी परिवार को एक साथ तीन अर्थियां उठाने का दर्द न सहना पड़े।
तीन चिताएं और कई सवाल: आखिर कब रुकेगा लोहरदगा में सड़क हादसों का सिलसिला 
लोहरदगा के सेरेंगहातु श्मशान घाट में शनिवार को एक साथ तीन चिताएं जल रही थीं। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहनों की सड़क दुर्घटना में मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा है? शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और प्रभावी निगरानी का अभाव लगातार हादसों को जन्म दे रहा है।
सिर्फ नो-एंट्री लागू कर देना या दोपहिया वाहन चालकों का हेलमेट चेक कर लेना पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि भारी वाहनों की नियमित जांच हो, चालकों की वैधता और उनकी शारीरिक स्थिति की जांच की जाए, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों की गति सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए।
जिले में सड़क सुरक्षा सप्ताह और सड़क सुरक्षा माह के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता। शहर में बायपास सड़क की आवश्यकता वर्षों से महसूस की जा रही है, ताकि भारी वाहनों का दबाव कम हो और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
आज जरूरत राजनीतिक बयानबाजी की नहीं, बल्कि ठोस पहल की है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और संबंधित विभागों को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे भविष्य में किसी परिवार को एक साथ तीन अर्थियां उठाने का दर्द न सहना पड़े।
चतरा में अपराधियों का तांडव, घर के बाहर खड़ी बोलेरो को लगाई आग
चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात अपराधियों ने दहशत फैलाने वाली घटना को अंजाम दिया। मरगड्डा पंचायत के गेन्दरा गांव में अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक बोलेरो गाड़ी में आग लगा दी, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गेन्दरा गांव निवासी सफेन्द्र गंझु की बोलेरो (जेएच 01 एफएम 9473) रोज की तरह उनके घर के समीप खड़ी थी। देर रात अपाची मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे अज्ञात अपराधियों ने वाहन में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

रात के अंधेरे में लगी भीषण आग को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही कुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=india nis:value=india nis:enabled=true nis:link/>
Video 9
"जामुन: छोटा फल, बड़े फायदे! लेकिन हर किसी के लिए नहीं"
ब्लड शुगर,
पाचन और
हृदय स्वास्थ्य 
में लाभकारी जामुन को कब, कितना और किसे खाना चाहिए
<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/>
भंडरा में समाजसेवा की मिसाल, अंजुमन इस्लामिया ने जरूरतमंदों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, बांटी 60 साइकिलें।
<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkand nis:value=jharkand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=lohardaga nis:value=lohardaga nis:enabled=true nis:link/>
Video 12
Video 13
*श्रेय तो सांसद सुखदेव भगत को ही देगी जनता क्योंकि उन्होंने पुरजोर तरीके से यहां के लोगों की मांग को संसद पटल पर रखा था। जिस तरह से उन्होंने धार्मिक दृष्टिकोण से अपनी बात रखी वो ज्यादा प्रभावी रहा शायद। पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर सही नेतृत्व और किए गए सराहनीय कार्य का श्रेय भी देना चाहिए सभी को।<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/>
लोहरदगा से गुमला जशपुर धर्मजयगढ़ तक में बनने वाले स्टेशन और जक्शन के नाम रेल मंत्रालय द्वारा जारी कर दी गई है
Video 16
सांसद सुखदेव भगत की ऐतिहासिक पहल रंग लाई, लोहरदगा-गुमला-धर्मजयगढ़ रेल परियोजना को मिली हरी झंडी, विकास की नई इबारत लिखेगा क्षेत्र
सांसद सुखदेव भगत ने गुमला को नई रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए संसद में पुरजोर ढंग से उठाए थे आवाज

*दशकों पुरानी मांग पूरी होने की ओर, संसद में लगातार उठाई आवाज और रेल मंत्रालय से पैरवी का मिला परिणाम, लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ*

दक्षिणी झारखंड के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वर्षों से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे गुमला, लोहरदगा, जशपुर और आसपास के लाखों लोगों का सपना अब साकार होने की ओर बढ़ चुका है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के सतत प्रयासों, संसद में मुखर आवाज और रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी के परिणाम स्वरूप लोहरदगा से गुमला होते हुए छत्तीसगढ़ के धर्मजयगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया है। रेल मंत्रालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) ने केंद्रीय सरकार रेल मंत्रालय अधिनियम 1889 की धारा 2 खंड 37 क द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक उद्देश्य में राष्ट्रीय अवसंरचना  उपलब्ध कराने हेतु झारखंड एवं छत्तीसगढ़ राज्यों में लोहरदगा से गुमला होते हुए पत्थलगांव धरमजयगढ़ तक 291 °881 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बनाने के परियोजना का अधिसूचना जारी किया है। यह परियोजना केवल एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक उत्थान की मजबूत आधारशिला साबित होगी। सांसद सुखदेव भगत ने अपने कार्यकाल के दौरान इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए सांसद सुखदेव भगत ने दो बार संसद में गुमला में नई रेलवे लाइन बनने के मांग को उठाया था उन्होंने कहा था कि लायंस नायक परमवीर अल्बर्ट एक्का का गुमला जिला जन्म स्थान है। भगवान हनुमान का जन्म स्थान आंजन धाम है ,आदिवासियों का धार्मिक स्थल सीरा सीता नाला है ,भगवान शिव का धाम टांगीनाथ है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से मिलकर गुमला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखी थी। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रेल मंत्रालय के अनुसार झारखंड में प्रस्तावित रेल  <nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/>
Video 18
लोहरदगा-धरमजयगढ़ नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी, जशपुर को मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव
रांची रेल मंत्रालय ने झारखंड के लोहरदगा से छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में मंजूरी प्रदान कर दी है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के अधिसूचित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

प्रस्तावित रेल लाइन झारखंड के लोहरदगा से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव होते हुए धरमजयगढ़ तक पहुंचेगी। परियोजना के पूरा होने के बाद झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे।

इस रेल परियोजना से खनिज, कृषि एवं वन उत्पादों के परिवहन में भी सुविधा होगी। विशेष रूप से जशपुर जिले के कृषि क्षेत्र को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों और बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। बेहतर रेल संपर्क से इन उत्पादों को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाना आसान हो सकेगा।

गौरतलब है कि इस परियोजना को प्राथमिकता देने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आवश्यक पहल करने का आग्रह किया था। रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है और इसे विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=jharkhand nis:enabled=true nis:link/>
Video 20
Video 21
<nis:link nis:type=tag nis:id=india nis:value=india nis:enabled=true nis:link/>
Video 23
लोहरदगा में गूंजा धरती आबा का जयघोष, डीसी और एसपी ने दी श्रद्धांजलि, याद किया उलगुलान का संकल्प।