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बीना विकासखंड में ज्वार ने बदली किसानों की रंगत, फसल विविधीकरण से बढ़ीं नई संभावनाएं
फसल विविधीकरण की दिशा में बीना विकासखंड के किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ नई एवं वैकल्पिक फसलों को अपनाकर खेती में नवाचार कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों द्वारा खरीफ मौसम में ज्वार की फसल की बोनी की गई, जो क्षेत्र में फसल विविधीकरण का एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आई है।
किसान राजाबाबू यादव, इंद्र सिंह ठाकुर, राजाराम सहित अन्य किसानों ने खरीफ में ज्वार की खेती को अपनाया। किसानों के अनुसार ज्वार की फसल इस वर्ष अच्छी स्थिति में है तथा फसल की बढ़वार और गुणवत्ता को देखते हुए अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।
बीना क्षेत्र में जहां किसान औषधीय पौधों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं ज्वार, तिल जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाकर खेती में विविधता ला रहे हैं। इससे किसानों को एक ही फसल पर निर्भरता कम करने और आय के नए स्रोत विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीना अवधेश राय ने बताया कि जिस तरह क्षेत्र के किसान खेती में नवाचार करते हुए फसल विविधीकरण को अपना रहे हैं, उससे आने वाले समय में किसानों की आय में निरंतर वृद्धि की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि नई एवं लाभकारी फसलों को अपनाने से किसान खेती में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगे तथा भविष्य में सफल किसान के रूप में आगे बढ़ सकेंगे।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन में किसानों द्वारा अपनाया जा रहा यह फसल विविधीकरण मॉडल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है। ज्वार जैसी फसलों को खेती में शामिल करने से किसानों को बदलते कृषि परिवेश में नई संभावनाएं मिल रही हैं। किसानों का कहना है कि इस बार ज्वार की फसल बेहद अच्छी है और उन्हें बेहतर उत्पादन प्राप्त होने की उम्मीद है।
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