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PRO JS Sagar

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➡️ स्वामित्व योजना प्रगति पर कलेक्टर का कड़ा रुख, फील्ड पर रहकर काम पूरा करने के दिए निर्देश

स्वामित्व अधिकार निष्पादन योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मैदानी अमले को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और सभी अधिकारियों को तुरंत फील्ड पर उतरने के कड़े निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें। सभी अधिकारी सीधे अपने-अपने हल्कों में पहुंचे और वहां स्वामित्व योजना से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े जितने भी पेंडिंग इश्यू या बाधाएं हैं, उन्हें मौके पर ही निराकृत कराएं।

योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में देरी पर कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीईओ खुद जनपद पंचायतों और गांवों का दौरा करें। जहां-जहां अब तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया  प्रारंभ नहीं हुई है, वहां संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक से तुरंत काम शुरू कराएं।

समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने साफ शब्दों में कहा कि स्वामित्व योजना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें सभी सक्रिय रहकर कार्य करें।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
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➡️ हितग्राहीमूलक योजनाओं के लक्ष्य प्राथमिकता से पूर्ण करें: कमिश्नर श्री दिलीप कुमार

➡️ कमिश्नर श्री कुमार ने की विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के निराकरण के दिए निर्देश

कमिश्नर सागर संभाग श्री दिलीप कुमार ने अपने कार्यालय में सामाजिक न्याय, योजना, सांख्यिकी कोष, लेखा, पेंशन, स्वास्थ्य, बीएमसी और महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया। साथ ही सीएम हेल्पलाइन की 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करें और संयुक्त भ्रमण की आवश्यकता हो तो समन्वय बनाकर कार्य करें।

कमिश्नर श्री कुमार ने कहा कि संभाग में अपूर्ण निर्माणाधीन कार्यों को तत्परता से समय सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने अपूर्ण कार्यों की एजेंसीवार जानकारी शीघ्र तैयार कर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक निधि के लंबित स्वीकृत कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करें। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग को हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभाग के जिलों में पेंशन संबंधी लंबित प्रकरणों का निराकरण शीघ्रता से करें। पेंशन संबंधी योजनाओं में राशि की आवश्यकता है तो राशि प्राप्त करने के लिए कार्रवाई की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार सहायता, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आदि योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित पेंशन प्रकरणों की जानकारी जनपदवार तैयार कर ली जाए।

कमिश्नर श्री कुमार ने कर्मचारियों के पेंशन संबंधी प्रकरणों और पीपीओ जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पदोन्नति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का वेतन निर्धारण करने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेतन निर्धारण के लिए संभाग में शिविर आयोजित किए जाएं।

कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था और विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एनीमिया से बचाव के लिए हीमोग्लोबिन बढ़ाने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने सहित विभिन्न निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को चश्मा वितरण एवं नेत्र रोगियों के ऑपरेशन अधिक से अधिक करने की समझाइश दी। कमिश्नर श्री कुमार ने सागर में कैंसर अस्पताल खुलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम एवं पोषण आहार वितरण सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के संबंध में भी निर्देशित किया। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री पीसी शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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➡️ सागर में क्रिप्स (CRISP) की सुहास (SUHAAS) परियोजना का आगाज़: देवरी और केसली ब्लॉक से शुरू होगा गैर-संचारी बीमारियों का घर-घर स्क्रीनिंग अभियान

जिले में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एवं मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCD) की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (CRISP) द्वारा मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित सुहास (SUHAAS) परियोजना सागर जिले में शुरू की जाएगी। जिले के देवरी और केसली विकासखंड को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है।

परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में क्रिस्प के संस्थापक सदस्य एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री राधेश्याम जुलानिया तथा परियोजना के सलाहकार श्री मनोहर अगनानी ने स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों को परियोजना की कार्यप्रणाली एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।

➡️ 'Know Your Family' और 'Know Your Population' अभियान के तहत होगा घर-घर स्वास्थ्य सर्वे

श्री राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि जिले के देवरी और केसली विकासखंड पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ, आशा कार्यकर्ता एवं सीएचओ संयुक्त रूप से 'Know Your Family' और 'Know Your Population' अभियान संचालित करेंगे। इसके तहत प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर घर-घर परिवार के सदस्यों की आभा आईडी बनवाई जाएगी, स्वास्थ्य सर्वे एवं  स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए। लेकिन प्रत्येक परिवार की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से पूरी की जाएगी।

➡️ 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की होगी स्क्रीनिंग

परियोजना सलाहकार श्री मनोहर अगनानी ने बताया कि SUHAAS परियोजना के अंतर्गत 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच की जाएगी। स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित सभी हितग्राहियों का विवरण एनसीडी (NCD) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनका नियमित फॉलोअप और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप एक साईलेंस किलर है। अत: 30 वर्ष से अधिक की आयु के सभी लोगों को इसकी नियमित रूप से जांच करना चाहिए और नियमित दवायें लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह रोग के जब तक लक्षण पता चलते हैं तब बहुत देर हो चुकी होती है। अत: परीक्षण ही एक ऐंसा माध्यम है जिससे इन रोगों का पता अपनी प्रारंभिक अवस्था में लगाया जा सकता है। अभियान के दौरान लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तंबाकू एवं नशे से दूरी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।

➡️ मुरैना, बालाघाट के बाद अब सागर में होगा विस्तार

कार्यशाला में बताया गया कि मध्यप्रदेश में SUHAAS परियोजना का सफल संचालन मुरैना और बालाघाट जिले में किया गया है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसका विस्तार सागर जिले में किया जा रहा है। परियोजना की शुरुआत देवरी और केसली विकासखंड से होगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।

➡️ सभी विभागों के समन्वय से चलेगा अभियान

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों की समय पर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान कर प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके और लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाया जा सके।

कार्यशाला में संयुक्त कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटैरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से बीएमओ, सीएचओ, आजीविका मिशन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

➡️ परियोजना का मुख्य उद्देश्य और पृष्ठभूमि

ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों (NCDs जैसे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर) का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिससे निपटने के लिए SUHAAS प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा गया है। शुरुआती फील्ड वर्क से यह सामने आया है कि वर्तमान व्यवस्था में कई कमियां हैं और बीमारी का पता चलने के बाद भी इलाज जारी रखने की दर 25% से कम है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए SUHAAS प्रोजेक्ट स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं की क्षमता का विकास करेगा ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ा सकें और इन बीमारियों के फैलाव को रोक सकें। इस मॉडल का मूल विचार बेहद सरल और प्रभावी है—जब गांव के परिवारों को स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं (विशेष रूप से उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों) के बीच बांट दिया जाएगा, तो स्वास्थ्य की निगरानी एक परिचित और भरोसेमंद व्यक्ति द्वारा की जाएगी। यह आपसी विश्वास समय पर बीमारी की जांच कराने, नियमित दवा खाने और स्वस्थ आदतें अपनाने में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के अकेले प्रयासों से कहीं अधिक बेहतर परिणाम देगा। संक्षेप में, यह प्रोजेक्ट दो मुख्य मोर्चों पर काम करेगा—पहला, NCD पोर्टल के डेटा की बुनियादी कमियों को सुधारना और दूसरा, समुदाय के स्तर पर एक मजबूत फॉलो-अप सिस्टम तैयार करना।

➡️ प्रस्तावित गतिविधियाँ और चरण (Sequence of Activities)

चरण 1 (उप-स्वास्थ्य केंद्रों की पहचान): CMHO और जिला स्वास्थ्य टीम की सलाह से दो उप-स्वास्थ्य केंद्रों (SHCs) को मॉडल के रूप में चुना जाएगा, जिन्हें बाद में पूरे जिले में लागू किया जाएगा।

चरण 2 (जिला समन्वय बैठक): प्रोजेक्ट की रूपरेखा और जिम्मेदारियां तय करने के लिए NCD सेल, महिला एवं बाल विकास और NRLM के सदस्यों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।

चरण 3 (जिला टीम का गठन): स्वास्थ्य विभाग, NRLM और CDPO कार्यालय से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो अपने विभाग के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट होंगे।

चरण 4 (डेटा गैप असेसमेंट): चुने गए दोनों उप-स्वास्थ्य केंद्रों के क्षेत्रों में आभा (ABHA) ID, स्क्रीनिंग कवरेज, CBAC रिस्क असेसमेंट और मोबाइल नंबरों के डेटा में क्या कमियां हैं, उनका NCD पोर्टल से मिलान कर बेसलाइन डेटा तैयार किया जाएगा।

चरण 5 (हाउसहोल्ड मैपिंग): कार्य क्षेत्र के सभी परिवारों की गांव/मोहल्ला-वार मैपिंग की जाएगी ताकि जनसंख्या का सही वितरण पता चल सके।

चरण 6 (स्वसहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपना): जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से परिवारों को स्वसहायता समूह की महिलाओं के बीच बांट दिया जाएगा। प्रत्येक महिला अपने आस-पड़ोस के परिवारों के समूह की जिम्मेदारी लेगी।

चरण 7 (आरोग्य सखी का चयन): प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से एक महिला को 'आरोग्य सखी' के रूप में चुना जाएगा। वह अपने स्वसहायता समूह, परिवारों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करेगी।

चरण 8 (आरोग्य सखियों की ट्रेनिंग): NRLM के सहयोग से आरोग्य सखियों को NCDs, बीमारियों की जांच (Screening), रेफरल प्रक्रिया और मरीजों के नियमित इलाज के फॉलो-अप के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

चरण 9 (स्क्रीनिंग की शुरुआत): साप्ताहिक विलेज-वाइज शेड्यूल के अनुसार घर-घर जाकर ब्लड प्रेशर (BP) और ब्लड शुगर की जांच शुरू की जाएगी। जांच से पहले SHG महिलाएं परिवारों को इसके लिए तैयार करेंगी।

चरण 10 (निगरानी और समीक्षा): जिला टीम के साथ समय-समय पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। स्क्रीनिंग, बीमारी की पहचान और फॉलो-अप के डेटा के लिए NCD पोर्टल को ही मुख्य और एकमात्र स्रोत (Source of Truth) माना जाएगा।
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➡️ पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

➡️ लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय, सागर में मेरा युवा भारत (MY Bharat), सागर के सहयोग से आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने तथा स्वयं के साथ दूसरों की जान बचाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चीफ फायर ट्रेनर श्री ए.के. सिंह ने लाइव डेमो के माध्यम से एलपीजी गैस रिसाव, बाढ़, भूकंप तथा भवन में आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, आग लगने पर सुरक्षित बाहर निकलने, गैस रिसाव की स्थिति में आवश्यक सावधानियां बरतने तथा आपदा के दौरान घबराने के बजाय सही निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।

श्री सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा के समय थोड़ी-सी सतर्कता और सही जानकारी से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि दुर्घटना या आपदा से प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों की सहायता किस प्रकार की जानी चाहिए तथा राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है।

विद्यार्थियों को दी गई आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारत के प्रमुख आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।

- 112 — एकीकृत आपातकालीन सहायता एवं पुलिस सहायता
- 101 — अग्निशमन सेवा
- 108 — एम्बुलेंस एवं चिकित्सा आपातकाल
- 102 — एम्बुलेंस सेवा
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन
- 181 — महिला हेल्पलाइन
- 14416 — टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य सहायता

विद्यार्थियों को इन नंबरों को याद रखने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इनके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

आपदा प्रबंधन में जन-जागरूकता आवश्यक : डॉ. आर.सी. प्रजापति

कार्यक्रम में डॉ. आर.सी. प्रजापति ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। यदि लोगों को समय रहते बचाव के उपायों और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी हो, तो वे स्वयं को, अपने परिवार को और समाज के अन्य लोगों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण महत्वपूर्ण : डॉ. सत्य सोनी

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सत्य सोनी ने आभार व्यक्त किया तथा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है। इससे वे आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अन्य लोगों की सहायता करने में भी सक्षम बनेंगे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं, आयोजकों, महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित

इस अवसर पर डॉ. साहिवा नासिर, डॉ. साकेत जैन, महाविद्यालय का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न लाइव डेमो के माध्यम से आपदा से बचाव एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूक करना, उनमें सुरक्षा संबंधी व्यवहार विकसित करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित करना रहा।
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➡️ जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदनों में देरी पर चार पंचायत सचिवों पर शास्ति अधिरोपित

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के आदेशानुसार मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर चार पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है। संबंधित सचिवों के विरुद्ध जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत आवेदनों में विलंब पाए जाने पर शास्ति अधिरोपित की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, श्री अरविंद लोधी सचिव ग्राम पंचायत नयानगर, जनपद पंचायत केसली श्री रुकमगिरी गोस्वामी सचिव ग्राम पंचायत खटोला केसली, जनपद पंचायत केसलीश्री असलम खान सचिव ग्राम पंचायत बरेठी, जनपद पंचायत शाहगढ़श्री प्रहलाद सिंह लोधी सचिव ग्राम पंचायत रतनपुर, जनपद पंचायत शाहगढ़ पर शास्ति अधिरोपित की गई है। इस प्रकार चार पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है। संबंधित सचिवों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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➡️ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों की बैठक संपन्न

➡️ मतदाता सूची में छूटे हुए एवं प्रथम बार/युवा पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान जारी

फोटो निर्वाचक नामावली में छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने एवं मतदाता सूची को अद्यतन करने के संबंध में आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, इन्डियन नेशनल कांग्रेस, कम्युनिष्ट पार्टी आफ इण्डिया एवं बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
 बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे हुए नागरिकों एवं प्रथम बार/युवा पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने के लिए निरन्तर अद्यतन प्रक्रिया के तहत विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन करने के कार्य में सहयोग करने का आग्रह किया। 

फॉर्म-6 से होगा नए मतदाताओं का पंजीयन
 बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि प्रथम बार पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का कार्य अभियान में किया जा है। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यह भी स्पष्ट किया गया कि फॉर्म-6 जमा करने के बाद अलग से घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।

प्रत्येक जिले में चलाया जा रहा विशेष अभियान
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि नए एवं पंजीकरण से छुटे पात्र मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु आवेदन प्राप्त करना तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करना है। इसके लिए तहसील स्तर पर एस.डी एम./तहसीलदार एवं जिला स्तर पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। 
 बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आर.पी.एस. जादौन तथा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी सर्वश्री संजय श्रीवास्तव, राजेश यादव एवं वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
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➡️ जनसुनवाई में हुई 226 आवेदनों पर कार्यवाही

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आज 226 आम लोगों की समस्याओं को सुना गया और अधिकारियों को तत्परता से आमजन की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, डिप्टी कलेक्टर सुश्री मोना दांगी, सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

राज्य शासन के निर्देश पर आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। इसी कड़ी में आज कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई हुई। जिले के 226 आवेदकों के प्रकरणों में सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं को सुना और उनका निराकरण किया गया।
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➡️ **स्व-सहायता समूह से जुड़कर भूरी ठाकुर बनीं 'लखपति दीदी'**
➡️ सागर जिले के देवरी विकासखंड के ग्राम गोपालपुरा की निवासी भूरी ठाकुर ने 'परिधि स्व-सहायता समूह' से जुड़कर अपनी आजीविका को सशक्त बनाया है।
➡️ समूह से ऋण लेकर उन्होंने कृषि गतिविधियों में निवेश किया, जिससे आज उनकी वार्षिक आय 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये तक हो गई है और वे 'लखपति दीदी' बन गई हैं।
➡️ वे अपनी इस सफलता के लिए आजीविका मिशन और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हैं।

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➡️ एक आदतन अपराधी को किया गया जिला बदर

जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने को दृष्टिगत रखते हुए एक आदतन अपराधी को 10 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त कार्तिक पिता राजेश सेन उम्र 23 साल नि. प्रताप वार्ड खुरई जिला-सागर को 10 माह के लिए सागर जिले व सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित करने का आदेश दिया है। यदि अपराधी के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण चल रहा है तो नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेगा। परंतु इसके पूर्व अनावेदक को थाना प्रभारी को लिखित में सूचना देनी होगी तथा न्यायालय में पेशी होने के तुरंत पश्चात् जिला दंडाधिकारी के आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा।
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➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश, दीपावली पर कुम्हारों को हाट बाजारों में मिलेगा उचित स्थान, कर वसूली पर रोक

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने दीपावली पर्व पर कुम्हारों को हाट बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध कराने तथा उनसे किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

दीपावली पर्व के अवसर पर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत कुम्हार समुदाय के परंपरागत शिल्पियों द्वारा मिट्टी की मूर्तियां, दीये एवं सजावटी उत्पाद बनाकर बाजारों में विक्रय किए जाते हैं। यह उनके जीवन का मुख्य आधार है।

दीपावली के दौरान मिट्टी की मूर्तियों, मिट्टी के दीपकों, खिलौनों एवं सजावटी सामान को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध कराकर विक्रय की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही इन शिल्पियों से किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं की जाएगी तथा मिट्टी की मूर्तियों, दीयों एवं सजावटी सामान के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी

➡️ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से कुंवर सिंह यादव को मिल रही आर्थिक सहायता

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं ग्राम खजरा हरचंद, तहसील खुरई, जिला सागर निवासी किसान श्री कुंवर सिंह यादव की, जिन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।

इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती है।

श्री कुंवर सिंह यादव को योजना का लाभ मिलने से उन्हें आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने और उनकी कृषि संबंधी जरूरतों में सहायता करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी

➡️ डेयरी फार्मिंग से आत्मनिर्भर बने बलवीर सिंह, पशुपालन से समृद्धि की ओर बढ़ाए कदम

➡️ आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना बनी तरक्की की सीढ़ी

 सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं देवरी विकासखंड के ग्राम बिजौरा खामखेड़ा निवासी 30 वर्षीय पशुपालक श्री बलवीर सिंह दांगी की, जिन्होंने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना का लाभ लेकर डेयरी फार्मिंग को आय का सशक्त माध्यम बनाया। आज वे प्रतिदिन शुद्ध दूध की आपूर्ति कर आत्मनिर्भर बने हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा भी हैं।

बलवीर सिंह बताते हैं कि दूध में मिलावट की खबरों और शुद्ध दूध की कमी ने उन्हें डेयरी फार्म शुरू करने के लिए प्रेरित किया। जून 2025 में उन्होंने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना की जानकारी पशु चिकित्सालय गौरझामर और उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला सागर की योजना शाखा से प्राप्त की।

योजना के अंतर्गत पांच उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसों के लिए आवेदन किया। बैंक से ऋण स्वीकृत होने और अनुदान संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने हरियाणा के करनाल से 3 लाख 30 हजार रुपये की लागत से पांच मुर्रा भैंसें खरीदीं। प्रत्येक भैंस की दूध देने की क्षमता लगभग 9 लीटर प्रतिदिन है। उन्होंने भैंसों का बीमा और टीकाकरण भी कराया।

प्रतिदिन 30 लीटर दूध की आपूर्ति, हर माह 16 हजार रुपये से अधिक की बचत

बलवीर सिंह के पास स्वयं की सिंचित कृषि भूमि है, जिससे हरा चारा और भूसा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है। इससे पशुओं के चारे पर खर्च कम होता है। ग्राम से लगभग पांच किलोमीटर दूर गौरझामर कस्बे में दूध और खोया की मांग अच्छी है। वे प्रतिदिन लगभग 30 लीटर दूध की आपूर्ति करते हैं, जिससे सभी खर्चों के बाद उन्हें प्रतिमाह 16 हजार रुपये से अधिक की बचत होती है।

उन्होंने बचत से बैंक ऋण की किस्तें चुकाईं और व्यवसाय का विस्तार करते हुए 12 अतिरिक्त मुर्रा भैंसें भी खरीदीं। पशुपालन से दूध के साथ गोबर और गौमूत्र के उपयोग से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिले। खेती और पशुपालन के समन्वय से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित

बलवीर सिंह बताते हैं कि पशुपालन विभाग के सहयोग से उन्हें योजना का लाभ लेने में सहायता मिली। अब वे अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा कर उन्हें भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर पशुपालन को आय का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने बलवीर सिंह को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का अवसर दिया।
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➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी

➡️ आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना से महेश यादव की बदली तकदीर, डेयरी व्यवसाय से बढ़ी आय

 सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं ग्राम सागोनी उमरिया निवासी सीमांत कृषक श्री महेश यादव की, जिन्होंने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना का लाभ लेकर पशुपालन को अपनी आय का सशक्त माध्यम बनाया है। कभी उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं की कमी से जूझ रहे महेश यादव आज डेयरी व्यवसाय के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं।

महेश यादव बताते हैं कि उन्हें खेती-किसानी के साथ पशुपालन का शौक था, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण वे उन्नत नस्ल के दुधारू पशु नहीं खरीद पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अखबार के माध्यम से आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना की जानकारी मिली। उन्होंने पशु चिकित्सालय राहतगढ़ पहुंचकर योजना की जानकारी ली और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया। पशुपालन विभाग द्वारा उनका आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए बैंक भेजा गया।

दिसंबर 2025 में बैंक से ऋण स्वीकृत होने और शासन से 1 लाख 6 हजार 250 रुपये का अनुदान मिलने के बाद उन्होंने हरियाणा से पांच उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदीं। इनका तीन वर्ष का बीमा भी कराया। प्रत्येक भैंस से लगभग 9 लीटर दूध प्राप्त होने लगा। दूध की अच्छी खपत के कारण उन्हें प्रतिमाह 12 हजार रुपये से अधिक की शुद्ध आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी बचत और व्यवसाय से प्राप्त आय के आधार पर बैंक ऋण चुकाने के साथ पशुपालन का विस्तार किया और 10 अतिरिक्त मुर्रा भैंसें भी खरीदीं।

गोबर गैस और जैविक खाद से खेती को भी मिला लाभ

महेश यादव ने पशुपालन के साथ पर्यावरण अनुकूल उपायों को भी अपनाया। उन्होंने गोबर गैस संयंत्र स्थापित किया, जिसमें भैंसों से प्राप्त गोबर का उपयोग खाना बनाने के लिए किया जाता है। गोबर गैस संयंत्र से निकलने वाली जैविक खाद का उपयोग खेतों में करने से फसल उत्पादन में भी वृद्धि हुई। इस प्रकार पशुपालन और खेती की पूरकता से उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलने लगा। महेश यादव के अनुसार, वर्तमान में उनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक हो गई है। वे अपने अनुभव अन्य किसान भाइयों के साथ साझा कर उन्हें भी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी

➡️ प्रधानमंत्री आवास योजना से नीलम कुशवाहा का पक्के घर का सपना हुआ साकार

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं जनपद खुरई की निवासी श्रीमती नीलम कुशवाहा (पति श्री बालकिशन कुशवाहा) की, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना पक्का आवास प्राप्त हुआ है।

आवास का लाभ मिलने से नीलम कुशवाहा का अपने घर का सपना साकार हुआ है। उन्होंने इस सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को अपना घर मिलने का सपना पूरा हो रहा है। नीलम कुशवाहा ने शासन की इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि अपना आवास मिलना उनके परिवार के लिए खुशी और संतोष का विषय है।
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➡️ मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल से 46 मरीजों को मिलेगी नई रोशनी, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चित्रकूट रवाना

➡️ जैसीनगर के विशाल नेत्र शिविर में चिन्हित मरीजों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था, मंत्री ने मातेश्वरी निवास से बस को किया रवाना

➡️ मरीजों के साथ चिकित्सक और 10 केयरटेकर भी रहेंगे मौजूद, ऑपरेशन से लेकर भोजन और घर वापसी तक की जिम्मेदारी उठाएंगे मंत्री

 सुरखी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पिछले दिनों जैसीनगर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विशाल निःशुल्क नेत्र शिविर में मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है। शिविर में चिन्हित 46 मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मंगलवार को चित्रकूट स्थित नेत्र चिकित्सालय भेजा गया।  मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मातेश्वरी निज निवास से बस को रवाना किया और सभी मरीजों से बातचीत कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

जैसीनगर में आयोजित विशाल नेत्र शिविर में सुरखी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने अपनी आंखों की जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया था। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। जांच के दौरान जिन लोगों में मोतियाबिंद की समस्या सामने आई, उनके उपचार और ऑपरेशन की जिम्मेदारी भी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की ओर से उठाई जा रही है।

निःशुल्क ऑपरेशन के साथ चश्मे भी होंगे उपलब्ध

चित्रकूट स्थित नेत्र चिकित्सालय में सभी 46 मरीजों का निःशुल्क उपचार एवं मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया जाएगा। उपचार के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को चश्मे सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आंखों के उपचार के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े तथा वे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर मरीजों को एक बस के माध्यम से चित्रकूट भेजा गया है, ताकि उन्हें आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा और उपचार के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मरीजों की देखभाल के लिए चिकित्सक और केयरटेकर भी साथ मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ चिकित्सक तथा लगभग 10 केयरटेकर भी भेजे गए हैं। ये सभी लोग मरीजों की देखभाल करेंगे और उपचार के दौरान उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखेंगे। ऑपरेशन के बाद मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, उन्हें सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। मरीजों के भोजन सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की ओर से उठाई गई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान आर्थिक बोझ और व्यवस्थागत परेशानियों से राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर हैं मंत्री श्री राजपूत

सुरखी क्षेत्र में आयोजित इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों से ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने या उचित जानकारी के अभाव में लोग आंखों की बीमारी का समय पर उपचार नहीं करा पाते। ऐसे में निःशुल्क जांच, ऑपरेशन और चश्मे की व्यवस्था उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर जैसीनगर में आयोजित नेत्र शिविर के बाद अब मरीजों को ऑपरेशन के लिए चित्रकूट भेजना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। मरीजों को घर से उपचार केंद्र तक पहुंचाने, उनके रहने-खाने और ऑपरेशन के बाद घर वापसी तक की व्यवस्था किए जाने से उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी।
मातेश्वरी निवास से बस रवाना करते समय मंत्री राजपूत ने मरीजों से संवाद किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस पहल से क्षेत्र के उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके सदस्य लंबे समय से मोतियाबिंद की समस्या से परेशान थे और उपचार की प्रतीक्षा कर रहे थे।
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दमोह को ऐतिहासिक सौगात देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री @DrMohanYadav51 जी का हृदय से आभार! 🙏
सांसद श्री राहुल सिंह लोधी जी के नेतृत्व में 180 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।
🛣️ दमोह-कटनी फोरलेन (₹4,470 करोड़)
🛣️ दमोह-सागर फोरलेन (₹2,059 करोड़)
इनसे पर्यटन, उद्योग और ‘विंध्य विकास पथ’ को नई गति मिलेगी।
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➡️ जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन

➡️ जनगणना अधिकारियों ने चार्ज अधिकारियों सहित संबंधित अमले को दिया प्रशिक्षण

➡️ जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली सीएमएमएस के माध्यम से जनसंख्या गणना की तैयारियों की दी गई जानकारी

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आगामी फरवरी 2027 से प्रस्तावित जनसंख्या गणना कार्य को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपादित करने के उद्देश्य से जनगणना कार्य निदेशालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के नेतृत्व में यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल से आए मास्‍टर ट्रेनर एवं सहायक निदेशक श्रीमती अनामिका जैन एवं श्री पवन मिश्रा द्वारा जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों, पर्यवेक्षकों एवं तकनीकि सहायकों को उनके दायित्वों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी, समस्त चार्ज अधिकारी ग्रामीण, जनगणना लिपिक एवं तकनीकी सहायकों ने सहभागिता की। 

➡️ प्रशिक्षण में जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली सीएमएमएस के माध्यम से जनगणना 2027 के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना पीई के लिए की जाने वाली तैयारियों एवं पोर्टल पर संचालित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि जनसंख्या गणना से प्राप्त आंकड़ों का न तो कोई निरीक्षण कर सकता है और न ही प्राप्त आकड़ों को किसी प्रकरण अथवा न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। 

➡️ जनसंख्या गणना के लिए गणना ब्लॉक का गठन

प्रशिक्षण में बताया गया कि एचएलओ चरण के दौरान तैयार किए गए सभी एचएलबी को जनसंख्या गणना के चरण में सामान्यतः गणना ब्लॉक ईबी के रूप में मान्य किया जाएगा। यदि किसी एचएलबी की जनसंख्या 800 से अधिक है तो उसकी बाहरी सीमा को यथावत रखते हुए उसे दो या अधिक सब.ईबी में विभाजित किया जा सकेगा। प्रथम चरण में यदि कोई क्षेत्र कवरेज से छूट गया हो तो उसे निकटतम सब.ईबी में जोड़ा जा सकता है। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि एचएलबी का विभाजन उसकी मूल सीमा के भीतर ही किया जाएगा तथा दो या दो से अधिक एचएलबी को मिलाकर नया गणना ब्लॉक नहीं बनाया जा सकेगा।

➡️ सीएमएमएस पोर्टल पर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी

प्रशिक्षण में सीएमएमएस पोर्टल के चार्ज ऑफिसर लॉगिन के अंतर्गत उपलब्ध पीई मैनेजमेन्‍ट मॉड्यूल की जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत पर्यवेक्षी सर्कल का निर्माण एवं आवंटन पर्यवेक्षक का आवंटन एवं निरस्तीकरण गणना ब्लॉक का आवंटन एवं निरस्तीकरण नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र तैयार करना तथा आरक्षित गणक एवं पर्यवेक्षक के प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों को पोर्टल पर गणना ब्लॉक को विभाजित करने, सब.ईबी बनाने तथा परिवारों को गणक को आवंटित करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। सभी आवश्यक परिवारों के आवंटन के बाद ही ईबी को फ्रीज करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई तथा बताया गया कि यह कार्रवाई अपरिवर्तनीय होती है।

➡️ प्रशिक्षण प्रबंधन एवं रिपोर्टिंग की दी जानकारी

प्रशिक्षण में सीएमएमएस के प्रशिक्षण प्रबंधन मॉड्यूल के अंतर्गत बैच बनाने निर्धारित प्रशिक्षण बैच जारी प्रशिक्षण पूर्ण प्रशिक्षण समाप्त एवं निरस्त बैच आदि की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण बैच तैयार करते समय प्रशिक्षण का नाम बैच की संख्या प्रशिक्षण दिवस जिला प्रशिक्षण की तिथि समय प्रशिक्षक प्रशिक्षण स्थल एवं स्थान संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में गणना ब्लॉक से संबंधित विवरण, संशोधित मकान सूची ग्राम एवं नगर रजिस्टर चार्ज रजिस्टर गणक एवं पर्यवेक्षक के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र गणक मैप एवं पर्यवेक्षक मैप अपलोड करने सहित पोर्टल पर उपलब्ध अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।

➡️ फरवरी 2027 से प्रस्तावित है जनसंख्या गणना

बताया गया कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 से कराया जाना प्रस्तावित है। आगामी जनसंख्या गणना में 40 प्रश्न पूछे जाऐंगे। जो कि नागरिकों की मूल जनकारी, आयु, वैवाहिक एवं पारिवारिक स्थिति, राष्ट्रीयता, सामाजिक स्थिति, शिक्षा, आर्थिक स्थिति, प्रवास, प्रजनन सहित अन्य विषयों से संबंधित होंगे। जनगणना के आंकड़े देश की जनसंख्या सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति तथा विकास से संबंधित योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर नियोजन के लिए महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध कराते हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया उनके दायित्वों तथा सीएमएमएस पोर्टल की कार्यप्रणाली से पूरी तरह अवगत कराना रहे ताकि आगामी जनसंख्या गणना का कार्य सुचारू व्यवस्थित एवं निर्धारित समय सीमा में संपादित किया जा सके।
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➡️ प्रदेश में फार्म-6 प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी, अब तक 4 लाख 6 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संपूर्ण प्रदेश में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा फार्म-6 प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि 1 अक्टूबर से अब तक प्रदेश में कुल 4 लाख 6 हजार 338 फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 आयु वर्ग के 1 लाख 92 हजार 851 फार्म शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया है कि फार्म-6 प्राप्त करने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

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➡️ स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल प्रगति लाने के दिए निर्देश, राजस्व और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करें काम

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्वामित्व योजना की समीक्षा की। बैठक में जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान स्वामित्व योजना से जुड़े आवश्यक ऑनलाइन ऐप और संपूर्ण प्रक्रिया का पुनः विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया, ताकि धरातल पर काम में और तेजी लाई जा सके।

कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि राजस्व और ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मैदान में उतरकर काम में जुटे। उन्होंने कहा कि पटवारियों के साथ-साथ पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक भी प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मैदानी स्तर पर काम की स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

राजस्व और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त टीमों को मैदानी स्तर पर काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने कहा है कि दैनिक रूप से स्वामित्व योजना में प्रगति दिखे सभी अपने सौंप गए दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ करें। और स्वामित्व योजना से संबंधित लक्षित आम जनों को निशुल्क रजिस्ट्री के रूप में योजना का लाभ दिलाएं।
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➡️ बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स: भूमि अधिग्रहण के लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश, कलेक्टर ने की समीक्षा

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के प्रवेश-निर्गत द्वार हेतु आपसी सहमति से क्रय नीति के तहत किए जा रहे भूमि अधिग्रहण कार्यों की कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान परियोजना से प्रभावित विभिन्न ग्रामों की भूमि अधिग्रहण, अवार्ड पारित करने, रजिस्ट्री स्थिति तथा लंबित प्रकरणों पर बिंदुवार चर्चा की गई।

बीना रिफाइनरी हेतु स्वीकृत कुल भूमि के सापेक्ष विभिन्न ग्रामों (जैसे आगासोद, बिल्धई बुजुर्ग, बेरखेड़ी टांडा आदि) में अवार्ड आदेश जारी किए जा चुके हैं। अवशेष रकबे पर अवार्ड आदेश पारित करने और वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। शासकीय भूमि के अंतरण और आवंटन हेतु जिला स्तरीय शासकीय भूमि आवंटन समिति तथा नजूल निवर्तन समिति के समक्ष विचाराधीन प्रकरणों को त्वरित रूप से निराकृत करने की बात कही गई।

 जिन कृषकों की भूमि हेतु सहमति प्राप्त हो चुकी है या मुआवजा राशि का आकलन हो चुका है, उनके सम्बितरण आदेश जारी कर रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। बैठक में बताया  गया कि कुछ खसरों में भू-धारकों की मृत्यु, नामांतरण, नाबालिग वारिस, तथा बैंक खाता या पहचान दस्तावेजों (जैसे पैन/आधार आदि) की अनुपलब्धता या नाम संशोधन के कारण रजिस्ट्री लंबित है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन व्यावहारिक व तकनीकी बाधाओं का समाधान कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शेष बचे सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के प्रवेश-निर्गत मार्ग निर्माण का कार्य बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
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➡️ यात्री बसों में प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध सघन चेकिंग कार्रवाई

➡️ 07 यात्री बसों का पंजीयन किया निरस्त

➡️ 15 यात्री बसों से 45000/- जुर्माना वसूल, 02 यात्री बसें जब्त

परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा ओवरलोड, अधिक किराया लेने, परमिट शर्तों का उल्लंघन एवं टैक्स बकाया यात्री बसों पर चेकिंग संबंधी कार्रवाई किए जाने के दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा 07 यात्री बस क्रमांक MP15PA0165, MP15PA0229, MP15PA0129, MP37P0277, MP15PA0254, MP09FA2641, MP09FA2637, जो कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उक्त वाहनों का पंजीयन निरस्त किया गया है एवं उक्त यात्री बसों को स्क्रैप करने का आदेश जारी किया है।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा बताया गया कि मुख्य बस स्टैंड के समीप रहने वाले रहवासियों को यात्री बसों में प्रेशर हॉर्न लगे होने के कारण काफी असुविधा होती है, ध्वनि प्रदूषण होता है एवं रात्रिकाल में बच्चों तथा बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। इस संबंध में शिकायत इस कार्यालय में प्राप्त हुई है। इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा दिनांक 10.10.2026 एवं 11.02.2026 को मुख्य बस स्टैंड एवं शहरी क्षेत्र में बसों में लगे अवैध प्रेशर हॉर्न के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान 12 यात्री बसों में तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न लगे पाए गए, जो मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैला रहे थे। उक्त यात्री बसों से मौके पर ही प्रेशर हॉर्न निकलवाकर जब्त किए गए तथा 15 यात्री बसों में चालक/परिचालक निर्धारित गणवेश में नहीं, एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं, रेडियम रिफ्लेक्टर टेप नहीं, फर्स्ट एड बॉक्स नहीं आदि कमियां पाई जाने पर उन वाहनों से 45000/- रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।

इसी प्रकार 01 यात्री बस में पीछे की ओर कांच पर लोहे की जाली लगी पाई गई एवं 01 यात्री बस का ड्राइवर साइड का गेट टूटा हुआ था तथा वाहन का फर्श टूटा होने से उक्त दोनों बसों को जब्त कर कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने वाहन स्वामियों को हिदायत दी है कि बसों से प्रेशर हॉर्न तुरंत हटवा लें तथा वाहनों के संचालन के दौरान वाहन से संबंधित समस्त दस्तावेजों यथा बीमा, फिटनेस, परमिट, पंजीयन कार्ड, वाहन चालक का हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र आदि अनिवार्य रूप से साथ में रखें। अन्यथा उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के प्रावधानानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने समय-सीमा बैठक में की समीक्षा: जनविश्वास अभियान के पहले  शिकायतों का हो संतुष्टिपूर्वक और समयबद्ध निवारण

➡️ 100 दिवस से लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई करने, आयोगों के लंबित पत्रों में एक्शन टेकन रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश

समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों एवं शिकायतों के निवारण की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनविश्वास अभियान शिविरों की तिथियों से पहले सभी लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक समाधान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि आगामी अगले कैंप से पहले शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी , राजस्व, स्वास्थ्य , मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, नागरिक आपूर्ति , तथा अनुसूचित जाति/जनजाति एवं सहकारिता आदि विभागों के अंतर्गत लंबित शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की।

उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा लाडली बहना योजना के 100% प्रकरणों में अगले तीन दिनों के भीतर E-KYC कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार भू-अर्जन से संबंधित 100 दिनों से लंबित शिकायतों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। लापरवाही पर डब्ल्यूआरडी के संबंधित  एसडीओ को नोटिस जारी करने तथा मालथोन, बंडा, बीना , खुरई, सागर आदि के भू-अर्जन प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य से संबंधित लंबित प्रकरणों में लगातार उच्च स्तर से फॉलो-अप लेने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मांग आधारित शिकायतों को केवल मांग दर्शाकर बंद न करें, बल्कि उनके साथ एक नियमानुसार और स्पष्ट प्रतिवेदन भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। विभिन्न आयोगों से प्राप्त विगत तीन महीने से लंबित पत्रों तथा प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि सभी मामलों में एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड कर प्रकरणों को बंद कराएं। अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सहमति के कारण लंबित  विकास परियोजनाओं के कार्यों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर पूर्ण कराने के कड़े निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेश द्विवेदी, समस्त एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी

सब्जियों से फूलों की खेती की ओर बढ़े किसान निहाल पटेल, गुलाब की खेती से हर महीने 30 से 35 हजार रुपये का मुनाफा

 सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं, सागर के प्रगतिशील किसान श्री निहाल पटेल की, जिन्होंने पारंपरिक सब्जी उत्पादन के साथ फूलों की खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। किसान निहाल पटेल ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं सहयोग से गुलाब और गेंदे की खेती शुरू की। सिंचाई के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सुविधाओं का उपयोग कर वे खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

निहाल पटेल को गुलाब की खेती से ही हर महीने लगभग 30 से 35 हजार रुपये का मुनाफा हो रहा है। उनकी यह पहल बताती है कि पारंपरिक फसलों के साथ फूलों की खेती को अपनाकर किसान अपनी आय के नए अवसर तलाश सकते हैं। निहाल पटेल का अनुभव युवा किसानों के लिए प्रेरणादायक है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का उपयोग कर किसान खेती में विविधता लाने के साथ अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
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➡️ सागर में अग्निवीर भर्ती रैली का बारहवां दिन: 258 युवाओं ने दौड़ पूरी कर भारतीय सेना में जुड़ने की दिशा में बढ़ाया एक और कदम

सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर द्वारा इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर (मध्यप्रदेश) में आयोजित की जा रही वार्षिक अग्निवीर भर्ती रैली के बारहवें दिन अभ्यर्थियों में भारी उत्साह और अनुशासन देखा गया। 01 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस भर्ती प्रक्रिया में युवा पूरी लगन और देशभक्ति के जज्बे के साथ हिस्सा ले रहे हैं। रैली के बारहवें दिन कुल 386 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कड़ी शारीरिक परीक्षा और प्रतिस्पर्धा के उपरांत 258 उम्मीदवारों ने दौड़ में सफलता हासिल कर (सफलता प्रतिशत 66.84%) अगले चरण में प्रवेश किया।

आगामी भर्ती रैली कार्यक्रम (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़): महिला मिलिट्री पुलिस (WMP) भर्ती रैली (संपूर्ण MP एवं CG): 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।

महिला अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु व्यवस्थाएं: महिला अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसके तहत ठहरने हेतु होटल पैराडाइज के पीछे शिव पार्वती मैरिज गार्डन में अलग हॉल सहित संलग्न शौचालय (Attached Toilet) तथा सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से अधिक संख्या में महिला पुलिस बल तैनात किया गया है। सागर जिला प्रशासन और सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराई जा रही है।

सेना भर्ती कार्यालय की महत्त्वपूर्ण अपीलः भारतीय सेना में चयन पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता (Merit) के आधार पर होता है। भर्ती में किसी भी प्रकार की दलाली या अनुचित साधनों का कोई स्थान नहीं है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल के बहकावे में न आएं।
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➡️ सब्जियों से फूलों की खेती की ओर एक सफल कदम! 🌼

सागर के प्रगतिशील किसान निहाल पटेल ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग (ड्रिप व स्प्रिंकलर सुविधा) से सब्जियों के साथ गुलाब और गेंदे की खेती शुरू की है। आधुनिक तकनीक से वे केवल गुलाब से ही हर महीने 30-35 हजार रुपये का शानदार मुनाफा कमा रहे हैं। युवा किसानों के लिए यह एक बड़ी प्रेरणा है! 🌹  
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