Public App Logo
Profile Picture

PRO JS Sagar

@projssagar
845Followers
0Following
➡️ उपभोक्ता आयोग के 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा

➡️ खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का विशेष प्रयास सफल, वर्षों की सेवा का मिला सम्मान

प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के विशेष प्रयास से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारी हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग तथा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। शासन ने विशेष प्रकरण मानते हुए इन कर्मचारियों को "स्थायी कर्मी" के रूप में मान्यता प्रदान करने की अनुमति दे दी है। खाद्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला आयोगों में कार्यरत 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर पदों पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का लाभ दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग के वर्ष 2016 के परिपत्र के अनुसार 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों 3rd को स्थायी कर्मी का लाभ देने के लिए शासन की पूर्व अनुमति आवश्यक थी। राज्य शासन ने इस मामले को विशेष परिस्थिति मानते हुए "वन टाइम रिलेक्सेशन" प्रदान किया है, जिससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व और सेवा सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
इस निर्णय को मंत्रिपरिषद की 9 जून 2026 को आयोजित बैठक में स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इसके बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर संबंधित कर्मचारियों को स्थायी कर्मी मान्य किए जाने की अनुमति प्रदान की।
खाद्य मंत्री श्री राजपूत के अनुसार इस निर्णय से कर्मचारियों को न केवल सेवा सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें शासन के नियमानुसार वेतन निर्धारण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए यह निर्णय राहत और संतोष लेकर आया है। सरकार के इस कदम को कर्मचारी कल्याण और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे अधिक उत्साह और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=Sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं परिसंपत्तियों के संरक्षण हेतु विभागीय कार्यशाला आयोजित

 जिला पंचायत सागर सभागार में पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों के संरक्षण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश जल निगम परियोजना क्रियान्वयन इकाई सागर,  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित नल-जल योजनाओं की विभिन्न परिसंपत्तियों एवं अवयवों की जानकारी साझा करना तथा उनके संरक्षण के प्रति, विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाना था। इस दौरान जल निगम द्वारा योजनाओं से संबंधित विभिन्न अवयवों की जानकारी जीआईएस पोर्टल पर अपलोड किए गए डेटा के माध्यम से उपस्थित उपयंत्रियों को प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) रूप में प्रदर्शित की गई। साथ ही पेय जल योजनाओं के संरक्षण एवं प्रभावी संचालन हेतु विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=Sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ नारी शक्ति बनी विकास की आधारशिला।

32+ करोड़ जन-धन खाते,3+ करोड़ लखपति दीदी,₹16+ लाख करोड़ मुद्रा लोन।

@jansamparkmp <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>   <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofnarishakti nis:value=12YearsOfNariShakti nis:enabled=true nis:link/>
➡️ नारी शक्ति बनी विकास की आधारशिला।

32+ करोड़ जन-धन खाते,3+ करोड़ लखपति दीदी,₹16+ लाख करोड़ मुद्रा लोन।

PMO India Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofnarishakti nis:value=12YearsOfNariShakti nis:enabled=true nis:link/>
➡️ सहकारी समितियों में सदस्यता वृद्धि और किसानों को समय पर ऋण व खाद उपलब्ध कराने पर दें विशेष ध्यान - महेंद्र सिंह यादव

➡️ अपैक्स बैंक प्रशासक ने सागर संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

अपैक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव ने सागर संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की विभागीय समीक्षा बैठक जिला सहकारी बैंक सागर के सभागार में आयोजित की। बैठक में उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में सदस्यता वृद्धि अभियान तथा खरीफ 2026 के लिए किसानों को ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

श्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। सरकार किसानों एवं सर्वहारा वर्ग के हितों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सतत प्रयासरत है। किसानों को कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से अपैक्स बैंक द्वारा 14 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ने के लिए सदस्यता महाअभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों से 500 रुपये अंश पूंजी एवं 100 रुपये सदस्यता शुल्क प्राप्त कर उन्हें सहकारी संस्थाओं का सदस्य बनाया जाए, जिससे वे शून्य प्रतिशत ब्याज सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने समिति प्रबंधकों को सदस्यता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने तथा जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इसकी सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक में श्री यादव ने ऋण वसूली पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी ऋण वसूली के लिए निरंतर प्रयास करें, जिससे सहकारी बैंक वित्तीय रूप से मजबूत बनें और सहकारी आंदोलन निरंतर प्रगति करता रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए घर, कार्यालय एवं संस्थानों में पौधारोपण किया जाना चाहिए। साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम से जोड़ने के प्रयास भी किए जाएं, ताकि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।

श्री यादव ने निर्देश दिए कि आगामी खरीफ सीजन 2026 में किसानों को खाद वितरण में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए। समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही बैंक के सभी शाखा प्रबंधकों एवं अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की व्यावहारिक समस्या शासन स्तर पर हो तो उन्हें अवगत कराया जाए, ताकि उसका शीघ्र निराकरण कराया जा सके।

बैठक का संचालन आईटी मैनेजर श्री आशीष राजोरिया एवं सहायक प्रबंधक श्री अनुराग द्वारा किया गया। इस अवसर पर संभागीय शाखा प्रबंधक अपैक्स बैंक सागर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज दुरेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक के अंत में अपैक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव का बैंक प्रबंधन एवं कर्मचारी यूनियन द्वारा शाल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा बुंदेली परंपरा के अनुसार साफा बांधकर स्वागत किया गया।

बैठक में अपैक्स बैंक के ओएसडी श्री अभय प्रधान, संभागीय शाखा प्रबंधक श्री वर्मन, श्री सुशील शुक्ला, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सागर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज दुरेजा, श्री एस.के. कनोजिया पन्ना, श्री अभिषेक मोहन व्यास दमोह, श्री शिवम शाह छतरपुर, श्री अनुपम पांडेय टीकमगढ़, सुश्री रितु मीना, प्रबंधक लेखा, श्री राजेश जैन, विपणन प्रभारी तथा श्री अरविंद पांडेय, फील्ड प्रभारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक उपरांत श्री यादव ने अधिकारियों के साथ बैंक परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ प्रधानमंत्री श्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सुरखी विधानसभा में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर

➡️ 16, 17 एवं 18 जून को होंगे शिविर, आमजन की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

➡️ केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ - मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत

 देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सुरखी विधानसभा क्षेत्र में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में 16, 17 एवं 18 जून को राहतगढ़ जनपद पंचायत, जैसीनगर जनपद पंचायत, नगर परिषद सुरखी एवं नगर परिषद बिलहरा में जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने क्षेत्र की जनता एवं कार्यकर्ताओं से इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित किए हैं। इसी उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना, जनधन योजना सहित अनेक योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इन योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला, युवा और मजदूर वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी जनकल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, स्वरोजगार योजनाएं एवं अन्य जनहितकारी कार्यक्रमों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि जनकल्याण शिविरों में सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। शिविर में आने वाले नागरिक अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकरणों का तत्काल निराकरण करा सकेंगे। पात्र हितग्राहियों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों, वार्डों एवं क्षेत्रों के अधिक से अधिक लोगों को शिविरों की जानकारी दें तथा उन्हें शिविर स्थल तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान और शासन की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का अभियान है।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के विजन को साकार करने में जनता की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनकल्याण शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा तथा पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अंत में उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि 16, 17 एवं 18 जून को आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करें तथा अपनी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कराएं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofseva nis:value=12YearsOfSeva nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofgaribkalyan nis:value=12YearsOfGaribKalyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ कृषक श्री दीपक साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से प्राप्त राशि से हमारा कृषिगत कार्यों (जैसे - खाद,बीज) से संबंधित आर्थिक बोझ कम हो जाता है और अच्छी उपज मिल पाती है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofgaribkalyan nis:value=12YearsOfGaribKalyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofseva nis:value=12YearsOfSeva nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ कृषक श्री दीपक साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से प्राप्त राशि से हमारा कृषिगत कार्यों (जैसे - खाद,बीज) से संबंधित आर्थिक बोझ कम हो जाता है और अच्छी उपज मिल पाती है।

@cmmadhyapradesh @drmohanyadav51 @jansamparkmp <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofgaribkalyan nis:value=12YearsOfGaribKalyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofseva nis:value=12YearsOfSeva nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ सफलता की कहानी

➡️ डेयरी फार्मिंग से आत्मनिर्भर बने बलवीर सिंह, पशुपालन से समृद्धि की ओर कदम

➡️ आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना बनी तरक्की की सीढ़ी

जिला सागर के देवरी विकासखंड के ग्राम बिजौरा खामखेड़ा निवासी 30 वर्षीय बलवीर सिंह दांगी ने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना का लाभ लेकर डेयरी फार्मिंग से अपनी आय में वृद्धि कर पशुपालन का आय का धंधा बनाया और आत्मनिर्भरता प्राप्त की। आज वह स्वयं के साथ साथ अन्य  लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। शुद्ध दूध की कमी और मिलावट की चिंता से प्रेरित होकर जून 2025 में उन्होंने योजना के अंतर्गत 5 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसों से डेयरी की शुरुआत की। आज रोजाना 30 लीटर दूध की सप्लाई के साथ उनकी मासिक बचत 16 हजार रुपये से अधिक हो गई है। गोबर गैस, जैविक खाद और गौमूत्र से अतिरिक्त आय अर्जित कर बलवीर सिंह ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।

बलवीर सिंह आज अपने डेयरी फार्म के बिजनेस के जरिए रोजाना लोगों को भैंस का शुद्ध दूध पिला रहे हैं। बलवीर के मन में हमेशा ऐसा कुछ काम करने का था, जो ग्रामीण परिवेश से जुड़ा हो और समाज के लिए भी अच्छा हो। बलवीर के मुताबिक शुद्ध दूध की कमी और दूध में मिलावट की खबरें उन्हें काफी परेशान करती थीं। बस यहीं से उनके दिमाग में डेयरी फार्म खोलने का विचार आया, और फिर वो इसी रास्ते पर चल पड़े।

बलवीर सिंह की सफलता की कहानी तथा पशुपालकों के लिए उनका सुझाव

बलवीर सिंह बताते हैं कि मैंने अपने फार्म की शुरुआत जून 2025 में उन्नत नस्ल की पांच भैंसों से की थी। हमारा उद्देश्य है कि गांव में रह रहे लोग जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं और शुद्ध ताजा देशी भैंस के दूध की महत्व को समझते हैं उनके घर पर देशी भैंस का ताजा दूध डिलीवरी करने का कार्य शुरू किया। सरकार और बैंक के तरफ से म.प्र. शासन की योजना आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन डेयरी के बारे में पता चला। जिसकी पूर्ण जानकारी के लिये पास के पशु चिकित्सालय गौरझामर एवं विस्तृत जानकारी के लिये उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें जिला सागर की योजना शाखा में संपर्क किया।

बलवीर सिंह बताते हैं कि योजना के अंतर्गत 05 भैंसों के लिये आवेदन तैयार कराया एवं बैंक में भेज दिया गया। बैंक द्वारा ऑनलाइन सब्सिडी बुलाकर मेरा ऋण स्वीकृत कर दिया गया। कुल रकम 3,30,000/- में उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें करनाल, हरयाणा से खरीदीं। जिनका दूध देने की क्षमता 9 लीटर प्रतिदिन था। भैंसों का बीमा कराकर एवं टीकाकरण कार्य भी कराया। इस प्रकार मैंने डेयरी का काम प्रारंभ किया। मेरे पास स्वयं की सिंचित भूमि है जिससे हरा-चारा एवं भूसा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इससे मेरा खर्च बच जाता है। पशुपालन से दूध के साथ गोबर और गौमूत्र से भी आय होती है। गांव से 5 किलोमीटर दूर कस्बा गौरझामर में दूध एवं खोया की बहुत मांग है। मैं रोज 30 लीटर दूध सप्लाई करता हूँ। जिससे मुझे खर्च काटकर 16,000 रु. प्रतिमाह बचत होती है। बचत की रकम के साथ मैंने जो बैंक से कर्ज लिया था, वह तिमाही के रूप में बैंक को वापस कर दिया। शेष रकम से मैंने 12 मुर्रा भैंसें और खरीद लीं। इससे मेरी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई जिससे मेरी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हालत में संभव हो सकी। योजना का लाभ दिलाने में विभाग का सराहनीय सहयोग मुझे प्राप्त हुआ। पशुपालन विभाग सागर की डेयरी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने अनुभव से दूसरे किसान भाइयों को योजना के बारे में बताया। जिससे सरकारी योजना का लाभ लेकर आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ दूध की भी पूर्ति हो सकें एवं कृषि एवं पशुपालन की पूरकता का लाभ किसान भाइयों को मिल सकें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

हर थाली में सम्मान, हर परिवार के चेहरे पर मुस्कान।

PMO India CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofgaribkalyan nis:value=12YearsOfGaribKalyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofseva nis:value=12YearsOfSeva nis:enabled=true nis:link/>
➡️ मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

➡️ अत्यंत तीव्र आंधी-तूफान (90 किमी/घंटा तक) एवं ओलावृष्टि की संभावना

सागर
दमोह
जबलपुर / भेड़ाघाट

➡️ मध्यम तीव्रता का आंधी-तूफान एवं बिजली चमकना (70 किमी/घंटा तक)

उमरिया / बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
नरसिंहपुर
कटनी
मंडला

➡️ हल्का आंधी-तूफान एवं बिजली चमकना (50 किमी/घंटा तक)

सीहोर
डिंडोरी
सिवनी
बालाघाट
मुरैना
भिंड
पन्ना
सतना
मैहर
छतरपुर

➡️ कृषकों को सलाह:

खुले खेतों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
कटाई, मड़ाई एवं कृषि कार्यों को मौसम सामान्य होने तक स्थगित रखें।
सब्जी एवं नर्सरी फसलों में जल निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थान में न करें।

चूंकि सागर जिले में 90 किमी/घंटा तक की तेज़ आंधी एवं ओलावृष्टि की चेतावनी है, इसलिए किसानों एवं आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
डॉ के एस यादव, के वी के, सागर

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ 10वीं, 12वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग सेमिनार 11 जून को

 युवाओं को उनके भविष्य के करियर, उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, सागर में दिनांक 11 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे से "करियर काउंसलिंग सेमिनार" का आयोजन किया जा रहा है। इस सेमिनार में विशेष रूप से 10वीं, 12वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, डिप्लोमा पाठ्यक्रमों, उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों, अप्रेंटिसशिप, शासकीय एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार अवसरों तथा स्वरोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही वर्तमान समय में रोजगार के बदलते परिदृश्य और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के महत्व पर भी चर्चा की जाएगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि अनेक विद्यार्थी 10वीं, 12वीं अथवा आईटीआई के बाद अपने करियर के संबंध में उचित निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति में रहते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को सही दिशा एवं उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से इस सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, जिससे वे अपनी रुचि, योग्यता एवं उपलब्ध अवसरों के अनुरूप बेहतर करियर का चयन कर सकें।
महाविद्यालय ने सभी 10वीं, 12वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा करियर संबंधी जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाने की अपील की है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ आयुष्मान आरोग्य मंदिर डोंगरसलैया द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र 32 में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर "सुप्रजा" आयोजित  

आयुक्त संचालनालय आयुष मध्यप्रदेश भोपाल के आदेशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. जोगेंद्र सिंह ठाकुर के निर्देशन में शासकीय आयुर्वेद औषधालय (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) डोंगरसलैया द्वारा आज आंगनवाड़ी केंद्र 32 में आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर "सुप्रजा" का आयोजन किया गया।  शिविर में 0-6 वर्ष के बालक-बालिकाओं, ANC, PNC लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क औषधि वितरित की गई। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा टीकाकरण में भी सहयोग प्रदान किया गया।  इसके साथ ही आगामी विश्व योग दिवस के 100 दिवस काउंटडाउन, 100 दिवस TB मुक्त भारत अभियान और निक्षय अभियान के तहत टीबी रोग के लक्षण, बचाव एवं उपचार के संबंध में जानकारी दी गई। शिविर में कुल 67 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। कार्यक्रम में आयुष विभाग का स्टाफ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम।

UPI के माध्यम से त्वरित, सुरक्षित और सुविधाजनक भुगतान व्यवस्था ने आमजन के जीवन को सरल बनाया है तथा व्यापार को नई गति दी है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofgaribkalyan nis:value=12YearsOfGaribKalyan nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=12yearsofseva nis:value=12YearsOfSeva nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ सफलता की कहानी

➡️ आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने लिखी  महेश यादव की सफलता की कहानी

आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने जिला सागर के ग्राम सागोनी उमरिया निवासी सीमांत कृषक महेश यादव के जीवन को एक नई दिशा दी। सीमित संसाधनों के कारण उनके पास उन्नत नस्ल के दुधारू पशु नहीं थे, उन्होंने योजना के अंतर्गत बैंक ऋण और शासन की 25 प्रतिशत अनुदान सहायता से 5 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदीं। नियमित देखभाल और मेहनत से आज उनकी मासिक आय 12 हजार रुपये से अधिक हो गई है और वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से पार पहुंच गई है। गोबर गैस और जैविक खाद के उपयोग से खेती की उपज भी बढ़ी है।

कृषक महेश यादव बताते हैं कि मैं सीमांत कृषक हूँ, मुझे खेतीबाड़ी के साथ-साथ पशुपालन का बहुत शौक है, परन्तु मेरे पास उन्नत नस्ल के दुधारू पशु नहीं थे। जिससे मुझे अधिक आर्थिक लाभ नहीं मिलता था। एक वर्ष पूर्व आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के बारे में मुझे अखबार से जानकारी मिली। इसके बाद मैंने पशु चिकित्सालय राहतगढ़ जाकर आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना की पूरी जानकारी पशु चिकित्‍सा अधिकारी से ली। उन्‍होंने बताया कि डेयरी योजना में बैंक ऋण के साथ-साथ शासन द्वारा 25 प्रतिशत अनुदान उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंस खरीदी पर दिया जाता है। मैंने आवेदन लेकर आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के साथ दिए। एक सप्ताह बाद पशुपालन विभाग सागर द्वारा मेरा आवेदन बैंक को आवश्यक कार्यवाही हेतु एवं ऋण स्वीकृति हेतु भेज दिया गया।

बैंक द्वारा माह दिसम्बर 2025 में ऋण स्वीकृति एवं विभाग द्वारा 106250 रु. सब्सिडी देने के पश्चात् मैंने 05 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसे हरियाणा से खरीदीं जिनका तीन वर्षीय बीमा भी कराया। प्रत्येक भैंस लगभग 9 लीटर दूध देती है। गांव में एवं विकासखंड मुख्यालय राहतगढ़ में दूध की खपत अच्छी होने के कारण मेरी आय में 12000 रु. प्रतिमाह शुद्ध रूप से होने लगी। बचत की रकम के साथ मैंने जो बैंक से कर्ज लिया था। वह तिमाही के रूप में बैंक को वापस कर दिया। शेष रकम से मैंने 10 मुर्रा भैंसे और खरीद लीं। इससे मेरी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई जिससे मेरी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हालत में संभव हो सकी।

➡️ हरित ऊर्जा एवं जैविक खाद से बचत एवं अधिक फसलोत्‍पादन भी

कृषक महेश यादव बताते हैं कि मैंने गोबर गैस संयंत्र भी स्‍थापित किया है जिसमें भैंसों से प्राप्त गोबर का उपयोग गोबर गैस के लिए करता हूँ, जिसका उपयोग खाना बनाने में किया जा रहा है। गोबर गैस से निकली कम्पोस्ट खाद का उपयोग खेती में डालने से फसल पैदावार में बढ़ोतरी हुई। इससे भी मेरी आय में वृद्धि हुई। वर्तमान में मेरी आय वार्षिक ढाई लाख रुपये से भी ज्यादा हो गई है। मैंने पशुपालन विभाग सागर की डेयरी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने अनुभव से दूसरे किसान भाइयों को योजना के बारे में बताया। जिससे सरकारी योजना का लाभ लेकर आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ दूध की भी पूर्ति हो सकें एवं कृषि एवं पशुपालन की पूरकता का लाभ किसान भाइयों को मिल सकें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ शासकीय अग्रणी महाविद्यालय में चार दिवसीय पर्यावरण व्याख्यान माला संपन्न: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता सहित विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया जागरूक

➡️ प्रदूषण के लिए मनुष्य ही मुख्य जिम्मेदार: डॉ. सुबोध जैन

➡️ पर्यावरण की रक्षा हमारा परम कर्तव्य: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता

शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय गरिमामय एवं भव्य व्याख्यान माला का शानदार समापन हुआ। प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के कुशल निर्देशन में आयोजित इन सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के सहयोग से किया गया। इस दौरान विषय विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण और मानव की भूमिका पर गहन प्रकाश डाला। इस ज्ञानवर्धक आयोजन में महाविद्यालय के लगभग 65 विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।

➡️ प्रदूषण के लिए मनुष्य ही मुख्य जिम्मेदार: डॉ. सुबोध जैन

व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता डॉ. सुबोध जैन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से मनुष्य ही जिम्मेदार है। औद्योगीकरण, वाहनों का अत्यधिक उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, प्लास्टिक का बढ़ता चलन और प्राकृतिक संसाधनों का बेतरतीब दोहन पर्यावरण को लगातार गर्त में धकेल रहा है। यदि मनुष्य अपनी आदतों में सुधार कर ले, तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महाविद्यालय की प्राचार्य एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने विशेष उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना करना भी असंभव है। हमें जीवित रहने के लिए शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, भोजन और अनुकूल वातावरण प्रकृति से ही मिलता है। पेड़-पौधे, नदियाँ, पर्वत और जीव-जंतु मिलकर इस धरा पर जीवन का संतुलन बनाए रखते हैं। उन्होंने चेताया कि यदि पर्यावरण प्रदूषित होगा, तो इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। इसलिए हमें निरंतर वृक्षारोपण और जल संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि इसके बिना जिंदगी वास्तव में अधूरी है। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी।

➡️ पर्यावरण बचाओ, भविष्य बचाओ: डॉ. मयंक रूसिया

द्वितीय वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. मयंक रूसिया ने "पर्यावरण बचाओ, भविष्य बचाओ" का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण हमारी सबसे अनमोल धरोहर है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली ही हमारे जीवन का असली आधार हैं। हमारा यह नैतिक दायित्व है कि हम आज अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ, जल की बचत करें और प्लास्टिक का उपयोग कम करके आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ पृथ्वी सौंपें।

चार दिनों तक चले पर्यावरण चेतना से जुड़े इन समस्त कार्यक्रमों का संचालन रसायन विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। महाविद्यालय के इस अग्रणी आयोजन में उपस्थित सभी 65 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ चारों दिन व्याख्यान माला का लाभ उठाया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ सफलता की कहानी

➡️ आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने लिखी  महेश यादव की सफलता की कहानी

आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने जिला सागर के ग्राम सागोनी उमरिया निवासी सीमांत कृषक महेश यादव के जीवन को एक नई दिशा दी। सीमित संसाधनों के कारण उनके पास उन्नत नस्ल के दुधारू पशु नहीं थे, उन्होंने योजना के अंतर्गत बैंक ऋण और शासन की 25 प्रतिशत अनुदान सहायता से 5 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें खरीदीं। नियमित देखभाल और मेहनत से आज उनकी मासिक आय 12 हजार रुपये से अधिक हो गई है और वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से पार पहुंच गई है। गोबर गैस और जैविक खाद के उपयोग से खेती की उपज भी बढ़ी है।

कृषक महेश यादव बताते हैं कि मैं सीमांत कृषक हूँ, मुझे खेतीबाड़ी के साथ-साथ पशुपालन का बहुत शौक है, परन्तु मेरे पास उन्नत नस्ल के दुधारू पशु नहीं थे। जिससे मुझे अधिक आर्थिक लाभ नहीं मिलता था। एक वर्ष पूर्व आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के बारे में मुझे अखबार से जानकारी मिली। इसके बाद मैंने पशु चिकित्सालय राहतगढ़ जाकर आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना की पूरी जानकारी पशु चिकित्‍सा अधिकारी से ली। उन्‍होंने बताया कि डेयरी योजना में बैंक ऋण के साथ-साथ शासन द्वारा 25 प्रतिशत अनुदान उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंस खरीदी पर दिया जाता है। मैंने आवेदन लेकर आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के साथ दिए। एक सप्ताह बाद पशुपालन विभाग सागर द्वारा मेरा आवेदन बैंक को आवश्यक कार्यवाही हेतु एवं ऋण स्वीकृति हेतु भेज दिया गया।

बैंक द्वारा माह दिसम्बर 2025 में ऋण स्वीकृति एवं विभाग द्वारा 106250 रु. सब्सिडी देने के पश्चात् मैंने 05 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसे हरियाणा से खरीदीं जिनका तीन वर्षीय बीमा भी कराया। प्रत्येक भैंस लगभग 9 लीटर दूध देती है। गांव में एवं विकासखंड मुख्यालय राहतगढ़ में दूध की खपत अच्छी होने के कारण मेरी आय में 12000 रु. प्रतिमाह शुद्ध रूप से होने लगी। बचत की रकम के साथ मैंने जो बैंक से कर्ज लिया था। वह तिमाही के रूप में बैंक को वापस कर दिया। शेष रकम से मैंने 10 मुर्रा भैंसे और खरीद लीं। इससे मेरी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई जिससे मेरी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हालत में संभव हो सकी।

➡️ हरित ऊर्जा एवं जैविक खाद से बचत एवं अधिक फसलोत्‍पादन भी

कृषक महेश यादव बताते हैं कि मैंने गोबर गैस संयंत्र भी स्‍थापित किया है जिसमें भैंसों से प्राप्त गोबर का उपयोग गोबर गैस के लिए करता हूँ, जिसका उपयोग खाना बनाने में किया जा रहा है। गोबर गैस से निकली कम्पोस्ट खाद का उपयोग खेती में डालने से फसल पैदावार में बढ़ोतरी हुई। इससे भी मेरी आय में वृद्धि हुई। वर्तमान में मेरी आय वार्षिक ढाई लाख रुपये से भी ज्यादा हो गई है। मैंने पशुपालन विभाग सागर की डेयरी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने अनुभव से दूसरे किसान भाइयों को योजना के बारे में बताया। जिससे सरकारी योजना का लाभ लेकर आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ दूध की भी पूर्ति हो सकें एवं कृषि एवं पशुपालन की पूरकता का लाभ किसान भाइयों को मिल सकें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ बीना में जैविक हाट बाजार के 6 माह पूरे

➡️ किसानों और शहरवासियों में बढ़ा जैविक सब्जियों का उत्साह

बीना विकासखंड में निरंतर आयोजित हो रहा साप्ताहिक जैविक हाट बाजार आज सफलता की नई मिसाल बन चुका है। पिछले 6 महीनों से लगातार चल रहे इस बाजार ने किसानों और शहरवासियों दोनों के बीच विशेष पहचान बनाई है। 

शुरुआत में इस जैविक हाट बाजार से केवल 12 किसान जुड़े थे, जो अपनी जैविक सब्जियां और कृषि उत्पाद लेकर आते थे। आज यह संख्या बढ़कर 16 किसानों तक पहुंच गई है। हर रविवार सुबह 7 बजे से बाजार शुरू हो जाता है। गर्मी के मौसम में भी शहरवासी बड़ी उत्सुकता से जैविक सब्जियों की खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। 

बाजार में टमाटर, ककड़ी, गिलकी, लौकी, पालक, पुदीना, धनिया, चुकंदर, नींबू जैसी ताजी जैविक सब्जियों के साथ अंजीर, आम, बेल, पपीता जैसे फल भी उपलब्ध रहते हैं। खास बात यह है कि मात्र दो से तीन घंटों के भीतर किसानों के अधिकांश उत्पाद बिक जाते हैं। 

जैविक हाट बाजार से जुड़े किसानों का कहना है कि अब उनकी आय में वृद्धि हो रही है और लोगों का भरोसा भी जैविक खेती की ओर बढ़ा है। वहीं शहरवासियों का कहना है कि इस बाजार से उन्हें ताजी, सुरक्षित और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैं, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ हो रहा है। कई लोगों ने इच्छा जताई कि ऐसा जैविक बाजार प्रतिदिन लगे ताकि उन्हें रोज ताजी जैविक सब्जियां मिल सकें। 

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि किसानों में धीरे-धीरे जैविक खेती के प्रति रुचि बढ़ रही है और बीना शहर के लोग भी इस हाट बाजार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह बाजार न केवल किसानों की आय बढ़ा रहा है, बल्कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल साबित हो रहा है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ ऊँची पहाड़ियों एवं पथरीली बंजर भूमि को हरित बनाना समय की आवश्यकता

वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट तथा भूमि क्षरण जैसी समस्याएँ दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही हैं। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई तथा प्राकृतिक वन क्षेत्रों में कमी के कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है और ऑक्सीजन की उपलब्धता घटती जा रही है। परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि, सूखा, बाढ़, वर्षा का असंतुलित वितरण तथा कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार एक विकसित वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 100 से 120 किलोग्राम ऑक्सीजन वातावरण में छोड़ता है तथा बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मध्य प्रदेश तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़ी मात्रा में ऊँची पहाड़ियाँ, पथरीली भूमि एवं बंजर ढालें उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में होने वाली वर्षा का अधिकांश जल बहकर नालों, नदियों और अंततः समुद्र तक पहुँच जाता है। इसके साथ उपजाऊ मिट्टी का भी कटाव होता है, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती जाती है। यदि इन बंजर पहाड़ियों पर जल संरक्षण संरचनाओं के साथ उपयुक्त वृक्षों एवं झाड़ियों का रोपण किया जाए तो न केवल भूमि का संरक्षण होगा बल्कि पर्यावरण सुधार, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऐसे क्षेत्रों में खेजड़ी (Prosopis cineraria), करंज (Pongamia pinnata), देशी बबूल (Vachellia nilotica), कुमठा या गोंद बबूल (Acacia senegal), कैर या करील (Capparis decidua), सीताफल (Annona squamosa), बेर (Ziziphus mauritiana), अगावे (Agave sisalana), नागफनी (Opuntia ficus-indica) तथा थोर (Euphorbia caducifolia) जैसी प्रजातियाँ अत्यंत उपयुक्त पाई गई हैं। 

खेजड़ी, जिसे शमी एवं जांटी के नाम से भी जाना जाता है, अत्यधिक सूखा सहनशील वृक्ष है तथा इसकी सांगरी फलियाँ आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं। करंज भूमि में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर उर्वरता बढ़ाता है तथा इसके बीजों से तेल प्राप्त होता है। कुमठा से उच्च गुणवत्ता का गोंद प्राप्त होता है जबकि कैर एक कांटेदार झाड़ी है जो बकरियों से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है तथा इसके फल अचार निर्माण में उपयोग किए जाते हैं। सीताफल एवं बेर पथरीली भूमि में सफल फलदार प्रजातियाँ हैं। वहीं अगावे, नागफनी एवं थोर मिट्टी कटाव रोकने, जीवित बाड़ बनाने तथा अत्यंत कम पानी में जीवित रहने के लिए प्रसिद्ध हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए कंटूर आधारित अर्धचंद्राकार संरचनाएँ अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। इन संरचनाओं को ढाल की समान ऊँचाई अर्थात कंटूर रेखा पर बनाया जाता है। सामान्यतः इनका व्यास 1 से 1.5 मीटर तथा गहराई 20 से 30 सेंटीमीटर रखी जाती है। अर्धचंद्राकार संरचना का खुला भाग पहाड़ी के ऊपरी हिस्से की ओर रखा जाता है ताकि वर्षा का बहता हुआ पानी उसमें एकत्र होकर धीरे-धीरे भूमि में समा सके। अधिक ढाल वाले क्षेत्रों में 45 से 60 सेंटीमीटर चौड़ी तथा 30 से 45 सेंटीमीटर गहरी कंटूर ट्रेंच भी बनाई जा सकती हैं। इन संरचनाओं से जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तथा पौधों की जीवित रहने की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

पौधारोपण के लिए जून से अगस्त के मध्य प्रथम अच्छी वर्षा के बाद 45 × 45 × 45 सेंटीमीटर आकार के गड्ढे तैयार किए जाने चाहिए। अत्यधिक पथरीली भूमि में 60 × 60 × 60 सेंटीमीटर आकार के गड्ढे अधिक उपयुक्त रहते हैं। प्रत्येक गड्ढे में 5 से 10 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर खाद मिलाई जानी चाहिए तथा 45 से 90 सेंटीमीटर ऊँचाई के स्वस्थ पौधों का रोपण करना चाहिए। जहाँ पौधे उपलब्ध न हों वहाँ सीधे बीजों की बुवाई भी की जा सकती है। खेजड़ी, करंज, बबूल, कुमठा, कैर तथा बेर के दो से तीन बीज तथा सीताफल के तीन से चार बीज प्रति गड्ढा डाले जा सकते हैं। अंकुरण के बाद सबसे स्वस्थ पौधे को सुरक्षित रखते हुए अन्य पौधों को निकालकर दूसरे स्थानों पर प्रतिरोपित किया जा सकता है। भविष्य में परिपक्व वृक्षों से प्राप्त बीजों का उपयोग नए क्षेत्रों में वृक्षारोपण के लिए भी किया जा सकता है। जहां पर गधों में वृक्ष लगाया जा रहा हूं वहां पर उपरोक्त प्रजातियों के दो दो तीन-तीन बी भी लगा देना चाहिए जिससे वह सरवाइव कर जाए तो उनमें से एक या दो को छोड़कर के बाकी को निकाल देना चाहिए। यह तकनीकी उन स्थानो के लिए उपयुक्त है जहां ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों पर बकरियां आदि से पौधे से बचाव हो जाए और जहां पर सिंचाई सुविधा ना हो तथा केवल वर्षा ऋतु पर आधारित हरा-भरा पहाड़ी बनाना हो। 

व्यावहारिक रूप से मिश्रित वृक्षारोपण मॉडल अधिक सफल पाया गया है। इसके अंतर्गत लगभग 40 प्रतिशत खेजड़ी, 20 प्रतिशत करंज, 15 प्रतिशत बबूल, 10 प्रतिशत कुमठा, 5 प्रतिशत कैर, 5 प्रतिशत सीताफल तथा 5 प्रतिशत बेर का रोपण किया जा सकता है। ढालों, मेड़ों एवं कटावग्रस्त भागों पर अगावे, नागफनी तथा थोर का रोपण विशेष रूप से लाभकारी रहता है।

यदि ग्राम पंचायतें, वन समितियाँ, स्वयंसेवी संस्थाएँ, किसान समूह तथा स्थानीय समुदाय मिलकर इस प्रकार के वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण अभियान चलाएँ तो आने वाले वर्षों में पहाड़ियाँ पुनः हरी-भरी हो सकती हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, भूमि सुधार, जैव विविधता संवर्धन, पशुओं के लिए चारा उपलब्धता, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। वास्तव में ऊँची पहाड़ियों एवं पथरीली बंजर भूमि को हरित बनाना केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।

डॉ. के. एस. यादव, प्रमुख वैज्ञानिक एवं प्रमुख
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय।
कृषि विज्ञान केंद्र, सागर (म.प्र.)

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले के विभिन्न विकासखंडों में हुआ पौधारोपण 
 
➡️ पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया संकल्प  

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जन अभियान परिषद की टीम द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों में पौधारोपण किया गया। पौधारोपण के दौरान टीम ने लगाए गए पौधों की रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प लिया। 

अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ शक्ति के सम्मान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के सदस्य, स्थानीय नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर म प्र जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ए.व्ही.एस. शिक्षा एवं समाजोत्थान समिति द्वारा संचालित दयोदय गोशाला, में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपस्थित समिति पदाधिकारी श्री सुबोध सतभैया वकील साहब, अनिल जैन शिक्षक , रवि कुमार जैन सीपुर, प्रवीण चौधरी कैलाश चंद बजाज दीपक जैन, समिति के विद्यालय के प्राचार्य श्री आनंद कुमार जैन, विनय सेन, लखन तिवारी, संतोष चढ़ार, वैजनाथ चढ़ार, श्रीराम पटेल, काशीराम पटेल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

अतिथियों ने पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने तथा हर वर्ष पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। अंत में समिति की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ होमगार्ड कमांडेंट ने किया कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण 

होमगार्ड कमांडेंट मुख्यालय के निर्देशानुसार कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने समस्त शाखाओं के ऑफिस रिकॉर्ड चैक किया एवं किट परेड आयोजित की। परेड में 09 ऑफिस स्टाफ एवं 82 जवान कुल 91 चार प्लाटून में शामिल हुआ। परेड का नेतृत्व पी सी अनिमेष राजपूत द्वारा किया गया। परेड कमांडर द्वारा परेड की रिपोर्ट डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट को दी गई परेड निरीक्षण कर परेड मार्च कराया गया बाद परेड जवानों किट का निरीक्षण किया गया जिन जवानों का टर्न आउट व किट अच्छी पाई गई उन्हें डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट द्वारा प्रशंसा से पुरस्कृत करने व जिनका किट अच्छी नहीं पाई गई उन्हें अपने किट व टर्न आउट में सुधार हेतु निर्देशित किया गया। Sderf उपकरणों का निरीक्षण किया गया जवानों से उपकरणों को उपयोग की जानकारी एवं चालू करा कर देखा गया उनके रख रखाव में विशेष ध्यान रखने निर्देशित किया गया एवं जिले में उपलब्ध वाहनों का देखा गया तथा उनकी सर्विसिंग ,ऑयल गेज चैक किया गया वाह न प्रभारी द्वारा सही बताया गया।तत्पश्चात सैनिक सम्मेलन लिया गया। सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने व अपने ड्यूटी कर्तव्यों में अच्छे टर्न आउट में करने हिदायत दी गई। तथा मुख्यालय के आदेश/निर्देशों की जानकारी दिया गया एवं जवानों से उनकी समस्या पूछी गई उनकी सवालों का समाधान कारक जवाब दिया गया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर अरोह-2026 का समारोह पूर्वक हुआ समापन 

 संचालनालय खेल और युवा कल्याण म.प्र. भोपाल के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर 15 खेलों यथा बास्केटवाल, व्हालीवाल, हॉकी, फुटवाल, कबड्डी, एथलेटिक्स, कुश्ती, लॉन टेनिस, योगासन, खो-खो, मलखम्व, ताईक्वांडो, कूडो, बैडमिंटन एवं टेबल-टेनिस तथा विकास खण्ड मुख्यालय पर 02 खेलो में दिनांक 05 मई 2026 से 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसका समापन आज दिनॉक 06 जुन 2026 को सायंः 05ः30बजे खेल परिसर सागर के हॉकी ट्रर्फ मैदान में किया गया।
      समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष माननीय श्री देवेन्द्र सिंह ठाकुर एवं डी.एस.यादव संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय विभाग सागर, श्रीमती सुनिता झौरे वैज्ञानिक म0प्र0प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सागर, वरिष्ठ समाजसेवी श्री वीनू राणा जी,श्री मोहित भल्ला अध्यक्ष जिला मलखम्ब संघ सागर के विषिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ, इस अवसर पर विषेष रूप से जिला कुष्ती संघ के उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सोनी जी,रंग कला मंच सागर से श्री असरार खान, श्रीमती प्रतिभा तिवारी, अपूर्वा भदौरिया, संदीप कुमार सांडिल्य, स्वेता नेमा, उपस्थित रहे। 
 कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों द्वारा पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एक पेड़ खेल परिसर में लगाया।
 तत्पष्चात हॉकी मैदान पर अतिथियों के समक्ष जुम्बा डांस का प्रदर्षन श्री राजतिवारी के मार्गदर्षन मंे किया गया। तदुपरांत अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर मार्ल्यपण कर दीप प्रज्जवलित कर आसन ग्रहण किया गया। तत्पष्चात जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी सागर श्री प्रदीप अबिद्रा द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया, साथ ही सभी खेल प्रशिक्षकों द्वारा भी अतिथियों का स्वागत मार्ल्यपण कर किया गया।
 इसके पष्चात जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी द्वारा कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी से अतिथियों को अवगत कराया एवं 30 दिवस तक चलने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रषिक्षण षिविर में सागर मुख्यालय पर विभिन्न 15 खेलों में लगभग 1019 खिलाड़ियों ने तथा जिले के शेष 10 विकासखंडो में लगभग 654 खिलाड़ियों इस प्रकार लगभग 1673 खिलाड़ियों ने इस प्रषिक्षण षिविर में अपनी प्रतिभागिता दी एवं खेलों की बारीकियों को सीखा। इसके बाद मलखम्ब खेल का प्रदर्षन खेल परिसर के विभागीय प्रषिक्षक श्री श्यामलाल पाल के मार्गदर्षन मंे किया गया। जिससे सभी मत्रमुग्ध हो गये। 
  इसके पश्चात कार्यक्रम में पधारे अतिथि जिला पंचायत के उपाध्यक्ष माननीय श्री देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में भारत माता की जय के साथ बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि आज प्रषिक्षक खेल प्रतिभाओं निखारने का काम कर रहे है, खेल विभाग समर कैम्प हर वर्ष आयोजित कर रहा है और खेलों के प्रति जो निष्टठा से खिलाड़ी तैयार करते है ये सराहनीय है। खेलों के माध्यम से सरकार आज प्रतिभाओं को निखारने एवं उनको एक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण काम कर रही है,जिससे म0प्र0 में लगातार हर खेल में खिलाड़ी पदक प्राप्त कर रह है जो बहुत ही सम्मान की बात है। अंत में सभी खिलाड़ियों को खेलों से जुड़े रहने की अपील की। 
 
तत्पष्चात जिला मुख्यालय पर 15 खेलों में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले खिलाड़ियों में से प्रत्येक ख्ेाल से 02 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन कर एवं उनके प्रषिक्षण देने वाले सभी प्रशिक्षको को सम्मानित किया गया, म0प्र0प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सागर द्वार ग्रीष्मकालीन खेल प्रषिक्षण षिविर के समापन समारोह में खिलाड़ियों को पर्यावरण कार्यक्रम भाग लेने पर प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। तथा ग्रीष्मकालीन खेल प्रषिक्षण षिविर आरोह 2026 के इस 30 दिवसीय षिविर में खेल आयोजन के साथ-साथ इस वर्ष खिलाड़ियो में खेल के अतिरिक्त सामाजिक,सांस्कृतिक एवं उनकी प्रतिभा को मंच देने हेतु अन्य गतिविधियों का आयोजन भी किया गया जिसके मुख्यता येागा का विषेष षिविर, खेल संबंधित पेन्टिग की प्रतियोगितायें, मोटीवेषनल कार्यक्रम,मेडीटेषन का कार्यक्रम, स्वास्थ संबंधी जानकारी, सामाजिक न्याय विभाग द्वारा नषा से दूर रहने हेतु नषा मुक्ति संदेष एवं कार्यक्रम,एवं पर्यावरण से संबंधित जानकारी विभिन्न विषय विषेषज्ञो द्वार समय-समय पर दी गई। साथ ही ग्रीष्मकालीन खेल प्रषिक्षण षिविर में खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभागिता दी और उन्हे भी पुरस्कृत किया गया। 

कार्यक्रम के अंत मंे समापन अवसर पर पधारे सभी अतिथियों को जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। 

कार्यक्रम का संचालन आर.जे.राम, माय एफ.एम. सागर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में म0प्र0 प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से श्री रामेष्वर अहिरवार, श्री आकाष सूर्यवंषी, सभी प्रशिक्षक/कर्मचारी श्री प्रेमनेती राय, श्रीमती सीमा चक्रवर्ती, श्रीमती संगीता सिंह, श्री श्यामलाल पाल, श्री उमेश चंद मोर्य, श्री नफीस खान, श्री नरबहादुर सिंह राजपूत, श्री नरेन्द्र सोनी,श्री शैलेन्द्र यादव, श्री विषाल तोमर, कु. मेघा भोजक, श्री राम सिंह गौड़, कु.वंदना तिवारी, कु.रीमा ठाकुर,श्री पंकज प्रजापति,श्री नीलकमल खलको, श्री महेन्द्र सिंह राजपूत, श्री चंदन मोरे, श्रीमती अंजली सिंह, श्री रंजीत बैन, श्री विवेक सेन, श्री रामबाबू विश्वकर्मा, श्री हेमन्त प्रजापति, श्री बद्री प्रसाद सेन, श्री ब्रजेन्द्र कोरी, श्री विक्की, आदि का विशेष सहयोग रहा। 

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया वृक्षारोपण, करोड़ों के विकास कार्यों की दी सौगात

➡️,ग्राम खमकुआ में 33/11 केवी सब स्टेशन का भूमिपूजन, 10 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

➡️,“वृक्ष लगाना ही नहीं, उनकी रक्षा और सुरक्षा करना भी हमारा दायित्व है" मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत

सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खंपुआ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों को करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देते हुए 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण करना चाहिए, लेकिन केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उनकी देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के बिना आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य यह है कि इसके 15 दिन बाद मानसून आ जाता है। इन परिस्थितियों में 5 जून को जो भी वृक्षारोपण किया जाये, कम से कम 15 दिन जो वृक्ष को लगाये उसको पानी दे, सुरक्षा करे। 

➡️ 33/11 केवी सब स्टेशन से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था होगी मजबूत

  मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि ग्राम खमकुआ के लिए 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत किया गया है, जिसके निर्माण से क्षेत्र के लगभग 10 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा बेहतर विद्युत व्यवस्था की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सब स्टेशन बनने के बाद बिजली की लो-वोल्टेज की समस्या में कमी आएगी, बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी तथा किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी। साथ ही कृषि पंपों को पर्याप्त बिजली मिलने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।

  मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद वर्ग के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें खेती-किसानी में सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है, जिससे लाखों बहनों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

  मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित हुई है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को लाखों रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत मिल रही है। वहीं मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न कल्याणकारी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी तथा संबल योजना जैसी योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है और समाज के कमजोर वर्गों को नई शक्ति प्रदान की है।

➡️ ग्रामीण विकास को मिल रही नई गति

  कार्यक्रम में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। गांव-गांव तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि एक पेड़ मां के नाम और एक पेड़ आने वाली पीढ़ियों के नाम अवश्य लगाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में हरियाली और स्वच्छता का संदेश भी पहुंचेगा।

➡️ जनता ने जताया आभार

  कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में स्वीकृत विकास कार्यों और 33 केवी सब स्टेशन की सौगात के लिए मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र की वर्षों पुरानी बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और विकास के समन्वय का प्रतीक बना, जहां एक ओर वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा प्रदान की गई।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>
➡️ चीता संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने गांव-गांव पहुंच रही वन विभाग की टीम

चीता स्थापना कार्यक्रम के अगले चरण में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को स्थानांतरित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत स्थानीय ग्रामीणों के बीच चीता प्रजाति, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तथा क्षेत्र के अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही चीता प्रजाति के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों एवं नकारात्मक धारणाओं को दूर करने तथा वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिजर्व के समीपवर्ती ग्रामों में ‘चीता चौपाल’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

चीता चौपाल के दौरान ग्रामीणों एवं बच्चों को लघु वृत्तचित्र तथा पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चीता संरक्षण, जैव विविधता एवं वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के संचालन एवं प्रस्तुतीकरण का दायित्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पदस्थ 30 से अधिक वनरक्षकों एवं दैनिक श्रमिकों द्वारा निभाया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पिछले एक माह के दौरान चरणबद्ध तरीके से पब्लिक स्पीकिंग, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण तथा संरक्षण संबंधी विषयों पर प्रश्नोत्तर आदि का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

चीता चौपाल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करते हुए उन्हें उनकी भौगोलिक एवं प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराना, वन एवं वन्यजीवों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना तथा उनके संरक्षण संबंधी दायित्वों के प्रति जागरूक बनाना है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sagar nis:value=sagar nis:enabled=true nis:link/>