*नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न*
गया, 19 सितंबर 2026, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री श्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में आज दिनांक 19 सितम्बर 2026 को पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम गया द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा किया गया।
इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला का आयोजन 25 सितम्बर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारियां जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई हैं।
समीक्षा बैठक एवं तैयारियों के प्रमुख बिंदु:
1. मेला संचालन हेतु 21 गठित कोषांग
मेला के सुचारू संचालन हेतु 21 प्रमुख कोषांगों का गठन किया गया है, जिनमें आवासन, साफ-सफाई, जलापूर्ति व स्वच्छता, सड़क व नाली मरम्मति, स्वास्थ्य, विद्युत व प्रकाश, परिवहन व यातायात, विधि-व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, स्मारिका, सूचना केंद्र व कॉल सेंटर, खोया-पाया, खाद्य सामग्री आपूर्ति, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन आदि शामिल हैं।
2. जन-भागीदारी एवं नवाचार (Logo व "Paint the City" प्रतियोगिता)
लोगो चयन: बच्चों के बीच आयोजित Logo Designing प्रतियोगिता में 120 प्रतिभागियों में से टॉप-10 डिजाइन का चयन कर उन्हें पुरस्कृत व सम्मानित किया गया।
Paint the City: 293 प्रविष्टियों में से चयनित 27 कलाकृतियों को शहर के चिन्हित मार्गों व दीवारों पर चित्रित कराया जा रहा है, जिससे गयाजी को आस्था और संस्कृति का नया स्वरूप मिल सके।
3. आवासन व्यवस्था (कुल क्षमता: 75,348)
तीर्थयात्रियों एवं पुलिस बल के ठहराव हेतु व्यापक इंतजाम किए गए हैं:
निःशुल्क सरकारी यात्री आवासन: 1 टेंट सिटी (क्षमता 2,500) तथा 44 सामुदायिक भवन/अन्य स्थल (क्षमता 12,070) - कुल 14,570
पुलिस आवासन: 15 स्थल (क्षमता 7,841)
होटल / रेस्ट हाउस: 132 स्थल (क्षमता 7,817)
पंडा जी के निजी भवन / धर्मशाला: 527 स्थल (क्षमता 48,220)
4. सफाई, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन
संपूर्ण मेला क्षेत्र को 5 जोन एवं 54 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। तीन पालियों में सफाई हेतु एजेंसी के माध्यम से 39,500 मानवबल लगाए जाएंगे।
तकनीकी नवाचार: फल्गु नदी के जल की सफाई Trash Cleaning Boat (Clearbot) द्वारा की जाएगी। संपूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन (Drone) और नालों की सफाई अत्याधुनिक रोबोटिक मशीनों से होगी।
सरोवर व घाट: 9 प्रमुख तालाबों (ब्रह्मसरोवर, रुक्मिणी, पितामहेश्वर, वैतरणी, सूर्यकुंड, गोदावरी आदि) एवं प्रमुख घाटों की दो पालियों में विशेष सफाई व पेंटिंग कराई जा रही है।
शौचालय व स्नानागार: मेला क्षेत्र में 30 फैब्रिकेटेड, 04 डीलक्स, 08 बायो-टॉयलेट, 06 मोबाइल शौचालय तथा कुल 579 शौचालय, 134 स्नानागार एवं 74 चेंजिंग रूम का निर्माण/रखरखाव किया जा रहा है।
5. पेयजल व जलापूर्ति व्यवस्था
197 चापाकल, 53 स्टैंड पोस्ट की मरम्मति व रंग-रोगन के साथ पानी की जांच कराई जा रही है।
18 प्रमुख स्थलों पर शुद्ध RO जल की पनशालाएं लगाई जाएंगी। गंगाजल आपूर्ति हेतु विशेष पिआउ की व्यवस्था की गई है।
6. विद्युत एवं भव्य प्रकाश व्यवस्था
विष्णुपद मंदिर को निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु दो 33 KV स्रोतों (मानपुर एवं चंदौती) तथा डंडीबाग PSS के दो पावर ट्रांसफार्मर व 11 KV फीडरों से जोड़ा गया है।
पूरे मेला क्षेत्र में 24,000 स्ट्रीट लाइट (4,000 नई), 184 हाईमास्ट, 87 मिनी हाईमास्ट, स्पाइरल लाइट तथा 10,000 पोलों पर तिरंगा रूपी रोप लाइट लगाई जा रही है।
सुरक्षा हेतु लोहे के पोलों पर डाई-इलेक्ट्रिक पेंट (Dielectric Paint) की कोटिंग की गई है।
7. सड़क एवं नाली मरम्मति
नगर निगम द्वारा सड़क व नाली मरम्मति की 53 योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं।
पथ निर्माण विभाग द्वारा 35 प्रमुख पथों (कुल 169.74 किमी) के मरम्मति का कार्य किया जा रहा है।
8. स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय सुविधाएं
मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ व 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात रहेंगे।
सभी शिविरों में 53 प्रकार की दवाएँ, 12 एम्बुलेंस, 2 शव वाहन तथा 5 मोबाइल मेडिकल टीम कार्यरत रहेंगी।
आपात स्थिति हेतु ANMMCH (100 बेड), प्रभावती अस्पताल (10), JP नारायण अस्पताल (5) तथा CGHS दर पर निजी अस्पतालों में कुल 125 बेड आरक्षित किए गए हैं।
9. परिवहन, ट्रैफिक एवं वाहन पार्किंग
शहर के बाहरी व आंतरिक इलाकों में 18 वाहन पड़ाव (पार्किंग) स्थल बनाए गए हैं।
50 रिंग बसों का परिचालन, 150 निःशुल्क ई-रिक्शा (वृद्ध व अशक्त तीर्थयात्रियों के लिए) तथा गया स्टेशन (02 काउंटर) एवं गया एयरपोर्ट (01 काउंटर) पर प्रीपेड ऑटो/टैक्सी काउंटर की व्यवस्था की गई है।
10. एआई (AI) एवं स्मार्ट तकनीक द्वारा भीड़ नियंत्रण व सुरक्षा
AI Crowd Management: Cambrian AI तकनीक के माध्यम से शहर भर के 543 CCTV कैमरों से रियल-टाइम अलर्ट और भीड़ नियंत्रण की निगरानी की जाएगी।
QR-Code आधारित खोया-पाया बैंड: बच्चों के लिए Unique QR-Based Wrist Band दिया जाएगा, जो अभिभावक के मोबाइल से लिंक रहेगा ताकि बच्चे खोने पर तुरंत ट्रेस किए जा सकें।
Real-Time Language Translation Help Desk: 'भाषिणी' ऐप व AI की मदद से दक्षिण भारतीय व अन्य भाषाओं के तीर्थयात्रियों के लिए "May I Help You" काउंटरों पर उनकी अपनी मातृभाषा में सहायता प्रदान की जाएगी।
11. विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था
पूरे मेला क्षेत्र को 44 जोन एवं 510 सेक्टरों में बांटकर तीन पालियों में दंडाधिकारी व पुलिस बल प्रतिनियुक्त किए गए हैं।
विष्णुपद मंदिर के पास अस्थायी पुलिस थाना तथा 87 पुलिस शिविर/हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।
वॉच टावर, सादे लिबास में पुलिसकर्मी, 24x7 गश्ती तथा 67 प्रमुख स्थानों पर 335 अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
अवैध खटालों एवं आवारा पशुओं को हटाने हेतु Cow Catcher एवं स्पेशल टीमों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।
12. सूचना, कॉल सेंटर व हेल्पलाइन
24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन (IVRS): 9266628168 पर ऑटोमेटेड कॉल मैनेजमेंट द्वारा शिकायत/सहायता दर्ज की जा सकती है।
नियंत्रण कक्ष: संवास सदन में मुख्य 24x7 नियंत्रण कक्ष (दूरभाष: 0631-2222500) तथा अक्षयवट व देवघाट पर मिनी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
यात्रियों की सुविधा हेतु 'Pinddaan Gaya' ऐप तथा स्थान-स्थान पर LED डिस्प्ले स्क्रीन व फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं।
13. विशेष आकर्षण एवं पर्यावरण पहल ("पितृवाटिका")
लेज़र लाइट व साउंड शो: रबर डैम एवं ब्रह्मसत तालाब परिसर में भव्य लेज़र शो आयोजित होगा।
एक पेड़ पूर्वजों के नाम (पितृवाटिका): ब्रह्मयोनि पहाड़ी (खटकाचक) में तीर्थयात्री अपने दिवंगत पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण कर सकेंगे, जिसकी देखरेख वन विभाग द्वारा की जाएगी।
जीविका "दीदी की रसोई": श्रद्धालुओं को मात्र ₹30 में स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने हेतु 05 स्थानों पर दीदी की रसोई शुरू की गई है।
माननीय मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने समीक्षा के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि काफी छोटी-छोटी बारीकियां को भी अच्छे तरीके से हाईलाइट करते हुए बेहतरीन तैयारी की गई है यह काफी हर्ष की बात है कि मेला के पहले ही सभी प्लान तैयार हो विशेष कर भीड़ नियंत्रण प्रबंधन बेहतर तरीके से प्लान किया गया है ताकि कहीं भी कोई भगदड़ जैसी शिकायत नहीं मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ गया जिले के आम जनता का भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि इस मेल में बढ़ चढ़ कर सहयोग करें, विभिन्न देशों राज्यों से बड़ी संख्या में यात्री गया जी आते हैं, गया की पहचान और बिहार की पहचान पूरे विश्व में फैले, इसके लिए हम सभी बढ़-चढ़कर गया में आने वाले तीर्थयात्रियों को सेवा सत्कार करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पितृपक्ष मेला एक विशेष अवसर है जिससे गया और बिहार का ब्रांडिंग हो सके।
इस अवसर पर नगर विकास विभाग के सचिव श्री अनिमेष कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक गया श्री सुशील कुमार, नगर विकास एवं विभाग के विशेष सचिव, महापौर गया नगर निगम, सभापति नगर परिषद बोधगया, उप महापौर गया नगर निगम, ज़िला अध्यक्ष गण, 20 सूत्री के अध्यक्ष, विष्णुपद मंदिर के पुरोहितगण, पितृपक्ष मेला कोषांग में शामिल सम्मानित समाजसेवीगण, नगर आयुक्त गया नगर निगम, ज़िला स्तरीय सभी विभागों के पदाधिकारी गण, नगर निगम एवं नगर परिषद बोधगया के सभी पदाधिकारी गण उपस्थित थे।