जो पात्र हितग्राही छूट गया, उसे प्रधानमंत्री आवास का लाभ जरूर मिलना चाहिए - विधायक श्री मलैया
==
केवल हितलाभ देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन का विश्वास जीतना भी जरूरी - कलेक्टर श्री यादव
==
सेवा सेतु शिविर में 18 विभागों की योजनाओं का मिला लाभ,
==
110 हितग्राहियों को ₹51.42 लाख के हितलाभ वितरित
===
सेवा सेतु अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन और शासन-प्रशासन के बीच की दूरी को समाप्त करना है, ताकि नागरिक एक ही मंच पर अपनी समस्याएं रख सकें और शासन-प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उनकी बात सुनकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर सकें। अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सम्मानपूर्वक, समय पर और पारदर्शी तरीके से दिलाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
सेवा सेतु शिविर में नागरिकों को विभिन्न शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 18 विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं के लगभग 110 हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान कुल ₹51 लाख 42 हजार की राशि के हितलाभ प्रदान किए गए।
दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा क्षेत्र में ऐसी कई बहनें और परिवार हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नही मिला उनको भी लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने सेवा सेतु अभियान के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की बात कही।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा केवल हितलाभ देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन का विश्वास जीतना भी जरूरी है। उन्हें यह भरोसा होना चाहिए कि शासन-प्रशासन में उनकी बात सुनी जाती है और उनकी समस्या का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा आमजन के लिए केवल कार्यालय, पद, नियम अथवा प्रक्रिया महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसे मिलने वाली सेवा, सम्मान और उसकी समस्या के समाधान का वास्तविक महत्व है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से कहा सेवा सेतु अभियान का उद्देश्य केवल काउंटर लगाकर आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक आवेदन का प्रभावी निराकरण करना है। अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कानून के दायरे में पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाना चाहिए, ताकि आमजन के बीच शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।
कलेक्टर ने कहा कई बार शासन की योजनाएं फाइलों तक सीमित रह जाती हैं, जबकि उनका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। ऐसे अभियानों के माध्यम से प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा किसी एक समस्या का प्रभावी निराकरण भी आमजन के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
उन्होंने स्ट्रीट वेंडर योजना का उदाहरण देते हुए कहा कोविड काल में अनेक लोगों को ₹10 हजार से ₹15 हजार तक के छोटे ऋण उपलब्ध कराए गए थे। विषम परिस्थितियों में यह राशि उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई और उन्हें अपने जीवन-यापन का सहारा मिला। उन्होंने कहा शासन की छोटी-सी सहायता भी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
कलेक्टर श्री यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों से कहा कि वे सेवा को अपना संकल्प बनाएं। उन्होंने कहा कि आमजन की सेवा करना केवल शासकीय दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सेवा सेतु अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
इस अवसर पर रमन खत्री, संजय सेन, महेश पटेल, रामेश्वर चौधरी ने भी शासन की योजनाओ और संकल्प सेवा अभियान के संबंध में अपनी बात विस्तार से रखी।
सीएमओ राजेन्द्र सिंह लोधी ने कहा शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को 10 वर्षों की अवधि के लिए मत्स्य पट्टे प्रदान किए गए। वहीं लाड़ली बहना योजना के प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से दिव्यांग पेंशन एवं वृद्धावस्था पेंशन योजना के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
उन्होने कहा नगरपालिका दमोह द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत 30 हितग्राहियों को प्रथम किस्त के रूप में ₹30 लाख की राशि आवंटित की गई तथा हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स योजना के हितग्राहियों को भी योजनांतर्गत लाभ प्रदान किया गया। श्री लोधी ने कहा सेवा सेतु शिविर का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सहज और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।
4 views | Damoh, Madhya Pradesh | Oct 4, 2026