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50 दिन तक मौत से लड़ता रहा नवजात, मेडिकल कॉलेज रायगढ़ के डॉक्टरों ने बचाई जिंदगी उम्मीद छोड़ चुके माता-पिता को स्वस्थ शिशु सौंपा, चिकित्सकों की सेवा भावना बनी मिसाल 33 सप्ताह में जन्मे 1.7 किलो के गंभीर नवजात का निःशुल्क हुआ सफल उपचार स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय, रायगढ़ के चिकित्सकों ने सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने एक नन्ही जिंदगी को नया जीवनदान दिया। जूटमिल निवासी दंपति श्री ललित एवं श्रीमती सुगंधी के समयपूर्व जन्मे गंभीर रूप से बीमार नवजात को 50 दिनों तक चले जटिल उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। गर्भावस्था के मात्र 33वें सप्ताह में जन्मा यह शिशु केवल 1.7 किलोग्राम वजन का था। जन्म के तुरंत बाद उसे गंभीर श्वसन संबंधी परेशानी होने लगी और पहले ही दिन से बार-बार दौरे पड़ने लगे। जांच में फेफड़ों में रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) और निमोनिया जैसी जटिल बीमारियों का पता चला। स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण नवजात को तत्काल नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने शिशु को कई बार रक्त और प्लाज्मा चढ़ाया। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया गया। लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। इसके बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन (एनआईव्ही) पर लाया गया। भर्ती अवधि के दौरान हुए कोलेस्टेटिक पीलिया का भी सफलतापूर्वक उपचार किया गया। बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणेश्वर कुमार सोनी ने बताया कि उपचार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब शिशु की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। परिस्थितियां इतनी चुनौतीपूर्ण थीं कि माता-पिता ने भी उम्मीद लगभग छोड़ दी थी और अस्पताल आना बंद कर दिया था। लेकिन एनआईसीयू की टीम ने हार नहीं मानी और पूरे समर्पण के साथ उपचार जारी रखा। धीरे-धीरे शिशु ने दूध लेना शुरू किया, उसका वजन बढ़ा और सामान्य गतिविधियां विकसित होने लगीं। पूरे उपचार के दौरान शिशु 23 दिन वेंटिलेटर और 17 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहा। करीब 50 दिनों तक चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने दिन-रात उसकी निगरानी कर उपचार किया। अंततः शिशु पूरी तरह स्थिर, दौरे-मुक्त और सामान्य ऑक्सीजन स्तर के साथ स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। #RaigarhDistt

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रेडक्रॉस व मेडिकल कॉलेज के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर संपन्न, 716 यूनिट रक्त संग्रह

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ द्वारा किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के सहयोग से जिले के विभिन्न इकाइयों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का आयोजन अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा, अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड गारे पेलमा कोल माइन्स, अदानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड छोटे भंडार में किया गया। शिविर का शुभारंभ संबंधित अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
 शिविर में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड में 61 यूनिट, अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा-में 135 यूनिट, अदानी पावर लिमिटेड में 251 यूनिट तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड में 269 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस प्रकार कुल 716 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ ने शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी संस्थाओं, रक्तदाताओं एवं सहयोगी चिकित्सकीय दलों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग देने का आग्रह किया गया। शिविर को सफल बनाने में रेडक्रॉस सोसायटी के कर्मचारियों, किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय तथा संत बाबा गुरु घासीदास स्मृति चिकित्सालय रायगढ़ के चिकित्सकीय दल का विशेष योगदान रहा।

रेडक्रॉस व मेडिकल कॉलेज के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर संपन्न, 716 यूनिट रक्त संग्रह भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ द्वारा किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के सहयोग से जिले के विभिन्न इकाइयों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का आयोजन अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा, अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड गारे पेलमा कोल माइन्स, अदानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड छोटे भंडार में किया गया। शिविर का शुभारंभ संबंधित अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शिविर में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड में 61 यूनिट, अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा-में 135 यूनिट, अदानी पावर लिमिटेड में 251 यूनिट तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड में 269 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस प्रकार कुल 716 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ ने शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी संस्थाओं, रक्तदाताओं एवं सहयोगी चिकित्सकीय दलों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग देने का आग्रह किया गया। शिविर को सफल बनाने में रेडक्रॉस सोसायटी के कर्मचारियों, किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय तथा संत बाबा गुरु घासीदास स्मृति चिकित्सालय रायगढ़ के चिकित्सकीय दल का विशेष योगदान रहा।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 26, 2026

धरमजयगढ़ में आम और मिश्रित बागवानी बनी ग्रामीण समृद्धि की नई पहचान

मनरेगा और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से 24 पंचायतों में हरियाली के साथ बढ़ी किसानों की आमदनी

लैलूंगा का जवाफूल चावल और धरमजयगढ़ की फल बागवानी बन रहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले में नवाचार आधारित प्रयास सफल परिणाम देने लगे हैं। जिले के सुदूर वनांचल विकासखंड लैलूंगा में जहां जवाफूल चावल किसानों की आय का नया स्रोत बन रहा है, वहीं विकासखंड धरमजयगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित आम एवं मिश्रित फल बागवानी किसानों की आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
 धरमजयगढ़ की 24 ग्राम पंचायतों में लगभग 164.47 लाख रुपये की लागत से संचालित 140 आम एवं मिश्रित फल बागवानी कार्य आज ग्रामीण आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन गए हैं। जिला प्रशासन रायगढ़, जनपद पंचायत धरमजयगढ़, मनरेगा अमले तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के समन्वित प्रयासों से यह पहल ग्रामीणों के लिए दीर्घकालिक आय का माध्यम बन रही है। क्षेत्र में कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर परिवारों के सामने स्थायी आय के सीमित अवसर, भूजल स्तर में गिरावट तथा हरित आवरण में कमी जैसी चुनौतियां थीं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फल बागवानी को रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया गया।
 इस अभियान की विशेषता केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि पौधों के संरक्षण और वैज्ञानिक बागवानी प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया गया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा हितग्राहियों को नियमित प्रशिक्षण, जैविक खाद के उपयोग, पौध संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी दी गई। फील्ड विजिट और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए।
 जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ द्वारा प्रभावी समन्वय तथा ग्राम पंचायतों एवं मनरेगा अमले की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को सफलता दिलाई। परिणामस्वरूप 8,197 पौधारोपण लक्ष्य के विरुद्ध 7,787 पौधों का रोपण किया गया, जो लगभग 95 प्रतिशत उपलब्धि है। इससे 24 ग्राम पंचायतों में हरित आवरण बढ़ा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। फल बागवानी से जुड़े किसानों को अब प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है।

धरमजयगढ़ में आम और मिश्रित बागवानी बनी ग्रामीण समृद्धि की नई पहचान मनरेगा और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से 24 पंचायतों में हरियाली के साथ बढ़ी किसानों की आमदनी लैलूंगा का जवाफूल चावल और धरमजयगढ़ की फल बागवानी बन रहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले में नवाचार आधारित प्रयास सफल परिणाम देने लगे हैं। जिले के सुदूर वनांचल विकासखंड लैलूंगा में जहां जवाफूल चावल किसानों की आय का नया स्रोत बन रहा है, वहीं विकासखंड धरमजयगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित आम एवं मिश्रित फल बागवानी किसानों की आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बनकर उभरी है। धरमजयगढ़ की 24 ग्राम पंचायतों में लगभग 164.47 लाख रुपये की लागत से संचालित 140 आम एवं मिश्रित फल बागवानी कार्य आज ग्रामीण आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन गए हैं। जिला प्रशासन रायगढ़, जनपद पंचायत धरमजयगढ़, मनरेगा अमले तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के समन्वित प्रयासों से यह पहल ग्रामीणों के लिए दीर्घकालिक आय का माध्यम बन रही है। क्षेत्र में कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर परिवारों के सामने स्थायी आय के सीमित अवसर, भूजल स्तर में गिरावट तथा हरित आवरण में कमी जैसी चुनौतियां थीं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फल बागवानी को रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया गया। इस अभियान की विशेषता केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि पौधों के संरक्षण और वैज्ञानिक बागवानी प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया गया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा हितग्राहियों को नियमित प्रशिक्षण, जैविक खाद के उपयोग, पौध संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी दी गई। फील्ड विजिट और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए। जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ द्वारा प्रभावी समन्वय तथा ग्राम पंचायतों एवं मनरेगा अमले की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को सफलता दिलाई। परिणामस्वरूप 8,197 पौधारोपण लक्ष्य के विरुद्ध 7,787 पौधों का रोपण किया गया, जो लगभग 95 प्रतिशत उपलब्धि है। इससे 24 ग्राम पंचायतों में हरित आवरण बढ़ा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। फल बागवानी से जुड़े किसानों को अब प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 26, 2026

युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर, जिला स्तरीय रोजगार मेले में 42 अभ्यर्थियों का मौके पर चयन

जिला प्रशासन की विशेष पहल से 684 रिक्त पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया, निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया साक्षात्कार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन रायगढ़ लगातार सार्थक प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ द्वारा आज जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेला जिले के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार प्राप्ति का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई। मेले में कुल 42 अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन किया गया, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया संबंधित कंपनियों द्वारा आगे भी जारी रहेगी।
 जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले के लिए कुल 331 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इनमें से 88 अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के समक्ष साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन एवं योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 42 अभ्यर्थियों का तत्काल चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में युवाओं के साथ-साथ युवतियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने रोजगार के अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
 रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की तीन प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। मेसर्स श्रमिन वेल्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रिकल मीटर टेक्नीशियन के 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की गई। वहीं मेसर्स एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा लाइफ मित्र, सेल्स ऑफिसर एवं डेवलपमेंट ऑफिसर के कुल 180 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त मेसर्स सॉफ्टबीट कम्प्यूटर रायगढ़ द्वारा नर्सिंग ट्यूटर के 4 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इस प्रकार रोजगार मेले में कुल 684 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई।
 रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, बी.एससी. एवं बी.एससी. नर्सिंग जैसी विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता, कौशल एवं अनुभव के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर, जिला स्तरीय रोजगार मेले में 42 अभ्यर्थियों का मौके पर चयन जिला प्रशासन की विशेष पहल से 684 रिक्त पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया, निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया साक्षात्कार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन रायगढ़ लगातार सार्थक प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ द्वारा आज जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेला जिले के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार प्राप्ति का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई। मेले में कुल 42 अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन किया गया, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया संबंधित कंपनियों द्वारा आगे भी जारी रहेगी। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले के लिए कुल 331 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इनमें से 88 अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के समक्ष साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन एवं योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 42 अभ्यर्थियों का तत्काल चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में युवाओं के साथ-साथ युवतियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने रोजगार के अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की तीन प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। मेसर्स श्रमिन वेल्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रिकल मीटर टेक्नीशियन के 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की गई। वहीं मेसर्स एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा लाइफ मित्र, सेल्स ऑफिसर एवं डेवलपमेंट ऑफिसर के कुल 180 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त मेसर्स सॉफ्टबीट कम्प्यूटर रायगढ़ द्वारा नर्सिंग ट्यूटर के 4 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इस प्रकार रोजगार मेले में कुल 684 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई। रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, बी.एससी. एवं बी.एससी. नर्सिंग जैसी विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता, कौशल एवं अनुभव के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 26, 2026

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अवैध उत्खनन पर हुई व्यापक समीक्षा

कलेक्टर एवं एसएसपी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

ब्लैक स्पॉट सुधार, हाईवे निगरानी तंत्र गठन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
 बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
 कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अवैध उत्खनन पर हुई व्यापक समीक्षा कलेक्टर एवं एसएसपी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश ब्लैक स्पॉट सुधार, हाईवे निगरानी तंत्र गठन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 25, 2026

50 दिन तक मौत से लड़ता रहा नवजात, मेडिकल कॉलेज रायगढ़ के डॉक्टरों ने बचाई जिंदगी उम्मीद छोड़ चुके माता-पिता को स्वस्थ शिशु सौंपा, चिकित्सकों की सेवा भावना बनी मिसाल 33 सप्ताह में जन्मे 1.7 किलो के गंभीर नवजात का निःशुल्क हुआ सफल उपचार स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय, रायगढ़ के चिकित्सकों ने सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने एक नन्ही जिंदगी को नया जीवनदान दिया। जूटमिल निवासी दंपति श्री ललित एवं श्रीमती सुगंधी के समयपूर्व जन्मे गंभीर रूप से बीमार नवजात को 50 दिनों तक चले जटिल उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। गर्भावस्था के मात्र 33वें सप्ताह में जन्मा यह शिशु केवल 1.7 किलोग्राम वजन का था। जन्म के तुरंत बाद उसे गंभीर श्वसन संबंधी परेशानी होने लगी और पहले ही दिन से बार-बार दौरे पड़ने लगे। जांच में फेफड़ों में रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) और निमोनिया जैसी जटिल बीमारियों का पता चला। स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण नवजात को तत्काल नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने शिशु को कई बार रक्त और प्लाज्मा चढ़ाया। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया गया। लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। इसके बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन (एनआईव्ही) पर लाया गया। भर्ती अवधि के दौरान हुए कोलेस्टेटिक पीलिया का भी सफलतापूर्वक उपचार किया गया। बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणेश्वर कुमार सोनी ने बताया कि उपचार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब शिशु की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। परिस्थितियां इतनी चुनौतीपूर्ण थीं कि माता-पिता ने भी उम्मीद लगभग छोड़ दी थी और अस्पताल आना बंद कर दिया था। लेकिन एनआईसीयू की टीम ने हार नहीं मानी और पूरे समर्पण के साथ उपचार जारी रखा। धीरे-धीरे शिशु ने दूध लेना शुरू किया, उसका वजन बढ़ा और सामान्य गतिविधियां विकसित होने लगीं। पूरे उपचार के दौरान शिशु 23 दिन वेंटिलेटर और 17 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहा। करीब 50 दिनों तक चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने दिन-रात उसकी निगरानी कर उपचार किया। अंततः शिशु पूरी तरह स्थिर, दौरे-मुक्त और सामान्य ऑक्सीजन स्तर के साथ स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। #RaigarhDistt - Raigarh News