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Pro Raigarh

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छत्तीसगढ़ में किसान तेजी से वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर हैं। नैनो उर्वरक फसलों को संतुलित पोषण प्रदान करने के साथ उर्वरक प्रबंधन को अधिक प्रभावी और किफायती बना रहे हैं। इससे लागत में कमी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उत्पादन क्षमता में वृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।

आधुनिक तकनीक से सशक्त कृषि किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई राह प्रशस्त कर रही है।
विश्व साइकिल दिवस पर रायगढ़ में उमड़ा फिटनेस का उत्साह

‘संडेज ऑन साइकिल’ रैली में सैकड़ों लोगों ने निभाई सहभागिता

स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों ने दिया फिट इंडिया का संदेश

स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और नियमित व्यायाम के प्रति किया जागरूक, सभी ने लिया फिट भारत निर्माण का संकल्प

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर रविवार सुबह आज रायगढ़ शहर में आयोजित ‘‘संडेज ऑन साइकिल’’ रैली फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश बनकर उभरी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशानुसार तथा फिट इंडिया मूवमेंट के तहत जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, अधिकारियों-कर्मचारियों, खेल प्रेमियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रातः 6.30 बजे रायगढ़ स्टेडियम, बोईरदादर से प्रारंभ हुई साइकिल रैली चक्रधर चौक, सिग्नल चौक एवं शहीद भगत सिंह चौक होते हुए पुनः सिग्नल चौक पहुंची तथा कमला नेहरू उद्यान में इसका समापन हुआ। रैली के दौरान 150 प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
 इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइकिलिंग केवल एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और सक्रिय जीवनशैली की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उन्होंने युवाओं एवं नागरिकों से फिट इंडिया अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मौके पर सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण रायगढ़ श्रीमती प्रतिमा सागर ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं और नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने जिलेवासियों से नियमित रूप से साइकिलिंग एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों को अपनाने की अपील की।
 कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन बचत तथा पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। आयोजन में शामिल सभी प्रतिभागियों एवं समूहों का पंजीयन भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल पर भी किया गया।
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अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों के समग्र विकास पर मंथन, संसदीय समिति की बैठक में शामिल हुए राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

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नैनो उर्वरकों ने बदली खेती की तस्वीर, किसान जगदीश प्रधान को मिला बेहतर उत्पादन

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अपनाई आधुनिक तकनीक

पांच एकड़ में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से फसल वृद्धि और उत्पादन में मिला सकारात्मक परिणाम

लागत में आई कमी, खेती बनी अधिक लाभकारी

खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। रायगढ़ विकासखंड के ग्राम भिखारीमाल निवासी किसान जगदीश प्रधान ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
 जगदीश प्रधान ने अपनी लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया। वे बताते हैं कि कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन से उन्हें इन उर्वरकों के सही उपयोग की समझ मिली। इसके बाद उन्हों
सुशासन तिहार में प्रशासन की संवेदनशील पहल, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण

विभिन्न शिविरों में वॉकर, वॉकिंग स्टिक और श्रवण यंत्र का वितरण, हितग्राहियों को मिली राहत

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छत्तीसगढ़ के किसान आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे नैनो उर्वरक संतुलित पोषण, उर्वरकों के प्रभावी उपयोग और लागत में बचत को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता मिल रही है।

नैनो उर्वरकों पर बढ़ता विश्वास समृद्ध किसान, सशक्त कृषि और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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हाथियों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा - वन मंत्री श्री केदार कश्यप

राष्ट्रीय कार्यशाला का वन मंत्री ने किया वर्चुअल शुभारंभ, विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

छत्तीसगढ़ में बढ़ी हाथियों की संख्या, संरक्षण के साथ मानव-हाथी संघर्ष कम करना भी सरकार की प्राथमिकता

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किसान बनकर व्यापारी की दुकान पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया भंडाफोड़

750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेच रहा था व्यापारी, प्रशासन ने गोदाम सील कर 74 बोरी खाद जब्त की

खाद विक्रय पर लगा 10 दिन का प्रतिबंध

कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई, किसानों से धोखाधड़ी करने वालों को दी कड़ी चेतावनी
किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता, सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद का भंडारण जारी

किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण पर विशेष फोकस

अब तक 7 हजार मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण

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रेत के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग की कार्रवाई

डूमरपाली में पोकलेन मशीन जब्त, वाहन मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज
खेत बचाओ अभियान के तहत गोढ़ी में कृषक चर्चा आयोजित

हरी खाद, बीजीए खाद एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने किसानों को किया गया जागरूक

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बाल मधुमेह की समय पर पहचान और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ की पहल

105 मितानिन प्रशिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

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छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, यह तकनीक न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी प्रोत्साहित कर रही है। समृद्ध किसान और सशक्त कृषि की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: पुरुषोत्तम यादव

जिला रायगढ़ के ग्राम पंचायत भैनापारा के पुरुषोत्तम यादव का वर्षों पुराना सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ। अब उन्हें मिला है सुरक्षित, मजबूत और पक्का आशियाना। 

सुशासन तिहार 2026 में मकान की चाबी प्राप्त कर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलेभर की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का हुआ आयोजन

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की दी गई जानकारी, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल गांव बनाने पर जोर

जिला प्रशासन द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में आयोजित इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करना रहा। विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि ठोस अपशिष्टों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके माध्यम से न केवल गांवों को स्वच्छ बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
 ग्राम सभाओं में घरेलू कचरे के पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्टों के अलग-अलग संग्रहण, प्लास्टिक अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान तथा स्वच्छता गतिविधियों में जनसहभागिता की आवश्यकता पर विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया गया। ग्राम पंचायतों में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों एवं युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, रायगढ़ को मिलेगा आधुनिक स्वरूप-वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

शहर के विभिन्न विकास कार्यों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश

वार्ड क्रमांक 26 में सामुदायिक भवन का भूमिपूजन,  विश्व पर्यावरण दिवस पर सिंदूर पार्क में किया पौधरोपण

प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, जनसुविधा और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। रायगढ़ को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ढिमरापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नाली निर्माण कार्य, सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन, दीनदयालपुरम फेस-2 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जूटमिल हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र, एफसीआई परिसर में निर्माणाधीन ऑक्सीजोन, मिट्ठूमुड़ा तालाब तथा सामुदायिक भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, लागत तथा पूर्णता अवधि की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
 सिंदूर पार्क के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने पार्क में हरित क्षेत्र विस्तार, पाथवे के उन्नयन तथा सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्क केवल मनोरंजन के स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद, स्वास्थ्य संवर्धन और सामुदायिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। मिनी स्टेडियम में निर्माणाधीन स्केटिंग रिंक एवं रोल बॉल एरेना सहित खेल अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेंगी तथा जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएंगी।

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🌱 5 एकड़ में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के सफल प्रयोग से किसान जगदीश प्रधान को बेहतर फसल वृद्धि, उत्पादन में बढ़ोतरी और कम लागत में अधिक लाभ मिला। 

आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़कर वे अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। 🚜🌾

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विश्व पर्यावरण दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ|

स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का आधार है। आइए, प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेकर हरित और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।
मातृशक्ति का सम्मान, सुशासन की पहचान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की।

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पहाड़ों और जंगलों के बीच पहुंची शासन की योजना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्तला बनीं बदलाव की वाहक

84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रचा सेवा और समर्पण का उदाहरण

पण्डो-कोरवा बहुल वनांचल में घर-घर पहुंचीं, कई हितग्राहियों को साथ लेकर तय किए दस-दस किलोमीटर के कठिन रास्ते

 विकास की असली तस्वीर अक्सर उन दूरस्थ बस्तियों में दिखाई देती है, जहां सुविधाएं सीमित होती हैं, लेकिन सेवा का संकल्प असीमित। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य धरमजयगढ़ विकासखंड के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुन्तला तिर्की ने ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। कठिन पहाड़ी रास्तों, सीमित संसाधनों और परिवहन सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तक पहुंचकर न केवल उन्हें योजना की जानकारी दी, बल्कि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी कराई। उनके अथक प्रयासों से 84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी।
धरमजयगढ़ के कापू परियोजना अंतर्गत आने वाला खम्हार सेक्टर जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी सेक्टर के रामपुरिया आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहाड़ी और वन क्षेत्र से गुजरते हुए तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो और कोरवा समुदाय की आबादी वाले इस गांव में महतारी वंदन योजना के 84 हितग्राही पंजीकृत थे।
योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक था, लेकिन दूरस्थ भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण यह कार्य आसान नहीं था। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्तला तिर्की ने जिम्मेदारी को केवल सरकारी दायित्व नहीं माना, बल्कि इसे महिलाओं तक शासन की योजना पहुंचाने का मिशन बना लिया।
उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क किया, उन्हें ई-केवाईसी की आवश्यकता समझाई और योजना के लाभों की जानकारी दी। कई बार उन्हें हितग्राहियों के साथ पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी। अनेक महिलाओं को वे स्वयं अपने साथ लेकर लगभग दस किलोमीटर दूर खम्हार तक पहुंचीं, ताकि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके। जिन महिलाओं की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो पाई, उन्हें बाद में धरमजयगढ़ ले जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराईं।
लगातार प्रयासों, धैर्य और समर्पण का परिणाम यह रहा कि 84 में से 83 हितग्राहियों की ई-केवाईसी समय पर पूरी हो गई। शेष एक हितग्राही के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
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एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सचिवों का प्रशिक्षण आयोजित

ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने पर जोर

सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़ एवं तमनार में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना तथा एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इस दौरान सचिवों को ग्राम पंचायतों की भूमिका, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन तथा अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
 प्रशिक्षण में बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के तहत निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा सचिवों को सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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प्रभारी मंत्री ने किया कोसमनारा में 23.03 करोड़ रुपये की लागत से उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का भूमिपूजन

प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने कहा- कृषि शिक्षा और अनुसंधान से सशक्त होंगे किसान एवं युवा

सांसद श्री राधेश्याम राठिया बोले- क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा उच्च शिक्षा और रोजगार का नया अवसर

प्रदेश के कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा में 23 करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, 100 सीटर बालक छात्रावास तथा 100 सीटर बालिका छात्रावास भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ग्राम पटेलपाली स्थित फल-सब्जी मंडी परिसर में 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण भी किया गया।
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन की शुरुआत जय मां चंद्रहासिनी के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह संस्थान आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से प्राप्त ज्ञान और तकनीक किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
 प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने किसानों से जैविक खेती को अपनाने तथा गोबर खाद एवं जैविक उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इसलिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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बच्चों में डायबिटीज की समय पर पहचान और उपचार को लेकर कार्यशाला आयोजित

स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई तकनीकी जानकारी

कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों के बढ़ते मधुमेह विशेषकर डायबिटीज (बाल मधुमेह की समय पर पहचान) प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित कुल 170 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
 कार्यशाला में यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को डायबिटीज के लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार तथा समग्र प्रबंधन की तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, काउंसलिंग और रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियां तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग के महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा कर विषय की गहन समझ विकसित की, जिससे भविष्य में रोगी देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम बताया। प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह एवं अक्षय तिवारी (मास्टर ट्रेनर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कैनन डेनियल जिला नोडल अधिकारी एनसीडी, डॉ. सुमित मंडल सहायक नोडल सलाहकार, डॉ. जावेद जिला नोडल सिकल सेल, सुश्री रंजना पैकरा तथा श्रीमती सीमा बरेठ (डीपीएचएन) का विशेष सहयोग रहा।
 विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी, थकान, धुंधला दिखाई देना तथा बच्चों में चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, मीठे पेय पदार्थों से परहेज और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित विकास का महाअभियान, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को मिलेगी नई गति

मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जिलेभर में होंगे जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महात्मा गांधी नरेगा, ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तथा वीबी-जीराम जी के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
 जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल सुरक्षा को मजबूत करना है। ग्राम पंचायतों से लेकर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
 जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 791 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए गए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 288 नए कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने तथा वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अमृत सरोवर, तालाब, जलाशय, स्टॉप डैम एवं अन्य जल संरचनाओं के विकास से जिले में जल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है। वहीं पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य भी किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत वृक्षारोपण, ब्लॉक प्लांटेशन एवं सड़क किनारे वृक्षारोपण सहित 416 वृक्षारोपण कार्यों में 68 हजार 247 पौधे स्वीकृत किए गए, जिनमें से 46 हजार 23 पौधों का रोपण पूर्ण किया जा चुका है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए दीर्घकालिक आय एवं आजीविका का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

ग्राम सभाओं से स्कूलों तक चलेगा जागरूकता अभियान, ‘एक बच्चा-एक पौधा’ बनेगा आकर्षण का केंद्र
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