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Pro Raigarh

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धान छोड़ रागी अपनाई, अब समृद्धि की नई फसल काट रहे लैलूंगा के आदिवासी किसान

डीएमएफ के सहयोग और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से ग्रीष्मकालीन रागी उत्पादन बना आय बढ़ाने का नया मॉडल

गोसाई राम राठिया के नेतृत्व में किसानों ने 45 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले रागी बीज की पहली खेप बीज निगम को बेची

बदलाव की शुरुआत अक्सर एक छोटे कदम से होती है। लैलूंगा विकासखंड के वनांचल ग्राम फुठामुड़ा में यही बदलाव आज किसानों की नई पहचान बन चुका है। कभी ग्रीष्मकाल में अधिक पानी और अधिक लागत वाली धान की खेती करने वाले यहां के आदिवासी किसानों ने अब रागी (मड़ुआ) की खेती अपनाकर न केवल अपनी आय का नया रास्ता खोला है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
 इस परिवर्तन की अगुवाई प्रगतिशील किसान गोसाई राम राठिया ने की। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के सहयोग से उन्होंने गांव के किसानों को संगठित किया और ग्रीष्मकाल में धान के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली पोषक फसल रागी की सामुदायिक खेती शुरू कराई। वैज्ञानिक पद्धति, सामूहिक मेहनत और विभागीय सहयोग का परिणाम यह रहा कि पहली ही फसल में किसानों को उत्कृष्ट गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त हुआ। बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए किसानों ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराया। घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त रागी सुरक्षित रखने के बाद किसानों ने 45 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले रागी बीज की पहली खेप निगम को विक्रय की। यह उपलब्धि न केवल किसानों की अतिरिक्त आय का माध्यम बनी, बल्कि फुठामुड़ा को रागी बीज उत्पादन के उभरते केंद्र के रूप में नई पहचान भी दिला रही है।
 आज गोसाई राम राठिया की पहल से गांव के अनेक किसान रागी उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कम पानी, कम लागत और बेहतर लाभ देने वाली यह खेती प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है। पोषण से भरपूर मोटे अनाज को बढ़ावा देने की दिशा में यह प्रयास शासन की मंशा को भी साकार कर रहा है। फुठामुड़ा की यह सफलता बताती है कि जब किसानों को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और योजनाओं का लाभ समय पर मिले, तो खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का मजबूत आधार बन जाती है। लैलूंगा के आदिवासी किसानों की यह कहानी आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा और कृषि नवाचार की नई मिसाल है।
नशा मुक्त भारत अभियान को मिला जनसहभागिता का संबल

जिला जेल में बंदियों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ, गीत-संगीत के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में नशामुक्त भारत सप्ताह एवं नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह के अवसर पर विभिन्न  जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के समापन अवसर पर जिला जेल रायगढ़ में विशेष नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
 कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी बंदियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों, उनके सामाजिक एवं पारिवारिक प्रभावों तथा नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी नशामुक्ति का प्रभावी संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
 उपसंचालक समाज कल्याण श्री शिवशंकर पाण्डेय ने बताया कि नशा व्यक्ति की क्षमता, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। युवाओं को नशे की लत से बचाने तथा समाज में व्यापक जनजागरूकता लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना तथा जनसहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण को गति देना है। समाज कल्याण विभाग ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण में सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
 कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक श्री जी.एस.सोरी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक श्री सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक श्री कुबेर चरण चौहान सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बंदियों ने सहभागिता की।
सीएम सर तो दिल के अच्छे हैं” - UPSC prelims उत्तीर्ण अभ्यर्थी मुख्यमंत्री जी से मिलकर उनकी सरलता के हुए मुरीद। 

छत्तीसगढ़ ट्रायबल यूथ हॉस्टल में अध्ययनरत अभ्यर्थियों ने UPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। बेहतर आवास, अध्ययन सुविधाओं और मार्गदर्शन के लिए अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।

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टेक्सटाइल सेक्टर: प्रदेश के विकास का नया इंजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन सरकार छत्तीसगढ़ को निवेश और रोजगार का नया केंद्र बना रही है। नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में ₹445 करोड़+ के निवेश और 11,000+ रोजगार के अवसर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। 

यही है विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव।

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स्वस्थ मिट्टी, संतुलित पोषण और टिकाऊ कृषि की दिशा में नैनो उर्वरक एक महत्वपूर्ण पहल बन रहे हैं। यह पोषक तत्वों के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी की जैविक सक्रियता को बनाए रखने तथा पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में सहायक हैं। आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए एक उपयोगी विकल्प है।
नैनो उर्वरक अपनाएं, स्वस्थ मिट्टी और हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।
रेडक्रॉस व मेडिकल कॉलेज के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर संपन्न, 716 यूनिट रक्त संग्रह

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ द्वारा किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के सहयोग से जिले के विभिन्न इकाइयों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का आयोजन अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा, अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड गारे पेलमा कोल माइन्स, अदानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड छोटे भंडार में किया गया। शिविर का शुभारंभ संबंधित अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
 शिविर में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। अम्बूजा सीमेंट लिमिटेड में 61 यूनिट, अदानी कोल माइन्स गारे पेलमा-में 135 यूनिट, अदानी पावर लिमिटेड में 251 यूनिट तथा अदानी प्रोजेक्ट लिमिटेड में 269 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस प्रकार कुल 716 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायगढ़ ने शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी संस्थाओं, रक्तदाताओं एवं सहयोगी चिकित्सकीय दलों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग देने का आग्रह किया गया। शिविर को सफल बनाने में रेडक्रॉस सोसायटी के कर्मचारियों, किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय तथा संत बाबा गुरु घासीदास स्मृति चिकित्सालय रायगढ़ के चिकित्सकीय दल का विशेष योगदान रहा।
खरीफ 2026 के लिए लागू हुई कृषक उन्नति योजना

धान के बदले अन्य फसल लेने पर मिलेंगे 15 हजार रुपए प्रति एकड़

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन के लिए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह योजना खरीफ वर्ष 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि लागत में राहत देना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
 उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा ने बताया कि योजना के तहत इस बार विशेष प्रावधान किया गया है। जो किसान पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और इस वर्ष धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों का चयन करेंगे, उन्हें 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को दलहन, तिलहन और अन्य नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहन मिले�
50 दिन तक मौत से लड़ता रहा नवजात, मेडिकल कॉलेज रायगढ़ के डॉक्टरों ने बचाई जिंदगी

उम्मीद छोड़ चुके माता-पिता को स्वस्थ शिशु सौंपा, चिकित्सकों की सेवा भावना बनी मिसाल

33 सप्ताह में जन्मे 1.7 किलो के गंभीर नवजात का निःशुल्क हुआ सफल उपचार

स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय, रायगढ़ के चिकित्सकों ने सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने एक नन्ही जिंदगी को नया जीवनदान दिया। जूटमिल निवासी दंपति श्री ललित एवं श्रीमती सुगंधी के समयपूर्व जन्मे गंभीर रूप से बीमार नवजात को 50 दिनों तक चले जटिल उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। गर्भावस्था के मात्र 33वें सप्ताह में जन्मा यह शिशु केवल 1.7 किलोग्राम वजन का था। जन्म के तुरंत बाद उसे गंभीर श्वसन संबंधी परेशानी होने लगी और पहले ही दिन से बार-बार दौरे पड़ने लगे। जांच में फेफड़ों में रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) और निमोनिया जैसी जटिल बीमारियों का पता चला। स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण नवजात को तत्काल नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।
 उपचार के दौरान चिकित्सकों ने शिशु को कई बार रक्त और प्लाज्मा चढ़ाया। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया गया। लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। इसके बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन (एनआईव्ही) पर लाया गया। भर्ती अवधि के दौरान हुए कोलेस्टेटिक पीलिया का भी सफलतापूर्वक उपचार किया गया। बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणेश्वर कुमार सोनी ने बताया कि उपचार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब शिशु की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। परिस्थितियां इतनी चुनौतीपूर्ण थीं कि माता-पिता ने भी उम्मीद लगभग छोड़ दी थी और अस्पताल आना बंद कर दिया था। लेकिन एनआईसीयू की टीम ने हार नहीं मानी और पूरे समर्पण के साथ उपचार जारी रखा। धीरे-धीरे शिशु ने दूध लेना शुरू किया, उसका वजन बढ़ा और सामान्य गतिविधियां विकसित होने लगीं। पूरे उपचार के दौरान शिशु 23 दिन वेंटिलेटर और 17 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहा। करीब 50 दिनों तक चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने दिन-रात उसकी निगरानी कर उपचार किया। अंततः शिशु पूरी तरह स्थिर, दौरे-मुक्त और सामान्य ऑक्सीजन स्तर के साथ स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। 
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धरमजयगढ़ में आम और मिश्रित बागवानी बनी ग्रामीण समृद्धि की नई पहचान

मनरेगा और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से 24 पंचायतों में हरियाली के साथ बढ़ी किसानों की आमदनी

लैलूंगा का जवाफूल चावल और धरमजयगढ़ की फल बागवानी बन रहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले में नवाचार आधारित प्रयास सफल परिणाम देने लगे हैं। जिले के सुदूर वनांचल विकासखंड लैलूंगा में जहां जवाफूल चावल किसानों की आय का नया स्रोत बन रहा है, वहीं विकासखंड धरमजयगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित आम एवं मिश्रित फल बागवानी किसानों की आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
 धरमजयगढ़ की 24 ग्राम पंचायतों में लगभग 164.47 लाख रुपये की लागत से संचालित 140 आम एवं मिश्रित फल बागवानी कार्य आज ग्रामीण आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन गए हैं। जिला प्रशासन रायगढ़, जनपद पंचायत धरमजयगढ़, मनरेगा अमले तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के समन्वित प्रयासों से यह पहल ग्रामीणों के लिए दीर्घकालिक आय का माध्यम बन रही है। क्षेत्र में कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर परिवारों के सामने स्थायी आय के सीमित अवसर, भूजल स्तर में गिरावट तथा हरित आवरण में कमी जैसी चुनौतियां थीं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फल बागवानी को रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया गया।
 इस अभियान की विशेषता केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि पौधों के संरक्षण और वैज्ञानिक बागवानी प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया गया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा हितग्राहियों को नियमित प्रशिक्षण, जैविक खाद के उपयोग, पौध संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी दी गई। फील्ड विजिट और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए।
 जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ द्वारा प्रभावी समन्वय तथा ग्राम पंचायतों एवं मनरेगा अमले की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को सफलता दिलाई। परिणामस्वरूप 8,197 पौधारोपण लक्ष्य के विरुद्ध 7,787 पौधों का रोपण किया गया, जो लगभग 95 प्रतिशत उपलब्धि है। इससे 24 ग्राम पंचायतों में हरित आवरण बढ़ा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। फल बागवानी से जुड़े किसानों को अब प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है।
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर, जिला स्तरीय रोजगार मेले में 42 अभ्यर्थियों का मौके पर चयन

जिला प्रशासन की विशेष पहल से 684 रिक्त पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया, निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया साक्षात्कार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन रायगढ़ लगातार सार्थक प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ द्वारा आज जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेला जिले के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार प्राप्ति का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई। मेले में कुल 42 अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन किया गया, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया संबंधित कंपनियों द्वारा आगे भी जारी रहेगी।
 जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले के लिए कुल 331 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इनमें से 88 अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के समक्ष साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन एवं योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 42 अभ्यर्थियों का तत्काल चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में युवाओं के साथ-साथ युवतियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने रोजगार के अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
 रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की तीन प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। मेसर्स श्रमिन वेल्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रिकल मीटर टेक्नीशियन के 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की गई। वहीं मेसर्स एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा लाइफ मित्र, सेल्स ऑफिसर एवं डेवलपमेंट ऑफिसर के कुल 180 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त मेसर्स सॉफ्टबीट कम्प्यूटर रायगढ़ द्वारा नर्सिंग ट्यूटर के 4 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इस प्रकार रोजगार मेले में कुल 684 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई।
 रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, बी.एससी. एवं बी.एससी. नर्सिंग जैसी विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता, कौशल एवं अनुभव के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।
मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन में साकार हो रहा पक्के आवास का सपना

सम्मान और सुरक्षा के बेहतर जीवन-यापन का जरिया बन रही प्रधानमंत्री आवास योजना

कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, अब पक्के घर में खुशहाल जीवन जी रहा राठिया परिवार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के आवास का सपना साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल एक आवासीय योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिखने का माध्यम बन रही है। इस योजना के जरिए ऐसे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जो वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे।
 रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमगांव निवासी ललित कुमार राठिया भी उन हितग्राहियों में शामिल हैं, जिनके जीवन में प्रधानमंत्र
संतुलित पोषण और स्वस्थ मिट्टी, बेहतर कृषि की मजबूत नींव हैं। नैनो उर्वरक पोषक तत्वों की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरकों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक खेती को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह आधुनिक कृषि की दिशा में एक उपयोगी और नवाचारपूर्ण कदम है।
नैनो उर्वरक अपनाएं, मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाएं और खेती को अधिक प्रभावी बनाएं।
अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी मिलकर नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें
सेवाएं, अब और आसान, तेज और पारदर्शी 

सुशासन सरकार की पहल से लोक सेवा केंद्रों को सेवा-सेतु केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित 450 से अधिक शासकीय और डिजिटल सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे नागरिकों के समय, श्रम और संसाधनों की बचत होगी तथा सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि होगी।

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कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अवैध उत्खनन पर हुई व्यापक समीक्षा

कलेक्टर एवं एसएसपी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

ब्लैक स्पॉट सुधार, हाईवे निगरानी तंत्र गठन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
 बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
 कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।
लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं: कलेक्टर

सुशासन तिहार के आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर

डिजिटल किसान किताब, नामांतरण, बटांकन, स्वामित्व योजना एवं एग्रीस्टैक की प्रगति की समीक्षा

लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश

जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने राजस्व अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आम जनता से जुड़े प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व अधिकारी नियमित समीक्षा के माध्यम से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ राजस्व अमले, विशेषकर पटवारियों के कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की प्रगति के लिए जवाबदेह रहेगा। 
  बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त राजस्व प्रकरणों एवं उनके निराकरण की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि इन कार्यों की प्रदेश स्तर पर भी नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने डिजिटल किसान किताब के अद्यतन कार्य की समीक्षा करते हुए रिकॉर्ड अपडेट करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, कोटवारी सेवा भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्ती, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, वन अधिकार अंतर्गत फौती नामांतरण, खाता विभाजन एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष ध्यान देने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 28 से 30 जून तक

जिले के 1.34 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक खुराक

कलेक्टर के निर्देश पर जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन 28 से 30 जून तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के तहत रायगढ़ जिले के शून्य से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 34 हजार 980 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर नजदीकी पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर आएं और उन्हें पोलियो की खुराक दिलाकर इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

पहले दिन बूथों पर होगा टीकाकरण, बाद के दो दिन घर-घर पहुंचेगी टीम

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का शुभारंभ रविवार 28 जून को जिले भर के 1307 पोलियो बू
मोदी की गारंटी और साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदल रही भूमिहीन परिवारों की जिंदगी

दीनदयाल योजना के तहत रायगढ़ जिले के 32 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रहा प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग

आर्थिक सहायता से मजबूत हो रही आजीविका, बढ़ रहा परिवारों का आत्मविश्वास

सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि, जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा स्थायी संबल

वनोपज संग्राहकों, चरवाहों और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भी मिल रहा लाभ

हितग्राहियों ने जताया आभार, कहा-योजना बनी सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के कमजोर, वंचित और श्रमजीवी वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जिले के हजारों भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिवर्ष प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
 रायगढ़ जिले में इस योजना के अंतर्गत 32 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। शासन की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी और पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर है। जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पंचायत घरघोड़ा के 65, धरमजयगढ़ के 563, पुसौर के 371, किरोड़ीमल नगर के 9 तथा लैलूंगा के 304 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खरसिया के 7,391, घरघोड़ा के 1,135, छाल के 790, तमनार के 2,433, धरमजयगढ़ के 2,313, पुसौर के 7,360, मुकड़ेगा के 303, रायगढ़ के 6,985 तथा लैलूंगा के 2,020 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है।
 यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहकों, चरवाहों, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की है।
आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनेगा मोहर्रम पर्व

शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, यातायात एवं मूलभूत व्यवस्थाओं पर बनी कार्ययोजना

ताजिया-अखाड़ा के दौरान शस्त्र प्रदर्शन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था के दिए गए निर्देश

कानून-व्यवस्था बनाए रखने मजिस्ट्रेटों की होगी तैनाती

समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

जिले में 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व को आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनाया जाएगा। पर्व के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, एसडीएम श्री महेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 बैठक में मोहर्रम पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्व को पूर्ण शांति, सौहार्द एवं अनुशासन के वातावरण में मनाया जाएगा तथा सभी आयोजन निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी ताजिया एवं अखाड़ा के दौरान किसी भी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। सभी ताजिया समितियों एवं समाज प्रमुखों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
 बैठक में समाज प्रमुखों ने विभिन्न ताजिया एवं अखाड़ों में शामिल होने वाली संभावित भीड़ तथा आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव रखे। प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। नगर निगम को चांदनी चौक सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने तथा पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चांदनी चौक से गांजा चौक तक मार्ग में रखी भवन निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधों को हटाकर मार्ग को सुगम बनाने कहा गया, ताकि ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। विद्युत विभाग को ताजिया एवं अखाड़ा निकलने वाले प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था करने तथा सुरक्षित आवागमन के लिए विद्युत तारों की आवश्यक ऊंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

82 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता कर्मियों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऑडिटोरियम, रायगढ़ में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पर्यावरण विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।
 कार्यशाला में जिले की 82 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, स्वच्छता से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ग्रामों के निर्माण में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को नियमों के अनुरूप कार्य करना आवश्यक होगा।

कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया गया विशेष जोर

प्रशिक्षण सत्र के दौरान घरेलू एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रतिभागियों को 4-वे कचरा पृथक्करण प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी अपशिष्ट तथा घरेलू खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग संग्रहित करने और उनके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनती है। साथ ही ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं अंतिम निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कचरे को खुले में फेंकना, जलाना अथवा भूमि में दबाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध जुर्माना सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

बल्क वेस्ट जेनरेटरों के पंजीयन और जनजागरूकता अभियान पर हुई चर्चा

कार्यशाला में प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत क्षेत्रों में संचालित बल्क वेस्ट जेनरेटरों की पहचान करने तथा उनका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चमके रायगढ़ के ताइक्वांडो खिलाड़ी, 10 स्वर्ण पदक हासिल

नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह देशों के बीच किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

कलेक्टर ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों एवं कोच का किया सम्मान

नेपाल के पोखरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में रायगढ़ जिले के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10 स्वर्ण पदक हासिल किए। 14 से 17 जून 2026 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश सहित छह देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। विभिन्न वर्गों में आयोजित मुकाबलों में रायगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने कौशल और अनुशासित प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक अर्जित किए।
 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षक का आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा सम्मान किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि रायगढ़ के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के साथ शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। 
  प्रतियोगिता में ताइक्वांडो खिलाड़ी निहाल ठक्कर, वसु शर्मा, रिया तिवारी, अक्षिता पाण्डेय, अनु आदित्य, अर्पिता आदित्य, मुकुंद अग्रवाल, वर्णिका अग्रवाल, वाची शर्मा एवं तनिष्क वर्मा ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। खिलाड़ियों ने बताया कि विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए नया उत्साह मिला है। कोच विकास सिंह ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए रायगढ़ का मान बढ़ाया है।
पीएम गति शक्ति पोर्टल से विकास परियोजनाओं में आएगी गति और पारदर्शिता: कलेक्टर

जिला गति शक्ति समिति की द्वितीय बैठक में अधिकारियों को दिया गया पीएम गति शक्ति पोर्टल का प्रशिक्षण

लाइव डेमो के माध्यम से पोर्टल के उपयोग और बड़े प्रोजेक्ट्स में इसके सफल क्रियान्वयन की दी गई जानकारी

 जिला गति शक्ति समिति की द्वितीय बैठक के अंतर्गत आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को पीएम गति शक्ति पोर्टल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में इसकी भूमिका से अवगत कराना था। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री आर. गोकुल, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, अपर कलेक्टर डॉ.प्रियंका वर्मा, उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
 बैठक में उद्योग संचालनालय से रायगढ़ पहुंची सहायक संचालक सुश्री कुमुद मिश्रा ने अधिकारियों को पीएम गति शक्ति योजना का विस्तृत परिचय देते हुए इसके उद्देश्य, कार्यप्रणाली तथा शासन की विभिन्न विकास परियोजनाओं में इसकी उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम गति शक्ति पोर्टल विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, आधारभूत संरचना परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है।
 प्रशिक्षण के दौरान पीएम गति शक्ति समिति की कंसल्टेंट श्रीमती प्रिया ने पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों को इसकी विभिन्न विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पोर्टल पर उपलब्ध भू-स्थानिक आंकड़ों, आधारभूत संरचना से संबंधित सूचनाओं तथा विभिन्न विभागों के डाटा का उपयोग कर विकास परियोजनाओं की बेहतर योजना तैयार की जा सकती है। उन्होंने पोर्टल पर लाइव उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को परियोजनाओं की मॉनिटरिंग, विश्लेषण एवं निर्णय प्रक्रिया में इसके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
 
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योग दिवस पर अमृत सरोवरों में दिखा उत्साह, ग्रामीणों ने किया सामूहिक योग

जामपाली और छोटे मुडपार में ग्रामीणों ने किया सामूहिक योग, स्वास्थ्य और फिटनेस का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न अमृत सरोवर स्थलों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नियमित योग अपनाने का संकल्प लिया।
 जनपद पंचायत पूसौर के ग्राम पंचायत तेलीपाली स्थित अमृत सरोवर जामपाली में आयोजित योग कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। उन्होंने सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम कर योग के महत्व को समझा तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसी प्रकार जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम पंचायत छोटे मुडपार स्थित अमृत सरोवर नया तालाब में भी लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
 अमृत सरोवरों के प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इन कार्यक्रमों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का कार्य किया। योग दिवस के अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प भी लिया।
भूतपूर्व सैनिकों ने मनाया विश्व योग दिवस, योगाभ्यास कर दिया स्वास्थ्य का संदेश

विश्व योग दिवस के अवसर पर 21 जून को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा रायगढ़ में भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के पूर्व सैनिक, उनके परिजन तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। योगाभ्यास के पश्चात जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं कमाण्डर हरिश्चन्द्र तिवारी ने उपस्थित लोगों को योग के इतिहास, महत्व और दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की कला है। उन्होंने कर्म योग, ध्यान योग और प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में योगी बनकर समाज के लिए उपयोगी बनने का संदेश दिया।

योगस्थल से शौर्य स्थल तक निकली पैदल एवं बाइक रैली

विश्व योग दिवस के अवसर पर आमजन एवं युवाओं में योग के प्रति जागरूकता फैलाने तथा इसके महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से कमला नेहरू पार्क स्थित योग स्थल से कारगिल चौक स्थित शौर्य स्थल तक पैदल एवं बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली में शामिल भूतपूर्व सैनिकों, युवाओं और नागरिकों ने नियमित योग अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन ने स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को एक साथ जोड़ते हुए लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया।
सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान से शासन की योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने में विशेष फोकस करें- कलेक्टर

समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा-निर्देश, 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण पर जोर

लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, जल जीवन मिशन में प्रगति और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के मामलों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के दिए निर्देश

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी देते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समन्वित रूप से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
 कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने निर्देशित करते हुए कहा कि सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित 31 व्यक्तिगत हितग्राहीमूलक योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाना है। अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के साथ-साथ नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान संबंधी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर विभागवार कार्ययोजना तैयार करने तथा मैदानी स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
 बैठक में बताया गया कि अभियान के प्रथम चरण में ग्रामवार आधारभूत आंकड़ों का संकलन एवं सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद डाटा विश्लेषण के आधार पर चिन्हित पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के आयोजन से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा योजनाओं की पात्रता से संबंधित जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए।
 समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की।