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कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अवैध उत्खनन पर हुई व्यापक समीक्षा कलेक्टर एवं एसएसपी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश ब्लैक स्पॉट सुधार, हाईवे निगरानी तंत्र गठन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।

9 views | Raigarh, Chhattisgarh | Jun 25, 2026

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लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं: कलेक्टर

सुशासन तिहार के आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर

डिजिटल किसान किताब, नामांतरण, बटांकन, स्वामित्व योजना एवं एग्रीस्टैक की प्रगति की समीक्षा

लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश

जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने राजस्व अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आम जनता से जुड़े प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व अधिकारी नियमित समीक्षा के माध्यम से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ राजस्व अमले, विशेषकर पटवारियों के कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की प्रगति के लिए जवाबदेह रहेगा। 
  बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त राजस्व प्रकरणों एवं उनके निराकरण की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि इन कार्यों की प्रदेश स्तर पर भी नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने डिजिटल किसान किताब के अद्यतन कार्य की समीक्षा करते हुए रिकॉर्ड अपडेट करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, कोटवारी सेवा भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्ती, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, वन अधिकार अंतर्गत फौती नामांतरण, खाता विभाजन एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष ध्यान देने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं: कलेक्टर सुशासन तिहार के आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर डिजिटल किसान किताब, नामांतरण, बटांकन, स्वामित्व योजना एवं एग्रीस्टैक की प्रगति की समीक्षा लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने राजस्व अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आम जनता से जुड़े प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व अधिकारी नियमित समीक्षा के माध्यम से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ राजस्व अमले, विशेषकर पटवारियों के कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की प्रगति के लिए जवाबदेह रहेगा। बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त राजस्व प्रकरणों एवं उनके निराकरण की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि इन कार्यों की प्रदेश स्तर पर भी नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने डिजिटल किसान किताब के अद्यतन कार्य की समीक्षा करते हुए रिकॉर्ड अपडेट करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, कोटवारी सेवा भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्ती, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, वन अधिकार अंतर्गत फौती नामांतरण, खाता विभाजन एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष ध्यान देने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 25, 2026

मोदी की गारंटी और साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदल रही भूमिहीन परिवारों की जिंदगी

दीनदयाल योजना के तहत रायगढ़ जिले के 32 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रहा प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग

आर्थिक सहायता से मजबूत हो रही आजीविका, बढ़ रहा परिवारों का आत्मविश्वास

सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि, जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा स्थायी संबल

वनोपज संग्राहकों, चरवाहों और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भी मिल रहा लाभ

हितग्राहियों ने जताया आभार, कहा-योजना बनी सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के कमजोर, वंचित और श्रमजीवी वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जिले के हजारों भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिवर्ष प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
 रायगढ़ जिले में इस योजना के अंतर्गत 32 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। शासन की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी और पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर है। जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पंचायत घरघोड़ा के 65, धरमजयगढ़ के 563, पुसौर के 371, किरोड़ीमल नगर के 9 तथा लैलूंगा के 304 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खरसिया के 7,391, घरघोड़ा के 1,135, छाल के 790, तमनार के 2,433, धरमजयगढ़ के 2,313, पुसौर के 7,360, मुकड़ेगा के 303, रायगढ़ के 6,985 तथा लैलूंगा के 2,020 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है।
 यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहकों, चरवाहों, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की है।

मोदी की गारंटी और साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदल रही भूमिहीन परिवारों की जिंदगी दीनदयाल योजना के तहत रायगढ़ जिले के 32 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रहा प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग आर्थिक सहायता से मजबूत हो रही आजीविका, बढ़ रहा परिवारों का आत्मविश्वास सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि, जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा स्थायी संबल वनोपज संग्राहकों, चरवाहों और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भी मिल रहा लाभ हितग्राहियों ने जताया आभार, कहा-योजना बनी सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के कमजोर, वंचित और श्रमजीवी वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जिले के हजारों भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिवर्ष प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है। रायगढ़ जिले में इस योजना के अंतर्गत 32 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। शासन की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी और पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर है। जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पंचायत घरघोड़ा के 65, धरमजयगढ़ के 563, पुसौर के 371, किरोड़ीमल नगर के 9 तथा लैलूंगा के 304 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खरसिया के 7,391, घरघोड़ा के 1,135, छाल के 790, तमनार के 2,433, धरमजयगढ़ के 2,313, पुसौर के 7,360, मुकड़ेगा के 303, रायगढ़ के 6,985 तथा लैलूंगा के 2,020 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहकों, चरवाहों, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की है।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 25, 2026

आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनेगा मोहर्रम पर्व

शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, यातायात एवं मूलभूत व्यवस्थाओं पर बनी कार्ययोजना

ताजिया-अखाड़ा के दौरान शस्त्र प्रदर्शन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था के दिए गए निर्देश

कानून-व्यवस्था बनाए रखने मजिस्ट्रेटों की होगी तैनाती

समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

जिले में 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व को आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनाया जाएगा। पर्व के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, एसडीएम श्री महेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 बैठक में मोहर्रम पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्व को पूर्ण शांति, सौहार्द एवं अनुशासन के वातावरण में मनाया जाएगा तथा सभी आयोजन निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी ताजिया एवं अखाड़ा के दौरान किसी भी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। सभी ताजिया समितियों एवं समाज प्रमुखों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
 बैठक में समाज प्रमुखों ने विभिन्न ताजिया एवं अखाड़ों में शामिल होने वाली संभावित भीड़ तथा आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव रखे। प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। नगर निगम को चांदनी चौक सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने तथा पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चांदनी चौक से गांजा चौक तक मार्ग में रखी भवन निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधों को हटाकर मार्ग को सुगम बनाने कहा गया, ताकि ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। विद्युत विभाग को ताजिया एवं अखाड़ा निकलने वाले प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था करने तथा सुरक्षित आवागमन के लिए विद्युत तारों की आवश्यक ऊंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनेगा मोहर्रम पर्व शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, यातायात एवं मूलभूत व्यवस्थाओं पर बनी कार्ययोजना ताजिया-अखाड़ा के दौरान शस्त्र प्रदर्शन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था के दिए गए निर्देश कानून-व्यवस्था बनाए रखने मजिस्ट्रेटों की होगी तैनाती समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन जिले में 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व को आपसी सौहार्द, शांति एवं अनुशासन के साथ मनाया जाएगा। पर्व के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, एसडीएम श्री महेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में मोहर्रम पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्व को पूर्ण शांति, सौहार्द एवं अनुशासन के वातावरण में मनाया जाएगा तथा सभी आयोजन निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी ताजिया एवं अखाड़ा के दौरान किसी भी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। सभी ताजिया समितियों एवं समाज प्रमुखों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। बैठक में समाज प्रमुखों ने विभिन्न ताजिया एवं अखाड़ों में शामिल होने वाली संभावित भीड़ तथा आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव रखे। प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। नगर निगम को चांदनी चौक सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने तथा पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चांदनी चौक से गांजा चौक तक मार्ग में रखी भवन निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधों को हटाकर मार्ग को सुगम बनाने कहा गया, ताकि ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। विद्युत विभाग को ताजिया एवं अखाड़ा निकलने वाले प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था करने तथा सुरक्षित आवागमन के लिए विद्युत तारों की आवश्यक ऊंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 24, 2026

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

82 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता कर्मियों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऑडिटोरियम, रायगढ़ में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पर्यावरण विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।
 कार्यशाला में जिले की 82 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, स्वच्छता से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ग्रामों के निर्माण में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को नियमों के अनुरूप कार्य करना आवश्यक होगा।

कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया गया विशेष जोर

प्रशिक्षण सत्र के दौरान घरेलू एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रतिभागियों को 4-वे कचरा पृथक्करण प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी अपशिष्ट तथा घरेलू खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग संग्रहित करने और उनके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनती है। साथ ही ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं अंतिम निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कचरे को खुले में फेंकना, जलाना अथवा भूमि में दबाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध जुर्माना सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

बल्क वेस्ट जेनरेटरों के पंजीयन और जनजागरूकता अभियान पर हुई चर्चा

कार्यशाला में प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत क्षेत्रों में संचालित बल्क वेस्ट जेनरेटरों की पहचान करने तथा उनका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित 82 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता कर्मियों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऑडिटोरियम, रायगढ़ में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पर्यावरण विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यशाला में जिले की 82 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, स्वच्छता से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ग्रामों के निर्माण में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को नियमों के अनुरूप कार्य करना आवश्यक होगा। कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया गया विशेष जोर प्रशिक्षण सत्र के दौरान घरेलू एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रतिभागियों को 4-वे कचरा पृथक्करण प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी अपशिष्ट तथा घरेलू खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग संग्रहित करने और उनके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनती है। साथ ही ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं अंतिम निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कचरे को खुले में फेंकना, जलाना अथवा भूमि में दबाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध जुर्माना सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। बल्क वेस्ट जेनरेटरों के पंजीयन और जनजागरूकता अभियान पर हुई चर्चा कार्यशाला में प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत क्षेत्रों में संचालित बल्क वेस्ट जेनरेटरों की पहचान करने तथा उनका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 24, 2026

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अवैध उत्खनन पर हुई व्यापक समीक्षा कलेक्टर एवं एसएसपी ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश ब्लैक स्पॉट सुधार, हाईवे निगरानी तंत्र गठन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है। - Raigarh News