*“चिट्टा से कहीं बड़ा है आपका भविष्य”: युवाओं से डीजीपी अशोक तेवानी की अपील*
*CJM चेल्सी में डीजीपी ने पहुंचाया मुख्यमंत्री सुक्खू का नशामुक्त हिमाचल का संदेश; विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से एंटी-चिट्टा जन आंदोलन से जुड़ने का आह्वान*
शिमला, 17 अक्टूबर 2026:
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक तेवानी, IPS ने आज कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी (CJM), चेल्सी, शिमला में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी-चिट्टा जन आंदोलन में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह अभियान केवल नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का जन आंदोलन है।
उन्होंने विद्यार्थियों से “नशामुक्त हिमाचल के दूत” बनने का आह्वान करते हुए कहा कि वे साथियों के दबाव से बचें, सकारात्मक मित्रता को अपनाएं और नशे को अपने सपनों पर हावी न होने दें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने, उनकी बात ध्यान से सुनने तथा घर में विश्वास, संवाद और भावनात्मक सहयोग का वातावरण बनाने की अपील की।
“आपका भविष्य किसी भी प्रलोभन से अधिक शक्तिशाली है। नशे के बजाय अपने सपनों को चुनें, साथियों के दबाव के बजाय साहस को चुनें और शॉर्टकट के बजाय चरित्र को चुनें।”
वार्षिक समारोह की थीम “Ocean Odyssey” से प्रेरणा लेते हुए डीजीपी ने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, साहस, करुणा और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन की यात्रा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल अच्छे अंक या बड़े पद हासिल करने का नाम नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और अच्छा इंसान बनना ही वास्तविक सफलता है।
डीजीपी ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ड्रिल, बैंड, कराटे और स्केटिंग सहित विभिन्न शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की तथा विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।
*112: जानें • सेव करें •*
*जरूरत पर इस्तेमाल करें*
*हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से विद्यालय परिसर में* *ERSS-112 जागरूकता स्टॉल भी लगाया गया। सुश्री मोनिका शर्मा, सुपरवाइजर, ERSS-112, ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को* *आपातकालीन हेल्पलाइन 112 तथा इसकी Track Me सुविधा के बारे में जानकारी दी और सभी से अपने मोबाइल फोन में 112 सेव करने का आग्रह किया।*
हिमाचल प्रदेश की ERSS-112 सेवा ने आपातकालीन प्रतिक्रिया समय की राष्ट्रीय रैंकिंग में 34वें स्थान से प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
डीजीपी ने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन चिट्टा के खिलाफ निर्णायक सफलता के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा:
“चिट्टा के खिलाफ लड़ाई पुलिस अकेले नहीं जीत सकती। हर घर, हर स्कूल और हर नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।”
डीजीपी ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के संदेश को विद्यालय से हर घर और हर समुदाय तक पहुंचाने तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।